REET 2016 और 2018 भर्ती परीक्षा के हजारों बेरोजगार भुगत रहे हैं खामियाजा-जानिए परीक्षा से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी |

REET 2016 और 2018 भर्ती परीक्षा के हजारों बेरोजगार भुगत रहे हैं खामियाजा,रीट परीक्षा 2016 & 2018 की प्रतीक्षा सूची जारी नहीं होने से प्रदेश के हजारों बेरोजगारों को हुआ नुकसान, योग्य उम्मीदवारो ने रीट परीक्षा के मामले को कोर्ट तक पहुंचाया, अगर राजस्थान सरकार जल्द ही प्रतीक्षा सूची निकाले तो बेरोजगारों को राहत मिल सकेगी |

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर,के द्वारा Reet Bharti 2016 व Reet Bharti 2018 मे पूरी कराने का जिम्मा पहली बार लिया गया था। जिसमें आज तक निदेशालय भर्ती पूरी नहीं कर पाया हैं। जबकि उसके बाद की Reet Bharti 2021 प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय द्वारा पूरी की जा चुकी है।जिसमें सभी उम्मीदवारों को अंतिम रूप से joining दे दी गई है।

लेकिन पुरानी रीट भर्ती 2016 व रीट भर्ती 2018 के योग्य उम्मीदवार अब तक बेरोजगार घूम रहे हैं। हालांकि उनकी कोई गलती नहीं है। क्योंकि सारी गलती प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर की है। आइए आज की post में हम जानेंगे कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर ने क्या गलती की? क्यों अब तक रीट भर्ती 2016 व रीट भर्ती 2018 पूरी नहीं हो पाई है? योग्य उम्मीदवार आज भी क्यों बेरोजगार घूम रहे हैं?

Reet Bharti 2016 तथा रीट भर्ती 2018 पूरी क्यों नहीं हो पाई है?

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर ने रीट भर्ती 2016 तथा रीट भर्ती 2018 पूरी करवाने के लिए, पहली बार नोडल एजेंसी के रूप में जिम्मा लिया था। शिक्षा निदेशालय को लगा, कि वह भर्ती प्रक्रिया को आसानी से पूरी करा लेगा। लेकिन Reet Bharti 2016 तथा रीट भर्ती 2018 मे प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय द्वारा नियमों को समझने में चूक हो गई। जिसका नतीजा योग्य उम्मीदवारों को भुगतना पड़ा। इसी वजह से आज तक यह दोनों भर्तियां पूर्ण नहीं हो पाई है।

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Thousands of unemployed are facing the brunt of REET 2016 and 2018 recruitment exams

दरअसल, प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर ने द्वारा जब सभी उम्मीदवारों की merit list जारी की गई, तो उन्होंने उम्मीदवारों की पात्रता की जांच किए बिना ही चयन सूची जारी कर दी। साथ ही प्रतीक्षा सूची भी बिना document verification किए, जारी कर दी गई। जिससे रीट भर्ती 2016 तथा रीट भर्ती 2018 के लिए अयोग्य उम्मीदवार चयनित हो गए तथा योग्य उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो गए।जिस वजह से आज तक रीट भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई।

रीट भर्ती 2016 और रीट भर्ती 2018 को कोर्ट ले गए, योग्य उम्मीदवार

जब प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर के द्वारा रीट भर्ती 2016 तथा रीट भर्ती 2018 की चयन प्रक्रिया में चूक की गई। जिससे योग्य उम्मीदवार बाहर हो गए, तो योग्य उम्मीदवारों द्वारा court की शरण ली गई। जिसमें योग्य उम्मीदवारों की पैरवी जाने-माने एडवोकेट हरदीप सिंह सुंदरिया जी कर रहे हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया, कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की गलती की वजह से, हजारों योग्य candidates बेरोजगारों की तरह घूम रहे हैं।

उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर ने अगर रीट भर्ती 2021 की तरह ही चयन प्रक्रिया अपनाई होती,तो अब तक Reet Bharti  2016 तथा रीट भर्ती 2018 पूरी हो गई होती। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया है। उनको फाइनल मेरिट लिस्ट लगाने से पहले document verification करना जरूरी था। जिससे रीट भर्ती 2016 तथा रीट भर्ती 2018 मे शामिल अयोग्य उम्मीदवार बाहर हो जाते तथा योग्य उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में शामिल होते। लेकिन प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर की गलती की सजा हजारों योग्य उम्मीदवार भर रहे हैं।

