उम्मीद थी कि मोदी-शाह ‘सुनीता यादव’ को शाबाशी देंगे लेकिन ट्रांसफर करवा दिया || सुनीता यादव ने दिया इस्तीफा

By | July 14, 2020

गुजरात के बीजेपी के मंत्री के बेटे को लॉकडाउन में कर्फ्यू तोड़ने पर सबक सिखाने वाली सुनीता यादव (Sunita Yadav Surat) आज पूरे देश में चर्चा में बनी हुई है | इस घटना के बाद उम्मीद थी कि एक Lady Constable ने इतना साहसिक कार्य किया है | तो इसे एक मिसाल बना कर पेश किया जाएगा |

और यह भी उम्मीद थी कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह शाबाशी देंगे लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है | बल्कि इस घटना के बाद सुनीता यादव का ट्रांसफर कर दिया और ट्रांसफर होने से सुनीता यादव ने अपना इस्तीफा दे दिया है |

इस घटना के बाद कई राजनीतिक दल और पत्रकार और फिल्म हस्तियां सुनीता यादव के पक्ष में आई हैं जैसे अखिलेश यादव,  राजदीप सरदेसाई, स्वाति मालीवाल, और स्वरा भास्कर आदि ने ट्वीट करके सुनीता यादव को न्याय दिलाने की मांग की है | एक और देश में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा दिया जाता है और दूसरी और बेटियों के साथ ऐसे हो रहा है |

सुनीता यादव ने दिया इस्तीफा-

नमस्कार दोस्तों-Result Uniraj टीम आपको इस पेज गुजरात के सूरत शहर में हुई घटना क्रम को बताएगी, जिसमे पुलिस कांस्टेबल सुनीता यादव ने क्यों दिया पद से इस्तीफा और विभाग द्वारा इसका तबदला क्यों किया गया था |

इन सब की जानकारी आपको हिंदी में बताई जाएगी | यह घटना गुजरात के सूरत शहर की है, जिसमे कांस्टेबल सुनीता यादव की अहम भूमिका है | कोरोना संक्रमण के कारण से शहर में रात के समय में कर्फ्यू लग जाता है | कांस्टेबल सुनीता यादव अपनी ड्यूटी कर रही थी | इसी दौरान बाइक पर कुछ लड़के सवार होकर जा रहे थे |

कांस्टेबल ने उनको रोका और पूछा की इतनी रात में आप कहाँ जा रहे हो | लेकिन वे इस बात का स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए | उन्होंने अपने दोस्त को बुला लिया, जो एक मंत्री सुपुत्र थे | लेकिन उन्होंने भी कर्फ्यू नियम का पालन किये बिना ही रात में दोस्तों के पास पंहुच गए |

365 दिन तक खड़े रहने की ड्यूटी लगवा दूंगा-

मंत्री के बेटे ने कर्फ्यू नियम को भी तोड़ा और साथ ही यह भी कहा कि 365 दिन तक खड़े रहने की ड्यूटी लगवा दूंगा | मामला यहीं नहीं रुकता है, मंत्री के बेटे के दोस्त ने भी महल कांस्टेबल सुनीता को मिडिल फिंगर दिखता है | इतना सब होने बाद भी पुलिस विभाग की अधिकारी महिला कांस्टेबल को ही माफी मांगने की बात कह रहे है |

कांस्टेबल सुनीता का किया तबादल-

एक और तो देश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दिया जाता है | लेकिन ऐसी घटना से नहीं लगता है, कि एक बेटी की आवाज को दबाया जा रहा है | जो अपनी ड्यूटी कर्त्वय के साथ कर रही थी | इसमें मामले में लड़की की गलती कंही भी नजर नहीं आ रही है |

फिर भी उच्च अधिकारियो ने मामला रफा-दफा करने दबाव भी बनाया था | लेकिन मामला यहीं पर नहीं रुकता है | मंत्री जी के दबाव के कारण महिला कांस्टेबल सुनीता यादव का तबादला भी कर दिया गया था |

कौन है? सुनीता यादव (Sunita Yadav की Biography)

सुनीता यादव मूलत:राजस्थान राज्य के सीकर जिले में रानोली कस्बे के रहने वाली है | लेकिन उनके परिवार के अधिकांश सदस्य चाचा-ताऊ सहित यहीं पर रहते है | सुनीता यादव लगभग तीन पहले पुलिस में भर्ती हुई थी | सुनीता के नाम से ट्विटर पर फर्जी अकाउंट भी बना हुआ है |

