“Rich Dad Poor Dad” Book Summary in Hindi || रिच डैड पुअर डैड

By | June 3, 2020

रॉबर्ट टी. कियोसाकी द्वारा लिखी गई पुस्तक Rich Dad Poor Dad में पैसों का Management कैसे करना है बहुत अच्छे से बताया गया है। “रिच डैड पुअर डैड” किताब -पैसो के बारे अमीर लोग और गरीब लोग अपने बच्चो को क्या सिखाते है? इसके बारे में सपूर्ण जानकारी हिंदी में

हर व्यक्ति अमीर बनना चाहता है। सभी का सपना होता है, कि उनके पास बहुत धन दौलत हो महंगी गाड़ियां, बंगले, महंगे कपड़े हों।

यह सपना तो सभी लोग देखते हैं, पर बहुत कम लोग ही इस सपने को पूरा कर पाते हैं। ऐसा नहीं है कि लोग मेहनत नहीं करते। बेशक वह कड़ी मेहनत करते हैं, पर पैसों का मैनेजमेंट कैसे करना है लोग यह नहीं जानते हैं। इस वजह से लोगों के अमीर बनने के सपने पूरे नहीं हो पाते।

रिच डैड पुअर डैड बुक हिंदी में

बचपन से ही हमारे दिमाग में यह बात डाल दी जाती है, यदि आप अच्छे से पढ़ाई करते हैं, अच्छे Marks लेकर आते हैं तो Future में आपको अच्छी job मिलेगी। और आप खूब सारा धन कमाएंगे। परंतु हमारे देश भारत में बहुत से ऐसे लोग हैं जो बहुत ज्यादा पढ़े लिखे हैं, और अच्छी नौकरी में होते हुए भी वित्तीय तौर पर मजबूत नहीं है।

Rich Dad Poor Dad Book in Hindi
Rich Dad Poor Dad Book in Hindi

वहीं दूसरी तरफ ऐसे भी लोग हैं, जो ना तो अच्छे से पढ़ाई किए होते हैं, और ना ही किसी के under में job करते हैं, फिर भी वे अमीर लोगों की गिनती में सबसे आगे हैं। इसका सबसे अच्छा उदाहरण धीरूभाई अंबानी जी हैं।

अर्थात हम कह सकते हैं,  कि कोई भी व्यक्ति सिर्फ पढ़ाई और नौकरी के दम पर ही गरीब और अमीर नहीं हो सकता है। इसके लिए आपको Financial Managment को समझना बहुत जरूरी है। चलिए आप सभी को इस Finance Management को रॉबर्ट कियोसकी द्वारा लिखित पुस्तक Rich Dad Poor Dad की summary से समझाते हैं।

Rich Dad Poor Dad की Summary

रॉबर्ट टी कियोसाकी के दो पिता हैं, जिनमें से एक अमीर है और एक गरीब है। अब आप सोचेंगे दो पिता कैसे? एक उनके जन्मदाता है, जो कि गरीब थे। और दूसरे पिता उनके बेस्ट फ्रेंड के पिता थे। जिन्हें रॉबर्ट अपना पिता मानता था।एक पिता जो गरीब है, बहुत ही ज्यादा पढ़े-लिखे हैं और उनके दूसरे पिता जो अमीर है उन्होंने अपने स्कूल की पढ़ाई भी पूरी नहीं की है।  दोनों ने अपनी जिंदगी में बहुत कड़ी मेहनत की थी और दोनों ही अपने क्षेत्र में सक्सेस भी प्राप्त की थी। पैसों को लेकर उन दोनों की राय भी बिल्कुल अलग थी।

इसे हम कुछ पॉइंट्स के मदद से समझते हैं।

1. सोच-

रॉबर्ट कियोसकी के पहले पिता का मानना था कि वह कोई वस्तु खरीद नहीं सकते जबकि दूसरे पिता इस बात से चिढ़ते थे। दूसरे पिता रॉबर्ट को हमेशा समझाते थे कि तुम किसी चीज को कैसे खरीद सकते हो इस बारे में सोचो।

पहले पिता की सोच नकारात्मक है। वहीं पर दूसरे पिता की सोच प्रश्नवाचक है। नकारात्मक सोच बात को वहीं पर खत्म कर देता है। जबकि प्रश्नवाचक सोच हमें सोचने पर मजबूर कर देता है कि हम कैसे किसी वस्तु को हासिल कर सकते हैं।

जब कोई व्यक्ति अपने दिमाग में यह सोच लेता है कि वह किसी वस्तु को नहीं खरीद सकता तो उसका दिमाग भी काम करना बंद कर देता है। परंतु जब कोई व्यक्ति अपने दिमाग से प्रश्न करता है तो उसका दिमाग काम करना शुरू करता है। दिमाग प्रश्नों के उत्तर ढूंढने लगता है।

