राजस्थान में कोरोना रोकने के लिए सख्ती बढ़ेगी- सीएम ने कहा जरुरी हो तभी घर से बाहर निकले |

By | April 14, 2021

कोरोना की दूसरी लहर बढ़ने से राजस्थान में मरीजों की संख्या बढ़ी, सीएम गहलोत ने कहा कि जरुरी हो तो ही घर से बाहर निकले, कोरोना की दूसरी लहर में नौजवान बच्चे ज्यादा चपेट में आ रहे है, विदेशी टिको की फास्ट ट्रैक मंजूरी |

कोरोनावायरस के बारे में तो पूरे विश्व में हर कोई व्यक्ति ही जानता है। पूरे भारत में भी कोरोनावायरस के नए रोगी प्रतिदिन निकल कर सामने आ रहे हैं और हाल ही में राजस्थान में कोरोनावायरस को लेकर नए मामले सामने आ रहे हैं। राजस्थान में कोरोनावायरस से पिछले कुछ दिनों में बहुत से नए रिकॉर्ड भी टूटे हैं। 13 अप्रैल 2021 को राजस्थान में कोरोना के 5528 नए रोगी मिले हैं।

जयपुर में तो लगातार ही दूसरे दिन कोरोनावायरस का रिकॉर्ड ही टूट चुका है क्योंकि यहां पर कोरोनावायरस के 989 नहीं रोगी मिले हैं। इतना ही नहीं पिछले 24 घंटे के अंदर अंदर कोरोनावायरस के कारण राजस्थान में 28 लोगों की मौत भी हो गई है जो कि पूरे करोना काल का सर्वाधिक आंकड़ा है। आज हम इस पोस्ट में राजस्थान में बढ़ते हुए कोरोना संक्रमण के बारे में ही बात करेंगे और आपको बताएंगे कि राजस्थान में कोरोनावायरस के चलते कितना अधिक नुकसान हो रहा है।

बढ़ते हुए करोना संक्रमण को रोकने के लिए गहलोत ने की बैठक

  • राजस्थान में लगातार बढ़ रहे करोना कि मरीजों के आंकड़ों को देखते हुए आज राजस्थान के मुख्यमंत्री सभी राज्यों के विधायकों के साथ एक बैठक करेंगे और इस बैठक में बहुत से नए फैसले भी लिए जाएंगे। क्योंकि राजस्थान में अब तक कोरोनावायरस का रिकॉर्ड टूट चुका है। क्योंकि राजस्थान में कोरोनावायरस के कुल एक्टिव  मरीज 40 हजार 690 तक पहुंच चुके हैं, करोना वायरस को इस प्रकार बेकाबू होते देख कर  अशोक गहलोत ने सभी विधायकों के साथ एक बैठक बुलाई है। इस बैठक के दौरान कोरोनावायरस से लोगों को बचाने के लिए नए कायदे कानून बनाए जाएंगे और कुछ ऐसे बड़े फैसले भी लिए जाएंगे जिनसे लोगों की जान बचाई जा सकती है और कोरोनावायरस के संक्रमण को भी कम किया जा सकता है।
  • चिंता के मुख्य तीन कारण है। पहला कारण तो यह है कि पिछले महीने से राजस्थान में लगातार कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 12वें – 13वें नंबर पर थी जोकि अब अचानक से ही 10वें स्थान पर आ गई है और चिंता का दूसरा कारण यह है कि राजस्थान अब एक्टिव रोगियों की संख्या के बढ़ने के कारण 13वें स्थान से सातवें स्थान पर पहुंच चुका है और चिंता का तीसरा कारण यह है कि राजस्थान में अब मरीजों की रिकवरी रेट लगातार घट रही है। जो कि अब 88.35% तक पहुंच चुकी है।

इन 15 जिलों में 100 से भी ज्यादा नहीं मरीज

 राजस्थान राज्य में पहली बार ऐसा हुआ है कि कोरोनावायरस के चलते एक ही साथ 15 जिलों में 100 से भी अधिक कोरोनावायरस से संक्रमित रोगी मिले हैं। कोरोनावायरस के कारण इतने ज्यादा लोग पहले कभी नहीं संक्रमित हुए और वह 15 जिले इस प्रकार हैं :-

Corona Virus ki 2nd lahar
  • जयपुर में कोरोनावायरस के 989 नए मामले सामने आए हैं
  • जोधपुर में कोरोनावायरस के 770 नए मामले सामने आए हैं
  • उदयपुर में कोरोनावायरस के 729 नए मामले सामने आए हैं
  • राजस्थान के कोटा जिले में भी कोरोनावायरस  से 616 ब्लॉक संक्रमित हुए हैं
  • अजमेर में कोरोनावायरस के 239 नए मरीज निकल कर सामने आए हैं
  • राजस्थान के पाली जिले में कोरोनावायरस के 206 तथा डूंगरपुर में 201 नए मामले निकल कर सामने आए हैं
  • अलवर जिले में कोरोनावायरस से संक्रमित 187 नहीं मरीज सामने आए हैं
  • राजस्थान के बारां जिले में 110 तथा भीलवाड़ा में 177 और बीकानेर में 107 तथा चित्तौड़ में 159 नए मामले सामने आए हैं
  • इतना ही नहीं राजस्थान के राजसमंद में कोरोनावायरस के 153 तथा सिरोही में 140 नए मामले निकल कर सामने आए हैं।

रेमडेसिविर इंजेक्शन की खुली बिक्री पर रोक लगाई गई 

  • राज्य सरकार ने कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण तथा कालाबाजारी के खतरे को देखते हुए रेमडेसिविर तथा टोसिलिजूमैब ( Tosilizumab )  इंजेक्शन काउंटर पर बेचने तथा तो करने पर भी रोक लगा दी गई है। अब अस्पतालों से बाहर कोई भी व्यक्ति इन इंजेक्शन ओं को नहीं बेच सकता और निजी अस्पतालों को भी यदि इंजेक्शन की आवश्यकता है। तो वह सीएमएचओ ( CMHO ) तथा औषधि नियंत्रण अफसर ( Drug Control Officer ) को इस बात के लिए सूचित करेंगे उसके पश्चात ही उन्हें यह इंजेक्शन मिल सकते हैं।
  • हम आपको बता दें कि ऐसा सिर्फ इसीलिए किया गया है। क्योंकि जयपुर के कमेंट या अस्पताल से वैक्सीन की लगभग 360 लोग गायब है। अब तक इस बात का दावा नहीं किया जा सकता कि यह दोस्त गायब करने वाला कौन है। अब इसी को देखते हुए वैक्सीन को लेकर भी राज्य सरकार ने सख्ती दिखाई हैं।

विदेशी टिको की फास्ट ट्रैक मंजूरी

अब कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए देश में टीको की उपलब्धता बढ़ाने के लिए और टीकाकरण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए केंद्र सरकार ने कोविड-19 टिको को मंजूरी देने की प्रक्रिया भी काफी तेजी से बढ़ा दी है और उनको को मंजूरी दी जाएगी। जिन टीको को अन्य देश भी आपात स्थिति में इस्तेमाल करने की मंजूरी दे चुके हैं जोकि विदेश में बने हुए हैं। यह टीके पहले आम जनता में से सिर्फ 100 व्यक्तियों को ही लगाए जाएंगे और टीका लगाने के 7 दिन तक उन व्यक्तियों पर नजर रखी जाएगी कि वह बिल्कुल स्वस्थ है या नहीं और यदि वह व्यक्ति स्वस्थ रहते हैं। तो उसके पश्चात ही टीकाकरण की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

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