अब NEET के बिना भी आप डॉक्टर बन सकेंगे-यहाँ से Top 10 Medical कोर्स की जानकारी |

अब NEET के बिना भी आप डॉक्टर बन सकेंगे,Top 10 Medical Course Without Neet Exam, जिनके लिए आपको नीट परीक्षा की तैयारी नहीं करनी होगी, 12वीं के बाद आप बिना NEET के मेडिकल कोर्स कर सकते हैं, अगर आप बिना नीट परीक्षा पास किये ही डॉक्टर बनना चाहते हो तो यहाँ से देखे सम्पूर्ण जानकारी, आप यहाँ से देखे Top 10 Medical Courses

12वीं के बाद ज्यादातर बायोलॉजी लेने वाले student डॉक्टर बनने की तैयारी करते हैं। जिसके लिए नीट की परीक्षा देनी होती है। बिना नीट की परीक्षा दिए आप एमबीबीएस में एडमिशन नहीं ले पाएंगे। इसलिए हर साल लाखों स्टूडेंट Neet की परीक्षा की तैयारी करते हैं, जिससे उनको अच्छे सरकारी कॉलेज मिल सके।

लेकिन क्या आप जानते हैं,कि आजकल ऐसे भी कई medical course उपलब्ध है, जो कि बिना नीट की परीक्षा क्रैक किए आप इन में एडमिशन ले सकते हैं। आइए आज की पोस्ट में हम आपको ऐसे ही मेडिकल कोर्सेज के बारे में जानकारी देंगे, जिनके लिए आपको नीट परीक्षा की तैयारी नहीं करनी होगी।

NEET परीक्षा क्वालीफाई ना कर पाने से, ना हो उदास।

अगर आप भी NEET परीक्षा को क्वालीफाई नहीं कर पाए हैं, तो चिंता ना मानिए। नीट के बिना भी आप डॉक्टर आसानी से बन सकते हैं। जैसे आप doctorate of Pharmacy course कर सकते हैं। जिसके लिए नीट की कोई आवश्यकता नहीं है। वैसे तो यह कोर्स 6 साल का होता है। लेकिन इसमें 1 साल की क्लिनिकल इंटर्नशिप भी होती है। लेकिन यह कोर्स आपको तभी करना चाहिए, जब आपकी chemistry subject पर अच्छी पकड़ हो। इसके अलावा आप BHMS, BAMS,BUMS इत्यादि जैसे कोर्स करके भी आसानी से डॉक्टर बन सकते हैं।

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medical Course Without Neet Exam

12वीं के बाद आप बिना NEET के कौन से मेडिकल कोर्स कर सकते हैं।

अब हम आपको बताने जा रहे हैं,कि 12वीं पास करने के बाद उम्मीदवार बिना नीट के कौन-कौन से मेडिकल कोर्स कर सकते हैं। जिससे आप बिना NEET पास किए भी डॉक्टर बन सकते हैं। आइए विस्तार से टेबल के माध्यम से समझते हैं।

