समाजवादी पार्टी के संस्थापक Mulayam Singh Yadav का हुआ निधन-यहाँ से जानिए उनके जीवन से जुड़ी बातें |

समाजवादी पार्टी के संस्थापक Mulayam Singh Yadav का हुआ निधन, Mulayam Singh Yadav (नेताजी) 9 दिन तक मेदांता हॉस्पिटल में ICU और CCU मे जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे, उनके काफी अंग काम करना बंद कर चुके थे, नेताजी के घर तथा समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं मे शोक की लहर, नेताजी के नम से प्रसिद्ध मुलायम सिंह यादव के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें |

लाखों दिलों पर राज करने वाले समाजवादी पार्टी के संस्थापक और तीन बार यूपी के मुख्यमंत्री रहे मुलायम सिंह यादव का आज सुबह 8:16 am पर निधन हो गया। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि मुलायम सिंह यादव पिछले 11 दिनों से Medanta Hospital मे अपना इलाज करवा रहे थे। नेताजी को यूरिन संक्रमण, सांस लेने में तकलीफ और blood pressure की दिक्कत की वजह से ही 2 अक्टूबर को मेदांता अस्पताल में भर्ती किया गया था। नेताजी 9 दिन तक मेदांता हॉस्पिटल में ICU और CCU मे जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे। डॉक्टरों के मुताबिक उनके काफी अंग काम करना बंद कर चुके थे। इसी वजह से आज सुबह 8:16 बजे नेताजी ने अंतिम सांस ली।

नेताजी के घर तथा समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं मे शोक की लहर

मुलायम सिंह यादव बड़े जुझारू किस्म के नेता थे। उनके द्वारा ही  Samajwadi Party की स्थापना की गई थी। जिसने भी नेता जी के निधन का समाचार सुना, किसी को भी यह विश्वास नहीं हुआ, कि नेताजी अब हमारे बीच नहीं रहे हैं। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री तथा नेता जी के बेटे Akhilesh Yadav ने समाजवादी पार्टी के ट्विटर के माध्यम से यह जानकारी दी है, कि नेताजी अब हमारे बीच नहीं रहे हैं।

यह दुखद समाचार सुनते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में शोक की लहर फैल गई। सभी नेता जी के अंतिम दर्शन करना चाहते हैं। किसी को भी यह विश्वास नहीं हो रहा है, कि netaji उनको छोड़कर कैसे चले गए हैं। हालांकि सब को यह तो पता ही था, कि Mulayam Singh कई दिनों से बीमार चल रहे थे। लेकिन बीमारी के चलते उनका निधन हो जाएगा, यह किसी ने भी नहीं सोचा था।

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मेदांता अस्पताल के बाहर समर्थकों और राजनीतिक नेता कार्यकर्ताओं की भारी भीड़

मुलायम सिंह यादव के निधन की जैसे-जैसे खबर उनके समर्थकों,कार्यकर्ताओं, परिवार वालों तथा राजनीतिक नेताओं तक पहुंची, सभी नेताजी के अंतिम दर्शन के लिए Medanta Hospital की ओर चल दिए। बताया जा रहा है, कि मेदांता अस्पताल के बाहर बहुत भारी भीड़ हो चुकी है। सभी नेता जी के अंतिम दर्शन करना चाहते हैं। क्योंकि किसी को भी यह विश्वास नहीं हो रहा है, कि इतनी जल्दी Mulayam Singh Yadav जी की मौत कैसे हो गई है। लेकिन होनी को कोई नहीं टाल सकता है।

नेता जी को देखने के लिए विपक्षी पार्टियों से भी लोग मेदांता अस्पताल में जा रहे हैं। जिनमें देश के Home Minister अमित शाह जी भी, निधन का समाचार सुनकर मेदांता अस्पताल गए हैं। नेताजी का व्यवहार सभी विपक्षी पार्टियों से भी काफी अच्छा था। हालांकि उनकी राजनीतिक विचारधारा मे मतभेद अवश्य था, लेकिन व्यवहारिक रूप से मुलायम सिंह यादव जी सब का सम्मान किया करते थे।

पिछले कई दिनों से चल रहे थे बीमार l

मुलायम सिंह यादव पिछले कई दिनों से काफी बीमार चल रहे थे। जिन की सेहत को लेकर लोग काफी दुआ कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ बड़े राजनीतिक नेताओं द्वारा भी उनकी सेहत को लेकर रोजाना जानकारियां ली जा रही थी।

