REET 2021 में विशेष शिक्षकों 5000 पद शामिल किये जाने की मांग उठी-जाने बेरोजगारों ने क्या कहा?

By | February 20, 2021

रीट भर्ती परीक्षा 2021 में विशेष शिक्षकों के पांच हजार पद शामिल करने की मांग उठी, बेरोजगारों विधायक कृष्णा पुनियाँ को ज्ञापन देकर अवगत करवाया, REET 2021 में Special Teacher के पद शामिल हो |

Latest Update-20 February 2021-:राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2018 लेवल-1 में रिक्त रहे विशेष शिक्षकों के पदों को भरने के लिए आदेश दिए है |

नमस्कार दोस्तों-Result Uniraj टीम आपको इस पेज में REET 2021 में विशेष शिक्षकों के पद शामिल करने की मांग के बारे सम्पूर्ण जानकारी बताएगी | माध्यमिक शिक्षा विभाग राजस्थान,अजमेर द्वारा रीट 2021 के लिए आवेदन प्रक्रिया 11 जनवरी 2021 से शुरू कर दी गई है |

आवेदन करने की अंतिम तिथि 08 फरवरी 2021 तक है | लेकिन इसी बीच विशेष शिक्षक एवं प्रशिक्षित बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करने की मांग की गई है | राजस्थान में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के 31 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी,लेकिन इनमे विशेष शिक्षकों के भी पांच हजार पद शामिल करने की मांग उठाई जा रही है | अधिक जानकारी के लिए आप इस पेज को आखिर तक जरूर पढ़े |

रीट 2021 में विशेष शिक्षकों के पांच हजार पद शामिल हो-

राजस्थान सरकार द्वारा रीट भर्ती परीक्षा की घोषणा दिसम्बर 2019 में की गई थी | लेकिन बहुत सी परेशानियों के बाद जनवरी 2021 में रीट 2021 की विज्ञप्ति जारी कर आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है | राजस्थान बोर्ड अजमेर ने इसी के साथ रीट 2021 की लिखित परीक्षा की तिथि भी 25 अप्रैल 2021 निर्धारित कर दी है,

REET 2021 Special teacher News
News Source-Jaipur Times

लेकिन कुछ राजनैतिक दलों और समाज के पदाधिकारियों की और से मांग की जा रही है कि रीट की लिखित परीक्षा तिथि में बदलाव किये जाये | इसके अलावा राजस्थान विशेष शिक्षक संघ ने भी रीट 2021 में विशेष शिक्षकों के पांच हजार पद शामिल करने की मांग उठाई है | विशेष शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष हरीश कुमार ने सादुलपुर विधायक डॉ.कृष्णा पूनियां को ज्ञापन देकर अवगत करवाया है |

दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जाये-

राजस्थान विशेष शिक्षक संघ,चूरू के जिला अध्यक्ष हरीश कुमार ने अपने ज्ञापन में बताया कि वर्तमान सरकार द्वारा अपने जन घोषणा पत्र में आवश्यक रूप से दिव्यांगों के लिए विशेष शिक्षकों (Special Teachers) की नियुक्ति की बात कही गई थी,परन्तु वर्तमान में इस विषय पर गंभीरता से किसी प्रकार का कोई कार्य नहीं किया गया है |

जिसके कारण से दिव्यांग आज समाज की मुख्यधारा से दूर जा रहे है| इसके अलावा उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए आत्मनिर्भर बनाने के लिए सबसे प्रमुख साधन शिक्षा ही है |

नोट-दोस्तों अगर आपको हमारी टीम द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी हो तो, आप सूचना को सोशल मीडिया (वाट्सअप,फेसबुक,टेलीग्राम) पर जरूर शेयर करे-धन्यवाद

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