सरकार के आदेश के बावजूद भी निजी विद्यालय 12 अप्रैल से खुलेंगे-जाने क्या है, पूरा मामला |

By | April 7, 2021

कोरोना महामारी में विद्यालयों को बंद रखने के आदेश के बावजूद भी निजी स्कूल संचालकों से 12 अप्रैल से विद्यालय खोलने का निर्णय किया, छपरा के प्राइवेट स्कूलों ने कहा की विद्यालय नहीं खुले तो शिक्षक भूख से मर जाएँगे, कोरोना महामारी में सबसे ज्यादा परेशानी छोटे विद्यालयों को हुई है |

आपको पता ही है कि पूरे भारत में कोरोना महामारी की वजह से कितने ज्यादा लोगों की जान जा रही है, पहले तो सब कुछ बंद ही कर दिया गया था, और पूरे भारत में लॉकडाउन लगाया गया था, परंतु आर्थिक तंगी को देखते हुए सभी काम धीरे-धीरे खुल रहे हैं और अब ऐसे में सरकार ने बिहार राज्य के छपरा शहर में स्कूल को खोलने का आदेश नहीं दिया है |

परंतु फिर भी छपरा शहर के प्राइवेट स्कूल यही कह रहे हैं, कि हम किसी भी हालत में 12 अप्रैल को स्कूल जरूर खोलेंगे, कोरोना महामारी का बहुत ज्यादा असर प्राइवेट स्कूलों के ऊपर पड़ा है, क्योंकि सरकार की तरफ से  प्राइवेट स्कूलों की बिल्कुल भी मदद नहीं की जा रही, इसीलिए अब उन्होंने  सीधे बोल दिया है कि यदि सरकार 12 अप्रैल को स्कूल खोलने की अनुमति देती है तो ठीक है नहीं तो हम  स्कूल अवश्य खोलेंगे। आज हम आपको Chapra Private School. Updates In Hindi के बारे में बताएंगे।

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Chapra Private School Update In Hindi?

  • करोना काल के दौरान बिहार के छपरा शहर में लगभग 200 स्कूल बंद पड़े हैं परंतु अब इन सभी प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधक सरकार से लड़ने के मूड में आ गए हैं क्योंकि यह सभी स्कूल इस समय काफी दादा आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, और इसी कारण इन सभी स्कूलों ने अब नीतीश सरकार के निर्देशों का पालन करने से साफ मना कर दिया है इसी के साथ साथ स्कूल के प्रबंधकों ने यह भी कहा है, कि आने वाली 12 अप्रैल को किसी भी हाल में सभी स्कूल खोले जाएंगे, परंतु स्कूल के प्रबंधकों ने यह भी कहा है, कि स्कूल खोलने के दौरान स्कूल में करुणा गाइडलाइंस का पूरी अच्छी तरह से पालन किया जाएगा।
Private School kab khulenge
  • हाल ही में प्राइवेट स्कूल तथा चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन ( Children’s Welfare Association ) के बीच एक बैठक हुई थी, और इस बैठक में जिले के लगभग 200 स्कूल के संचालक उपस्थित थे, इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि सभी विद्यालय 11 अप्रैल 2021 तक सरकार के निर्देशों के अनुसार बंद रहेंगे और उसके पश्चात यदि 12 अप्रैल 2021 को भी सरकार स्कूल खोलने की अनुमति नहीं दे रही है तो वह अपने स्कूल को बंद रखेंगे परंतु सभी प्रबंध कौन है यह कह दिया है, कि अगर अनुमति नहीं भी मिलती तो भी हम इस स्थिति में सभी बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कोरोना से बचाव के दिए गए सभी निर्देशों का पालन करते हुए सभी स्कूलों को खोला जाएगा।

स्कूल नहीं खुलने से भुखमरी के शिकार हुए प्राइवेट शिक्षक

  • आपको पता ही है कि प्राइवेट स्कूल में जितने भी शिक्षक होते हैं उनकी कुछ ज्यादा तनख्वाह नहीं होती और बहुत से शिक्षक तो उसी तनख्वाह पर निर्भर रहते हैं, ऐसे में यदि प्राइवेट स्कूल भी बंद रहेंगे तो उनके ऊपर इस चीज का बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ रहा है एसोसिएशन के अध्यक्ष सीमा सिंह ने यह भी बताया है, कि कोरोनावायरस सभी स्कूल आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं | जबकि सरकार के द्वारा इन विद्यालयों की कोई भी मदद नहीं की गई और स्कूलों के पास अपने शिक्षको को देने के लिए वेतन भी मौजूद नहीं था जिसके कारण प्राइवेट शिक्षक अब भुखमरी का शिकार हो रहे हैं यह भी कहा जा रहा है, कि प्राइवेट स्कूलों पर बहुत ज्यादा कर्ज भी चढ़ चुका है परंतु इन सब परिस्थितियों को सरकार अनदेखा कर रही है।
  • इसीलिए प्राइवेट स्कूलों ने अब यह फैसला लिया है, कि 12 अप्रैल 2021 को वह स्कूल खोलेंगे ताकि वह, इन परिस्थितियों से बाहर निकल सके, और अपने विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षकों को वेतन भी दे सकें। क्योंकि एक ऐसा भी हो रहा है जो छोटे प्राइवेट स्कूल हैं उनमें जो भी विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, ज्यादातर विद्यार्थियों के माता-पिता ने तो अपने बच्चों से स्कूली छुड़वा लिया है, ताकि वह अगले साल करो ना महामारी ठीक होने के पश्चात अपने बच्चों का दाखिला करा सकें। इसीलिए अब प्राइवेट स्कूलों को काफी ज्यादा तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है, शुरुआत में तो प्राइवेट स्कूलों ने अपने शिक्षकों को तनख्वाह दी परंतु जब धीरे-धीरे विद्यार्थियों की संख्या कम होने लगी तो फिर उन्होंने भी अपने स्कूल के शिक्षकों को तनख्वाह देनी बंद कर दी।
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