निगम-पालिकाओं में भिश्ती पद खत्म होने से समाज के लोगों ने किया विरोध-यहाँ से जाने पूरा मामला क्या है |

निगम-पालिकाओं में भिश्ती पद खत्म होने से समाज के लोगों ने किया विरोध, पानी ढोने, शौचालय साफ करने और अन्य छोटे कामों के लिए की जाती थी भिश्ती के पद पर भर्ती, आगामी समय में भिश्ती के पद पर अब कभी नहीं निकलेगी नई भर्ती I

राजस्थान सरकार के द्वारा वैसे तो हजारों पदों पर सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाती है l लेकिन कई बार राजस्थान सरकार के द्वारा कुछ भर्तियों को रद्द भी किया गया है l आज हम आपको एक ऐसी ही भर्ती के बारे में बताने वाले हैं l

राज्य सरकार के द्वारा साल 2012 में भिश्ती के 285 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी lलेकिन बाद में राज्य सरकार के द्वारा भिश्ती के पद को ही खत्म कर दिया गया, जिस कारण भिश्ती समाज में काफी गुस्से का माहौल बना हुआ है l चलिए जान लेते हैं पूरा मामला क्या है l

society protested due to the abolition of the post of Bhisti in the municipalities

नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं में भिश्ती के पद को खत्म करने से भिश्ती समाज में है नाराजगी

जानकारी के मुताबिक राजस्थान के नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद में लगभग 70 साल पहले पानी ढोने, शौचालय साफ करने और राज काल में मशक चलाने के लिए Bhishti के पदों पर भर्ती की जाती थी l जिस प्रकार से सफाई कर्मचारी होते हैं, इसी प्रकार से भिश्ती के पद पर भी Government Job नौकरी दी जाती थी l

Notes & Job Update के लिए फॉर्म भरे

    लेकिन अशोक गहलोत सरकार के द्वारा भिश्ती के पद को ही खत्म कर दिया गया है l जिस कारण भिश्ती समाज के लोगों में सरकार के प्रति काफी गुस्सा है l उनका कहना है कि सरकार के द्वारा पद समाप्त करके  भिश्ती समाज के लोगों के साथ अन्याय किया गया है l

    2013 में चयन समिति का गठन किया गया, लेकिन फिर भी नहीं मिली राहत

    भिश्ती समाज के लोगों का कहना है कि दिसंबर 2012 में जब भिश्ती के 285 पदों पर भर्ती निकाली गई थी, तो सरकार के द्वारा वर्ष 2013 में चयन समिति बनाई गई थी l चयन समिति के द्वारा यह साफ कहा गया था कि हर नगरीय निकाय में Bhishti परिवार से जुड़े सदस्यों को भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे ऐसे लोगों को भी समाज में सरकारी नौकरी मिलेगी और इज्जत भी मिलेगी l

    लेकिन सरकार के द्वारा समिति के सुझावों को नहीं माना गया और भिश्ती के पदों को ही खत्म कर दिया गया l भिश्ती समाज के लोगों में यह नाराजगी है कि पद खत्म होने के पश्चात किसी भी मंत्री विधायक ने कोई प्रतिक्रिया नहीं की, ना ही यह पूछा कि भिश्ती के पदों को समाप्त क्यों किया गया l

    वर्तमान में भिश्ती के पद पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के रिटायरमेंट के बाद भी नहीं आएगी नई भर्ती

    जानकारी के मुताबिक मार्च 2022 में डीएलबी के उपनिदेशक का प्रशासन नरेंद्र कुमार वर्मा ने मुख्यमंत्री के सचिव को यह कहा था कि प्रदेश के नगरीय निकायों में भिश्ती कर्मचारियों के पदों को वित्त विभाग ने पूरे तरीके से समाप्त कर दिया है l

    इसीलिए जो भी भिश्ती के पद पर कर्मचारी कार्य कर रहा है, भविष्य में उसकी रिटायरमेंट के बाद भी खाली पदों पर भर्ती नहीं निकलेगी l ऐसे युवा जो  भिश्ती के पद पर भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए यह बुरी खबर है l क्योंकि भविष्य में इस Bhishti के पद पर Bharti नहीं निकलेगी l

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