Career fieldMedical course & Duration
Occupational therapist- यह लोगों के लगने वाली शारीरिक तथा मानसिक चोट का इलाज करते हैं। ताकि लोग बेहतर जीवन जी सकें। इन बीमारियों में चोट, दुर्घटना,लंबे समय से हो रही बीमारी, लकवा, स्ट्रोक इत्यादि से निदान दिलाने के लिए काम करते हैं। ऑक्यूपेशनल थैरेपिस्ट गैर सरकारी संगठनों (NGO) तथा स्वतंत्र रूप से भी काम कर सकते हैं।Bachelor of occupational therapy(4.5 वर्ष ) Diploma in rehabilitation( occupational therapy)-1 year
Biotechnologist  –  बायोटेक्नोलॉजिस्ट या जैव प्रौद्योगिकीविद जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाता है। जोकि जीव विज्ञान और प्रौद्योगिकी को आपस में मिलाता है। ताकि लोगों की LIFE ओर बेहतर बनाई जा सके। इसी वजह से बायोटेक्नोलॉजिस्ट कृषि, फार्मा, भोजन, केमिस्ट्री तथा अन्य क्षेत्रों में अनुसंधान का कार्य भी करता है।BSc in Biotechnology (3 years )
Biomedical engineer- बायोमेडिकल इंजीनियर रिसर्च लैब मे चिकित्सा प्रोद्योगिकी, जैव सूचना विज्ञान प्रणाली, बीमारियों के कारण और उनके समाधान आदि क्षेत्रों में अध्ययन करते हैं। जिससे आज की परिस्थितियों के अनुरूप doctor और वैज्ञानिकों के साथ अनुसंधान कर सकें। बायोमेडिकल इंजीनियर एक नया क्षेत्र है।जिसमे स्कोप बहुत ज्यादा है।Bachelor of Technology biomedical engineering (4 years )
Microbiologist( non clinical) माइक्रोबायोलॉजिस्ट या सूक्ष्म जीव विज्ञानी हमारे वातावरण में मौजूद मिट्टी, पानी, भोजन, मनुष्य  तथा पौधों में मौजूद सूक्ष्म जीवों का अध्ययन करते हैं। जिससे हमारे वातावरण को अच्छा बनाया जा सके।BSc microbiology (3 years )
Cardiovascular Technologist – कार्डियोवैस्कुलर टेक्नोलॉजीस्ट डॉक्टरों को दिल और रक्त संबंधित बीमारियों को सही समय पर इलाज करवाने के लिए सहायता करते हैं। इसके लिए वे रोगियों पर विभिन्न तरह के परीक्षण, अल्ट्रासाउंड  तथा अन्य चीजों का परीक्षण करते हैं।BSc cardiac या cardiovascular Technology(4 years )
Perfusionist – परफ्यूशनिस्ट स्वास्थ्य देखभाल विशेषज्ञ पेशेवर होते हैं। जो कि ऑपरेशन थिएटर में संचालित होने वाली सभी मशीनों को देखते हैं। जिससे रोगियों को जीवित रखा जा सके। साथ ही परफ्यूशनिस्ट यह देखते रहते हैं, कि रोगियों में रक्त का प्रवाह सही तरीके से होता रहे। इसके अलावा परफ्यूशनिस्ट सर्जन तथा अन्य देखभाल पेशेवरों से बातचीत करते हैं ताकि विभिन्न चिकित्सीय प्रक्रियाओं में मदद हो सके।    Bachelor of perfusion Technology or BSc cardio pulmonary Perfusion Technology(3-4years )
Respiratory therapist –  रेस्पिरेट्री थैरेपिस्ट उन मरीजों की देखभाल करते हैं जिनको सांस से संबंधित समस्याएं होती हैं। यह शिशुओं से लेकर वृद्ध तक सभी की समस्याओं को देखते हैं। रेस्पिरेट्री थैरेपिस्ट गंभीर परिस्थितियों में मौजूद रोगियों की देखभाल करते हैं। मुख्य रूप से यह आपातकालीन देखभाल, आईसीयू, नवजात शिशु इकाई आदि में काम करते हैं।Bachelor of respiratory therapy(4 years )
Nutritionist – इनको पोषण विशेषज्ञ भी बोला जाता है। मरीजों की स्थिति को देखकर उनके डाइट को निर्धारित करते हैं। अलग-अलग लोगों के लिए डाइट चार्ट बनाते हैं। जो कि बच्चों से लेकर बड़ों तक के खाने में क्या क्या शामिल होना चाहिए, वह सब चीजें बताते हैं। पोषण विशेषज्ञ या तो स्वतंत्र रूप से, या फिर hospital मे भी काम कर सकते हैं।BSc in nutrition and dietetics (3 years ) BSc in clinical nutrition and dietetics (3 years )  BSc in human nutrition (3 years )
Psychologist- मनोवैज्ञानिक लोगों के जीवन में मानसिक चुनौतियों को समाप्त करने में सहायता करते हैं। क्योंकि आजकल लोगों को शारीरिक से ज्यादा मानसिक परेशानियां अधिक है। इसीलिए मनोवैज्ञानिक या तो स्वतंत्र रूप से या फिर अस्पतालों में काम कर सकते हैं।Bachelor in psychology(3 years )
Cytogenetic- साइटोजेनेटिक्स गुण सूत्रों का अध्ययन करते हैं। जिससे वे अनुवांशिक विकारों का पता लगाने में सहायता करते हैं। इसके लिए यह विशेषज्ञ microscopic photography DNA Technology का उपयोग करते हैं। भारत में यह क्षेत्र एक उभरता हुआ क्षेत्र है। जिसका आने वाले समय में बहुत स्कोप है।साइटोजेनेटिक्स अजन्मे बच्चे तथा प्रयोगशालाओं में अन्य रोगियों पर भी काम करते हैं। यह भी अस्पतालों, clinics और अनुसंधान में काम कर सकते हैं।  BSc genetics (3 years ) BSc Biotechnology (3 years )

12वीं के बाद बिना NEET के Medical Courses में मिलेगा दाखिला

विदेशों में बिना NEET परीक्षा के ही MBBS Course में दाखिला

मेडिकल कोर्सेज जिनकी मेडिकल क्षेत्र में बहुत ज्यादा मांग है।

  •  Biochemistry
  •  Behaviour analyst
  •  Assistant behaviour analyst
  •  Anatomy
  •  Anaesthesia Assistant Technologist
  •  Burn care Technology
  •  Diagnostic medical radiographer
  •  Diagnostic medical sonographer
  •  Critical Care या Intensive Care Unit Technologist
  •  Dialysis therapy Technologist
  •  Ecologist
  •  Endoscopy and laparoscopy Technologist
  •  Forensic science technologist
  •  Medical record technician या medical record analyst
  •  Integrated behaviour health counsellor
  •  Human immune deficiency virus advisor.

इसलिए जो भी उम्मीदवार NEET की परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं या जिनके नंबर कम है, उनको बिल्कुल भी चिंता नहीं करनी चाहिए। आप ऊपर दिए गए विभिन्न विकल्पों में से कोई भी मेडिकल कोर्स बिना नीट के कर सकते हैं।

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