Advocate  हरदीप सिंह सुंदरिया ने यह भी बताया कि रीट भर्ती 2016 में अंग्रेजी व विज्ञान- गणित के करीब 678 पद खाली हैं। इसके साथ ही रीट भर्ती 2018 में भी लेवल वन तथा लेवल 2 के भी बहुत सारे पद खाली पड़े हैं। जो कि शिक्षा निदेशालय की गलती के कारण हुआ है। जबकि योग्य उम्मीदवार इन पदों के लिए चुने जा सकते थे।

Reet Recruitment 2021 इसलिए हो गई पूरी

हालांकि प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर की गलती की वजह से reet bharti 2016 तथा रीट भर्ती 2018 फस चुकी है। लेकिन शिक्षा निदेशालय द्वारा रीट भर्ती 2021 पूरी की जा चुकी है। आखिर ऐसा क्या हुआ, कि बाद वाली भर्ती पूरी हो गई है, जबकि पहली वाली भर्ती, अब तक लटकी पड़ी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि reet bharti 2021 के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर द्वारा उम्मीदवारों के चयन हेतु नई प्रक्रिया अपनाई गई।

जिसमें रीट भर्ती 2021 की परीक्षा पास करने वाले 2 गुना उम्मीदवारों की पदों के सापेक्ष merit list जारी की गई। जिससे अगर मेरिट लिस्ट में अयोग्य उम्मीदवार भी चयनित हो गए हो, तो document verification के समय, उनको बाहर किया जा सके। साथ ही अलग से जारी की गई वेटिंग लिस्ट में से योग्य उम्मीदवारों को मौका दिया जा सके। जिससे Reet bharti 2021 की चयन प्रक्रिया पूरी हो गई और शिक्षा निदेशालय को रिक्तियों के सापेक्ष पूरे उम्मीदवार भी मिल गए।

अगर यही चयन प्रक्रिया प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर द्वारा रीट भर्ती 2016 तथा Reet bharti 2018 के लिए अपनाई गई होती, तो पुरानी लटकी भर्ती प्रक्रिया अब तक पूर्ण हो चुकी होती है। क्योंकि जब भी किसी Recruitment के लिए आवेदन लिए जाते हैं, तो बहुत से लोग अयोग्य होते हुए भी आवेदन कर देते हैं। जिसकी वजह से आवेदनों की संख्या ज्यादा हो जाती है। हालांकि nodal agency को योग्य उम्मीदवारों का चयन करना होता है। लेकिन नोडल एजेंसी के द्वारा, की गई गलती की वजह से उम्मीदवारों को नुकसान उठाना पड़ता है। जैसा कि रीट भर्ती 2016 तथा रीट भर्ती 2018 की चयन प्रक्रिया में हुआ।

बहुत जल्द सरकार निकाल सकती है हल

हालांकि योग्य उम्मीदवारों द्वारा यह मामला कोर्ट में ले जाया जा चुका है। जिससे court ही अब यह निर्णय लेगी, कि योग्य उम्मीदवारों के साथ कैसे न्याय किया जाएगा। साथ ही vacant seats को भरने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसमें प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। क्योंकि उनकी एक छोटी सी गलती की वजह से, हजारों  योग्य नौजवानों का भविष्य अंधकार में पहुंच गया है।

ऐसे में योग्य उम्मीदवार अब तक दरबदर भटक रहे हैं। उनको यही लग रहा है कि अब court ही कुछ रास्ता निकाल सकता है। क्योंकि सरकार पर वह काफी दबाव डाल चुके हैं, कि बड़ी संख्या में बचे रिक्त पदों को eligible candidates से भर दिया जाए। लेकिन सरकार द्वारा उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। सरकार भी पुरानी लटकी भर्तियों की अपेक्षा, नई भर्ती प्रक्रिया पर ध्यान दे रही है। उम्मीदवारों को court पर पूरा विश्वास है। कोर्ट ही इस संबंध में बड़ा फैसला उनके हित में ले सकती है।

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