राजस्थान चिकित्सा विभाग में 36178 NHM संविदा कर्मी नियमित हुए-यहाँ से जानिए मानदेय से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी |

राजस्थान चिकित्सा विभाग में 36178 NHM संविदा कर्मी नियमित हुए,Rajasthan Contract Workers are Permanent, राजस्थान में गहलोत सरकार ने कहा एक लाख से अधिक संविदा कर्मियों को नियमित किया जाएगा, हाल ही में अशोक गहलोत सरकार ने चिकित्सा विभाग में 36178 संविदा कर्मियों को स्थाई नियुक्ति दे दी है,

राजस्थान सरकार द्वारा चिकित्सा विभाग में 36,178 संविदा कर्मियों को नियमित किया गया है। यह संविदा कर्मी चिकित्सा विभाग में 56 अलग-अलग पदों पर काम कर रहे थे। लेकिन अब स्थाई हो जाने के बाद, उनको वेतन के अलावा अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।

राजस्थान सरकार के इस फैसले से इन सभी संविदा कर्मियों को लंबे समय के बाद राहत मिली है। क्योंकि पहले यह संविदा कर्मी काफ़ी कम salary पर काम कर रहे थे लेकिन अब इनकी सेवा के आधार पर इन सभी को स्थाई किया गया है।

स्थाई होने से होगा, बड़ा लाभ

अब स्थाई होने वाले ये सभी संविदा कर्मी 18 वर्ष की सेवा पर ₹27700 से लेकर ₹100000 प्रति माह वेतन प्राप्त कर पाएंगे। क्योंकि पहले इन संविदा कर्मियों को 8,850 रूपये से लेकर 33,650 रूपये तक मानदेय मिलता था। लेकिन स्थाई होने पर इनका salary काफी ज्यादा हो जाएगा।

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हालांकि 9 वर्ष की सेवा पर इनका मानदेय 15,850 रूपये से लेकर 58,200 रूपये दिया जाएगा। इस संबंध में अब स्वास्थ्य सचिव द्वारा भी निर्देश जारी किए गए हैं। इस निर्देश के पश्चात कई वर्षों के बाद इन सभी संविदा कर्मियों को स्थाई किया गया है यह पूरी जानकारी राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा ही स्वास्थ्य कर्मियों को दी गई हैं।

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संविदा कर्मियों के साथ किया गया हैं, छलावा

राजस्थान में उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस सरकार को संविदा कर्मियों को नियमित करने पर आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मियों को नियमित करने की आड़ में सरकार ने उनके वेतन को कम कर दिया है। वेतन के अलावा नियमित कर्मचारियों को pension तथा ग्रेच्युटी का लाभ भी देना चाहिए।

ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार के द्वारा अब से पहले इन सभी संविदा कर्मियों के लिए ऐसा कुछ भी नहीं किया गया है। संविदा कर्मियों के नाम पर इन सभी कर्मचारियों के साथ धोखा किया गया है।

कांग्रेस ने बोला कि हमने किया अपने घोषणापत्र का, एक और वादा पूरा

राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी द्वारा कहा गया हैं, कि हमने 2018 के चुनाव में घोषणा की थी कि जब हमारी सरकार आएगी, तो हम संविदा कर्मचारियों को नियमित करेंगे और हमने ऐसा कर दिखाया है अब स्वास्थ्य क्षेत्र के सभी 36,178 कर्मचारियों को नियमित कर दिया गया है।

हालांकि यह सभी कर्मचारी नियमितीकरण की मांग लंबे समय से कर रहे थे। इनमें से तो काफी संविदा कर्मचारी ऐसे थे, जो कि लंबे समय से संविदा कर्मी के रूप में काम कर रहे थे। इन सभी संविदा कर्मियों ने राज्य की सेवा के लिए काफी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

