ऑनलाइन क्लासें बंद हुई-10 लाख पर रोजगार का संकट |

By | July 16, 2021

राजस्थान प्रदेश में करीब पचास हजार निजी स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं बंद कर दी गई है, निजी स्कूलों के पधाधिकारियों ने कहा कि सरकार मांगे नहीं मानेगी तो अनिश्चितकाल तक क्लासें बंद रहेंगी, सयुंक्त अभिभावक संघ ने कहा क्लास बंद करना कोर्ट का अपमान |

नमस्कार दोस्तों-Result Uniraj टीम आपको इस पेज में राजस्थान प्रदेश के सभी निजी स्कूलों द्वारा ऑनलाइन क्लासें बंद करने के फैसले के बारे में सम्पूर्ण जानकारी बताएगी | कोरोना महामारी के दौरान बहुत से लोगो की नौकरी चली गई थी |

ऐसे बात की जाये निजी स्कूलों की तो प्रदेश के बहुत से स्कूलों द्वारा बच्चों की पढ़ाई के लिए ऑनलाइन क्लासे लगवाई है | लेकिन जब निजी स्कूलों द्वारा छात्रों से फीस के लिए बोला गया तो मामला इतना बढ़ गया कि कोर्ट तक चला गया था |

Online Education System News

राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कोरोना के समय में सभी स्कूल बंद रही तो छात्रों से फीस नहीं ले सकते है | इससे मामला रुकने की बजाय बढ़ता ही चला गया है | शिक्षा विभाग ने आदेश दिया कि सीबीएसई की फीस में 30% और राजस्थान बोर्ड में 40% फीस की कटौती की जाये |

इसी के चलते फिर निजी स्कूलों के पधाधिकारियों ने कहा कि अगर सरकार हमारी मांग नहीं मानती है तो हम ऑनलाइन क्लासें नहीं लगवाएंगे | ऐसी स्थिति में प्रदेश के करीब 10 लाख से अधिक शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक चुकी है | अब देखना यह है कि आखिर राज्य सरकार फीस के मामले पर अपना क्या फैसला सुनाती है | अधिक जानकारी के लिए आप इस पेज को आखिर तक जरूर पढ़े |

10 लाख लोगो पर रोजगार का संकट खड़ा हुआ-

राजस्थान प्रदेश में शिक्षा विभाग के फीस कटौती के आदेश के विरोध में फॉर्म ऑफ़ प्राइवेट स्कूल्स ऑफ़ राजस्थान के आह्वान पर प्रदेश के करीब 50 हजार निजी स्कूल अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए है | निजी स्कूलों के इसी फैसले के बाद से ऑनलाइन क्लासें भी लगनी बंद हो चुकी है |

बंद के समर्थन में फॉर्म के बैनर के नीचे स्कूल संचालक व शिक्षक-कर्मचारी जिला कलेक्ट्रेट पर एकत्रित हुए | उन्होंने कहा कि फीस नहीं आने से इन स्कूलों में कार्यरत करीब 10 लाख से अधिक शिक्षक कर्मचारियों के रोजगार पर भी संकट खड़ा हो गया है | इसको लेकर हमें सरकार को अवगत भी करवा दिया है | उम्मीद करते है कि प्रदेश की सरकार इन बातों पर ध्यान देगी |

फीस से ही चलते है स्कूल-माध्यम प्रदेश कोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि कोरोना काल में निजी स्कूल ट्यूशन फ़ीस ले सकेंगे | हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस संजय यादव और जस्टिस राजीव कुमार दुबे की डिवीजन बेंच ने 13 पन्नो के फैसले में कहा कि निजी स्कूलों का संचालन सिर्फ बालको द्वारा दी जाने वाली फीस से ही होता है |

इसलिए बालको को शिक्षण सत्र के लिए स्कूलों में शिक्षण शुल्क जमा करवाना ही होगा | लेकिन इसके अलावा हाईकोर्ट ने अपने आदेश में निजी स्कूल संचालको को यह भी कहा कि इस सत्र में आप फीस नहीं बढ़ा सकते हो |

नोट-दोस्तों अगर आपको हमारी टीम द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी हो तो, आप इस सूचना को अपने मित्रो के साथ भी शेयर करे-धन्यवाद

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One thought on “ऑनलाइन क्लासें बंद हुई-10 लाख पर रोजगार का संकट |

  1. Bhalla ram

    गेहलोत सरकार को शिक्षको को पगार देना चाहिऐ

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