इसका मतलब यह है कि दिमाग को नकारात्मक चीजों से दूर रखो और दिमाग को उसका काम करने दो इससे दिमाग Active रहेगा और धीरे-धीरे strong हो जाएगा।

2. जोखिम-

रॉबर्ट के पहले पिता का मानना था कि आपको जोखिम नहीं उठाना चाहिए। आप अच्छे से पढ़ाई करो अच्छे Marks लेकर आओ तथा safe और सिक्योर job करो। वहीं दूसरी तरफ रॉबर्ट के दूसरे पिता सिखाते थे कि जोखिम को कैसे Manage किया जा सकता। पढ़ाई करो और अपने पैसे को काम पर लगाओ।

3. संपत्ति और दायित्व में अंतर का पता होना-

हमें अपनी संपत्ति और अपने दायित्व का पूरा ज्ञान होना चाहिए। संपत्ति से धन में वृद्धि होती है। दायित्व से धन या पैसों में कमी आती है।

यदि आप अमीर बनना चाहते हैं तो आप संपत्ति खरीदें (जमीन,बॉन्ड, शेयर इन्वेस्टमेंट) और यदि आप गरीब ही रहना चाहते हैं तो आप दायित्व (लोन पर लिया गया फर्नीचर,गाड़ी, लग्जरी प्रोडक्ट्स) खरीदें। अब आप दायित्व को देखकर Confuse मत होना आप फर्नीचर या गाड़ी खरीदते हैं तो उससे आपको किसी भी तरह का Income नहीं होगी।

4. सबसे पहले खुद को पेमेंट करना-

रॉबर्ट के दूसरे पिता रोबोट को यह बात समझाई की सबसे पहले आप अपनी कमाई का एक हिस्सा अपने लिए रखें। और उन पैसों से अपने लिए ऐसी संपत्ति खरीदें जो आपको आय प्रदान करें।

5. गलतियों से सीख लेना-

रॉबर्ट के दोनों पिता नहीं उन्हें यह बात सिखाई थी कि यदि आप एक बार गलती करते हैं तो उस गलती की पुनरावृति दुबारा नहीं करें। बल्कि उससे सीख ले और अपनी life में आगे बढ़े।

6. पैसे के लिए काम –

रॉबर्ट के अमीर पिता का मानना था की हमें पैसों के लिए काम नहीं करना चाहिए। मतलब पैसो के पीछे नहीं भागना चाहिए बल्कि पैसों को हमारे लिए काम करवाना चाहिए। वहीं पर रॉबर्ट की दूसरी पिता रॉबर्ट को पैसे कमाने के लिए दबाव डालते थे।

7. मौके की पहचान करना-

सभी को सही मौके की पहचान करना आना चाहिए यदि आप सही मौके को नहीं पहचान पा रहे हैं तो आप कभी भी अमीर नहीं बन सकते हैं।

उदाहरण: एक आदमी एक सड़क से गुजर रहा था वहां पर कुछ घर के सामने बोर्ड लगा हुआ था जिस पर लिखा था “House for sale”. उस समय मंदी का दौर चल रहा था। पर वह आदमी बिना घबराए हुए इस मौके को अपने हाथ से नहीं जाने देता है, और एक अच्छा खासा घर बहुत ही कम कीमत में खरीद लेता है। कुछ दिनों के बाद मंदी का दौर खत्म हुआ अब उस घर को दुगनी कीमत पर बेचता है।

8. पैसे को सहेजने की समझ का होना –

वैसे तो सभी लोग पैसे को सहेज कर रखते हैं पर यहां पर सहेजने का अर्थ अपने अलमारी या गुल्लक में अपने पैसों को रखने से नहीं है। यहां पर सहेजने का अर्थ है अपने पैसे को ऐसी जगह invest करना जिससे कि आय होती रहे। साथ ही साथ यह भी ध्यान रखना कि पैसे को ऐसी जगह खर्च ना किया जाए जिससे किसी भी तरह का income ना हो।

इस बात से फर्क नहीं पड़ता है कि आप कितना पैसा कमा रहे हैं बल्कि इस बात से फर्क पड़ता है कि आप उन पैसों को कहा और कैसे खर्च करते हैं।

तो दोस्तों मैं आप को यह सलाह दूंगा कि आप यह किताब जरूर पढ़ें एक बार चाहे तो आप इसे अमेजॉन से हार्ड कॉपी ऑनलाइन मंगवा सकते हैं या अमेजॉन के किंडल प्लेटफार्म पर भी आप इसको पढ़ सकते हैं

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