Corona time में संविदा कर्मचारियों ने राज्य में करोना से लड़ाई लड़ने में बहुत अहम भूमिका निभाई थी। लोगों के लिए यह सभी कर्मचारी देवदूत बनकर आए थे। के सभी संविदा कर्मियों ने समय पर अस्पतालों में अपनी जिम्मेदारी को काफी अच्छे से पूरा किया था इसलिए इनका नियमितीकरण करना भी अनिवार्य था।
संविदा कर्मियों ने मुख्यमंत्री जी का जताया, आभार

चिकित्सा विभाग में संविदा कर्मियों को नियमित करने के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर छा गई है। इसी वजह से इन कर्मचारियों के द्वारा मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया गया है। Contractual worker का कहना था, कि मुख्यमंत्री जी द्वारा लिया गया यह निर्णय काफी सराहनीय है हम लंबे समय से इस मुद्दे को सरकार के सामने उठा रहे थे।

संविदा कर्मियों का कहना है कि आखिरकार सरकार ने हमारी बातों को सुना और चिकित्सा विभाग में बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों को नियमित कर दिया गया। सरकार के ऐसा करने से हम सभी के परिवारों में बहुत खुशी का माहौल है। हम लंबे समय से राज्य में चिकित्सा विभाग में अपने पद पर काफी लगन से काम कर रहे थे जिसका फल आज हमको मिल गया है।

कैबिनेट कमेटी द्वारा की गई थी, संविदा कर्मियों को नियमित करने की सिफारिश

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चिकित्सा विभाग में इतने बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों को नियमित करने के लिए पहले सरकार के द्वारा एक committee का गठन किया गया था। इस कमेटी द्वारा ही संविदा कर्मियों को परमानेंट करने के लिए नियम बनाए गए थे। इन्हीं नियमों के अनुसार संविदा कर्मियों को स्थाई किया गया है।

इस कमेटी के द्वारा संविदा कर्मियों को स्थाई करने की सिफारिश सरकार से की गई थी जिसने संविदा कर्मियों की सेवा के आधार पर उनका मानदेय भी तय किया गया है। अब लंबे समय से काम कर रहे health department में संविदा कर्मी नियमित होने से ना केवल अच्छा मानदेय प्राप्त करेंगे बल्कि उन्हें स्थाई कर्मचारिओं जैसी सुविधाएं भी प्राप्त होंगी।

राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स 2022 के अनुसार, किया जायेगा स्थाई

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि राजस्थान सरकार द्वारा हाल ही में Rajasthan Contractual Hiring to Civil Post Rules 2022 लाया गया था। इसका उद्देश्य राज्य के विभिन्न विभागों में संविदा कर्मियों को नियमित करना था। वैसे तो पूरे राज्य में लगभग 1 lakh से ज्यादा संविदा कर्मियों को स्थाई किया जा रहा है।

लेकिन चिकित्सा विभाग में लगभग 36,178 संविदा कर्मियों को ही नियमित किया जाएगा। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि Rajasthan Contractual Hiring to Civil Post Rules 2022 को इसी उद्देश्य से लाया गया है ताकि चिकित्सा विभाग के सालों से काम कर रहे संविदा कर्मियों को Permanent किया जा सके।

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इस नियम द्वारा संविदा कर्मियों को स्थाई करने की पूरी प्रक्रिया के बारे में बताया गया हैं क्योंकि बिना नियम के द्वारा राज्य में संविदा कर्मियों को स्थाई नहीं किया जा सकता था। पहले से ही राज्य कर्मचारियों के नियम में यह निर्धारित है, कि संविदा कर्मी नियमित नहीं होंगे। इसलिए इस नियम को Correction करना जरूरी था।

राज्य के कर्मचारियों से संबंधित नियम मे संशोधन की वजह से ही Rajasthan Contractual Hiring to Civil Post Rules 2022 लाया गया है अन्यथा यह वर्तमान नियम के खिलाफ हो जाता जिसको कोर्ट द्वारा भी रद्द किया जा सकता था।

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