इसके बार में सुनीता ने बताया है, कि मेरे नाम से टवीटर पर फर्जी अकाउंट बनाया गया है | अगर इस अकाउंट पर कोई आपत्ति जनक पोस्ट डाली जाती है, तो इसकी जिम्मेदार में नहीं रहूंगी |

बेटी ने हारकर दिया इस्तीफा-

महिला कांस्टेबल सुनीता यादव ने घटना क्रम को लेकर मंत्री को फोन भी किया था | लेकिन पापा भी बेटे पर ही गए थे | फिर कांस्टेबल ने अपने उच्च अधिकारियों को बताया और बातचीत करि,लेकिन साहब ने भी बेटी का साथ देने की बजाय मामले को यहीं पर रफा-दफा करने की बात कह डाली थी |

इसके बाद मंत्री ने भी दबाव बनाकर महिला कांस्टेबल सुनीता यादव का तबादला करवा दिया था | इन सब से परेशान होकर सुनीता यादव ने अपने पद से इस्तीफा ही दे डाला | क्या यह एक बेटी को न्याय मिला है |

Sunita Yadav Surat Videos & Tweet

सुनीता यादव के नाम पर काफी अकाउंट बन चुके है और अभी तक वेरीफाई अकाउंट का पता नहीं चला है | हम यहाँ पर वीडियो के लिए ये अकाउंट यूज कर रहे है |

सुनीता तुम एक मामूली कांस्टेबल हो, कोई नेता नहीं?

वो मंत्री को बेटा है, सच में ही आपको 365 दिन के लिए उसी चौक में खड़े रहने के लिए कह सकता है | अगर वो चाहे तो, आपको नौकरी से भी निकलवा सकता है | क्योंकि उसका बाप मंत्री है | उसके सामने तुम्हारी क्या हैशियत है-एक मामूली कांस्टेबल? गई ने हाथ ने नौकरी | इस देश में केवल नेताओ की हुकूमत चलती है | करने देती उनके शरीफजादो को रोड़ पर मस्ती, आपको बीच में पड़ने की क्या जरूरत थी |

कुछ समय बाद अपने-आप ही चला जाता है | आप तो देश को बदलने चली थी | लेकिन ऐसा इस देश में इतना आसान नहीं है | इसलिए बेटी सुनीता ऐसे लोगो से बचकर रहने में ही ज्यादा समझदारी है | कितनी मुश्किल से नौकरी लगी थी, और अब वो भी चली गई | आपकी ईमानदारी का इनाम मंत्री ने आपको दे दिया?

क्या सुनीता को न्याय मिलेगा या नहीं?

ईमानदारी से ड्यूटी करना इतना महंगा भी पड़ जायेगा| सायद सुनीता यादव ने तो सपने में भी नहीं सोचा होगा | एक मध्यम वर्ग परिवार में कोई सरकारी नौकरी लगती है, कितनी ख़ुशी होती, इसका अंदाजा आप लगा सकते हो |

दोस्तों देश की बेटी सुनीता यादव ने कर्फ्यू के दौरान मंत्री के बेटे उलझकर सबसे बड़ा पंगा ले लिया था | मंत्री जी, ने भी बेटे को समझाने की बजाय, कांस्टेबल सुनीता यादव का ही तबादला करवा दिया था | इन सब से परेशान होकर सुनीता यादव ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है | क्या यह सुनीता के साथ सही न्याय हुआ है | अगर सुनीता को न्याय नहीं मिलेगा, तो फिर कोई भी ईमानदारी से ड्यूटी करने की नहीं सोचेगा?

नोट-दोस्तों आप भी अपने विचार जरूर रखे, जिससे आपकी बात को सरकार तक पंहुचाया जा सके और सुनीता यादव को सही न्याय मिल सके-धन्यवाद

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2 thoughts on “उम्मीद थी कि मोदी-शाह ‘सुनीता यादव’ को शाबाशी देंगे लेकिन ट्रांसफर करवा दिया || सुनीता यादव ने दिया इस्तीफा

  1. Bhuban Chandra Sarmah Shillong Meghalaya

    Sunita Yadav lady LR of Gujarat police should be rewarded by PM Modiji for her bravery. Government officials has there dignity. Being a son of minister can’t show power of his father. Our PM is wise man surely he will do something better for Sunita Yadav.

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