REET Bharti अटकने की संभावना बढ़ी-B.Ed -BSTC का विवाद मुख्य कारण बन सकता है |

By | October 23, 2021

REET Bharti अटकने की संभावना बढ़ी, 26 September 2021 को आयोजित हुई REET परीक्षा कोर्ट में जा सकती है, REET में B.Ed. & BSTC विवाद बढ़ता ही जा रहा है, बीएड वाले Candidates को REET लेवल-1 में शामिल करना मुख्य वजह मानी जा रही है |

राजस्थान राज्य में जब से अध्यापक पात्रता परीक्षा ( REET 2021 ) का आयोजन हुआ है, तो तभी से यह परीक्षा लगातार विवादों से घिरी हुई है | इस परीक्षा में आयोजन के बाद से ही कुछ ना कुछ अड़चनें आ ही रही हैं | जैसे कि पहले तो इस परीक्षा के होने पर नकल के मामले काफी ज्यादा सामने आए जिसकी वजह से उम्मीदवारों ने इस परीक्षा को रद्द करवाने के लिए हाई कोर्ट में भी याचिका दर्ज करवाई थी |

इसके पश्चात B.ed और BSTC विवाद से सरकार काफी परेशान हैं | पहले इस परीक्षा में B.Ed के अभ्यर्थियों को योग्य नहीं माना जाता था | केवल BSTC के उम्मीदवार ही इस परीक्षा में बैठ पाते थे | मगर B.Ed किए हुए उम्मीदवारों ने कोर्ट में याचिका दर्ज करवाई थी जिसके पश्चात हाईकोर्ट के साथ-साथ National Council for Teacher Education ने भी यह अधिसूचना जारी कर दी थी कि Teacher Eligibility Test के First Level में B.Ed के उम्मीदवारों को योग्य माना जाएगा |

इसीलिए B.Ed के उम्मीदवार अध्यापक पात्रता परीक्षा में शामिल हुए थे | लेकिन BSTC के उम्मीदवार शुरू से ही B.Ed के उम्मीदवारों का विरोध कर रहे हैं और लगातार यही मांग कर रहे हैं की B.Ed के उम्मीदवारों को अध्यापक पात्रता परीक्षा से बाहर निकाला जाए। अगर अगले कुछ दिनों में यह विवाद नहीं सुलझा तो रीट की परीक्षा भी रद्द की जा सकती है क्योंकि यह विवाद बढ़ता ही जा रहा है |

BSTC के उम्मीदवार पिछले 10 दिन से कर रहे हैं धरना

BSTC के उम्मीदवार पिछले 10 दिनों से लगातार धरने पर बैठे हैं और धरने के माध्यम से वह यह मान कर रहे हैं कि B.Ed के अभ्यर्थियों को reet exam के Level-1 से बाहर निकाला जाए | क्योंकि B.Ed के उम्मीदवारों को Level-1 में मौका मिलने से BSTC के उम्मीदवारों का भी काफी नुकसान हो रहा है l सरकार भी इस मुद्दे को लेकर चिंता में हैं, क्योंकि रीट की परीक्षा के Level-1 में BSTC के 3.5 लाख तथा B.Ed के 13 लाख अभ्यार्थी है |

REET Exam Atakane ki sambhawna badhi

फिलहाल जैसे हालात चल रहे हैं उन हालातों के चलते तो रीट की परीक्षा रद्द होने की संभावनाएं ज्यादा हैं। मगर सरकार के द्वारा प्रयास करने पर REET Exam को सफल भी किया जा सकता है। सरकार को अब कोई बीच का रास्ता निकालना होगा l जिससे ना तो BSTC के उम्मीदवारों का नुकसान हो और ना ही B.Ed के उम्मीदवारों का ।

NCTE के द्वारा अधिसूचना जारी करने के पश्चात हुआ था विवाद शुरू

NCTE के द्वारा 23 अगस्त 2010 को यह सूचना जारी की गई थी कि अध्यापक पात्रता परीक्षा के प्रथम लेवल के लिए केवल BSTC के उम्मीदवारों को ही योग्य माना जाएगा l मगर इसके पश्चात 28 जून 2018 को NCTE के द्वारा यह अधिसूचना जारी की गई कि अब प्रथम लेवल में B.Ed के उम्मीदवारों को भी योग्य माना जाएगा |

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इसके पश्चात भी NCTE Guidelines को लागू नहीं किया गया और REET Level-1 में B.Ed के अभ्यार्थियों को बाहर ही रखा गया। इसी के पश्चात B.Ed के उम्मीदवारों ने राजस्थान हाई कोर्ट में अपनी याचिका दर्ज करवाई और फिर NCTE Guidelines के आधार पर Rajasthan High Court, Jodhpur के द्वारा B.Ed के उम्मीदवारों को level 1 की परीक्षा में बैठने के आदेश दे दिए गए। मगर BSTC के उम्मीदवार इस बात से बिल्कुल भी खुश नहीं है कि B.Ed के उम्मीदवारों को Level 1 की परीक्षा में शामिल होने दिया जाए |

शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए B.Ed के अभ्यर्थियों को माना योग्य

  • उत्तर प्रदेश तथा पंजाब राज्य में हाई कोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट के द्वारा NCTE की Guidelines के आधार पर B.Ed के उम्मीदवारों के पक्ष में फैसला सुनाया है l यह भी कहा है कि शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा Level-1 में B.Ed के अभ्यर्थियों को योग्य माना जाएगा। मगर B.Ed के अभ्यर्थियों के लिए 2 साल के अंदर अंदर Bridge Course करना अनिवार्य है |
  • अगर BSTC के उम्मीदवारों का पक्ष देखें तो BSTC के उम्मीदवारों को तो Bridge Course करने की आवश्यकता ही नहीं हैं l क्योंकि BSTC के अभ्यर्थी तो पहले से ही Bridge Course को पूरा कर चुके हैं। NCTE के द्वारा तो 13 अक्टूबर 2021 को यह भी अधिसूचना जारी की गई की level-1 में B.Ed के अभ्यर्थियों के साथ-साथ M.Ed के उम्मीदवारों को भी योग्य माना जाएगा |

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