लेकिन जब से मुलायम सिंह यादव  जी की मौत की खबर सब को मिली है, Samajwadi Party ही नहीं बल्कि हर दल तथा संगठन मे शोक की लहर हो गई है। इसी वजह से मेदांता अस्पताल के बाहर लोगों की भारी भीड़ जुटने की जानकारी सामने आ रही है। इसलिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त Medanta Hospital द्वारा किए गए हैं।

बताया जा रहा है, कि मुलायम सिंह यादव ब्लड प्रेशर, सांस लेने में तकलीफ और urine infection की वजह से ही अस्पताल में भर्ती हुए थे। जिसके बाद से उनकी तबीयत में कोई भी सुधार नहीं हो रहा था। डॉक्टर ने उनको  life support system पर रखा हुआ था। लेकिन उनकी सेहत एक जैसी ही बनी हुई थी।

डॉक्टरों ने काफी प्रयास किए, लेकिन लगातार उनकी सेहत कल से बिगड़ती चली गई। उनको  क्रिटिकल केयर यूनिट और आईसीयू मे भी भर्ती किया गया। लेकिन सेहत में कोई भी बदलाव नहीं आ रहा था। जिसके बाद सुबह अचानक से उनकी तबीयत काफी बिगड़ी और 8:16 पर नेताजी ने अंतिम सांस ली। जिसके बाद doctor ने उनको मृत घोषित कर दिया।

जीवन में कड़े संघर्षों से जूझते रहे नेताजी

मुलायम सिंह यादव जी ने किसान के घर में जन्म लिया था। जिस वजह से बचपन से ही नेताजी जमीन से जुड़े हुए थे। उनको सभी प्यार से धरती पुत्र कहते थे। शुरू में नेताजी को पहलवानी का शौक था। उन्होंने कुश्ती के अखाड़े में भी काफी अच्छे दाव लगाने के लिए जाना जाता था। पहलवानी करने के बाद, नेता जी ने अपनी मेहनत के दम पर शिक्षक जैसी government Job हासिल की। जिसके जरिए उन्होंने बच्चों के साथ-साथ उन लोगों को भी शिक्षित और जागरूक करने का काम किया। लोगों में उनकी लोकप्रियता अच्छे सामाजिक कार्यों से बढ़ने लगी।

इसी वजह से मुलायम सिंह यादव 1967 मे पहली बार विधायक बने। विधायक बनने के बाद उन्होंने अपने सैफई क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लोगों में जागरूकता का प्रचार प्रसार किया। जिसकी बदौलत वे 8 बार विधायक और 7 बार member of parliament बने। यह उनकी लोकप्रियता ही थी कि उन्होंने तीन बार यूपी के मुख्यमंत्री की शपथ ली और दो बार केंद्र में मंत्री बनने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ।

लेकिन उनका यह सफर आसान नहीं था। किसान परिवार में जन्मे मुलायम सिंह यादव जी ने शुरू से ही कठोर परिश्रम किया था। जिस वजह से ही आज Samajwadi Party उत्तर प्रदेश में  सबसे बड़ी पार्टियों में से एक बन पाई।

कल सैफई मे होगा अंतिम संस्कार

मुलायम सिंह यादव जी के निधन के बाद, उनके परिवार वालों ने यह तय किया है, कि उनका अंतिम संस्कार कल उनके पैतृक गांव सैफई में किया जाएगा। नेताजी का पार्थिव शरीर Medanta Hospital से दिल्ली ले जाया जा रहा है। यहां से फिर उनको पैतृक गांव में ले जाया जाएगा।

https://youtu.be/4zOn4tdhC-Q

उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा उनके मृत्यु पर 3 दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। क्योंकि मुलायम सिंह यादव जी का कद अपने आप में बहुत बड़ा था। इसके अलावा Prime Minister Narendra Modi जी भी उनके निधन पर बहुत भावुक हुए हैं, उन्होंने कई तस्वीरें ट्विटर पर शेयर की है, जिसमें उन्होंने ने लिखा ह, कि उनका निधन पीड़ा देता है।

इसके अलावा हमारे देश की president श्रीमती मुर्मू जी ने भी उनके निधन पर शोक जताया है। देश तथा राज्यों के सभी बड़े नेताओं ने उनके निधन पर असीम दुख प्रकट किया है। जिसमें उनके द्वारा यही कहा गया है, कि नेताजी का जाना बहुत दुखदाई है। आज उनके जैसे राजनीतिक नेता की ही देश को जरूरत है। उनके द्वारा देश तथा राज्य के लिए बहुत कुछ किया गया है। उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

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