ऊंटनी के दूध से बनाई चॉकलेट अब मधुमेह रोगी भी खा सकेंगे-बीकानेर के राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र ने दी जानकारी |

ऊंटनी के दूध से बनाई चॉकलेट अब मधुमेह रोगी भी खा सकेंगे,Camel Milk Chocolate, बीकानेर के राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र ने ऊंटनी के दूध से बनाई चॉकलेट, Chocolate स्वादिष्ट होने के साथ-साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर है, diabetes patient खा सकेंगे यह चॉकलेट, चॉकलेट का ट्रेडमार्क कैम कैट मार्क होगा, ऊंटनी का दूध कई बीमारियों में रामबाण है।

आप यह बात सुनकर हैरान हो जाएंगे, कि मधुमेह रोगी भी अब chocolate खा सकेंगे। जी हां यह सच है। ऐसा कमाल का अविष्कार राजस्थान राज्य के बीकानेर के राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र द्वारा किया गया है। क्योंकि यह सब जानते हैं, कि मधुमेह रोगी चॉकलेट नहीं खा सकते हैं। इसलिए अनुसंधान केंद्र द्वारा अब ऐसी चॉकलेट ऊंटनी के दूध से बनाई गई है, जोकि स्वादिष्ट होने के साथ-साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर है। राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र बीकानेर के निदेशक द्वारा बताया गया है, कि ऊंटनी के दूध से बनी chocolate जल्द मार्केट में उपलब्ध होगी। आइए आज की पोस्ट में ऊंटनी के दूध से बनने वाली चॉकलेट के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।

बच्चों से लेकर बूढ़े तक खा सकेंगे यह चॉकलेट।

अक्सर डॉक्टरों द्वारा यह बोला जाता है, कि चॉकलेट नहीं खानी चाहिए, नहीं तो आपके दांत और गला खराब हो सकते हैं। ज्यादातर बच्चों के मां-बाप अपने बच्चों को चॉकलेट खाने से ऐसे ही मना करते हैं। लेकिन अब ऐसे बच्चे तथा diabetes patient के लिए भी बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। अब सब यही कहेंगे, कि चॉकलेट खाना अच्छी बात है। क्योंकि यह औषधीय गुणों से भरपूर है।

Camel Milk Chocolate

ऊंटनी के दूध से बनने वाली यह chocolate जल्द ही मार्केट में लॉन्च की जाने वाली है। जिससे मधुमेह रोगी भी अब चॉकलेट खा सकेंगे। इससे उनका स्वास्थ्य काफी अच्छा हो सकेगा। क्योंकि इसमें immunity बढ़ाने वाले पोषक तत्व भी मौजूद है। जो लजीज स्वाद के साथ-साथ शारीरिक मजबूती भी बढ़ाएंगे।

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कैसे बनाई जाएगी कैमल चॉकलेट।

विशेषज्ञों द्वारा बताया गया है, कि यह चॉकलेट Camel के दूध से बनाई जाएगी। जिसमें कोको पाउडर, कैमल मिल्क तथा स्वीटनर का उपयोग किया जाएगा। इसमें कोई भी उत्पाद ऐसा नहीं होगा, जो मधुमेह रोगियों के लिए हानिकारक हो। यानी इसके स्वाद के साथ-साथ, इससे मिलने वाले पोषक तत्व का भी वैज्ञानिकों द्वारा ध्यान रखा गया है। Camel chocolate बनाने की पूरी प्रक्रिया संस्थान द्वारा पूरी कर ली गई है।

इस चॉकलेट को बनाने के लिए ऐसी प्रक्रिया का इस्तेमाल किया गया है, जिससे camel milk के पोषक तत्व नष्ट ना हो । इस प्रक्रिया में कोकोआ पाउडर को एक निर्धारित तापमान पर गर्म किया जाएगा। फिर इस पाउडर को ठंडा होने के लिए रख दिया जाएगा। ठंडा होने के बाद यह पाउडर camel milk में मिलाया जाएगा। जिससे कैमल मिल्क के पोषक तत्व पहले की तरह ही रहे।

चॉकलेट का ट्रेडमार्क कैम कैट मार्क होगा

केंद्र सरकार द्वारा इस ऊंटनी के दूध से बनी chocolate को कैम कैट मार्क दिया गया है। जो कि वैज्ञानिकों द्वारा अनुसंधान केंद्र में बनाई गई है। हालांकि मार्केट में अभी इस चॉकलेट को लॉन्च नहीं किया गया है। लेकिन अगले 6 माह बाद मार्केट में यह चॉकलेट आपको देखने को मिल जाएगी। अभी इस chocolate को लॉन्च करने के लिए पूरी प्रक्रिया पर काम चल रहा है।

राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र बीकानेर के निदेशक डॉ आत्र बंधु साहू ने बताया है, कि पहले जहां शुगर मरीज chocolate नहीं खा सकते थे। लेकिन अब उनकी सभी परेशानियां दूर हो चुकी हैं। हमको इस चॉकलेट का ट्रेडमार्क मिल चुका है। आगामी 6 माह में ही हम इस चॉकलेट को बाजार में बेच पाएंगे

अभी अनुसंधान को अंतिम रूप दिया जा रहा है। क्योंकि किसी भी नए अविष्कार को धरातल पर लाने के लिए कई formalities पूरी करनी पड़ती है। इसी वजह से छह माह की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चॉकलेट मार्केट में आ सकेगी।

मधुमेह के मरीजों के लिए ऊंटनी का दूध अमृत है।

क्या आप जानते हैं,कि ऊंटनी का दूध मधुमेह के रोगियों के लिए बहुत लाभदायक होता है। हमारे देश में जहां गाय, भैंस तथा बकरी का दूध ज्यादातर पिया जाता है। इस दूध के बारे में ही हम ज्यादातर सुनते हैं।लेकिन camel milk कितना फायदेमंद होता है, उसको जानकर आप चौक जायेंगे। ज्यादातर Middle East के देशों में ऊंटनी का दूध पिया जाता है। ऊंटनी का दूध कई बीमारियों में रामबाण है।

डायबिटीज के मरीज के लिए तो ऊंटनी का दूध अमृत के समान होता है। अगर आपको मधुमेह हैं तथा high blood pressure रहता है, तो ऊंटनी का दूध आपके ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर सकता है। इसमें काफी पोषक तत्व पाए जाते हैं। ऊंटनी के दूध में काफी मात्रा में protein पाया जाता है। जिसमें एंटीमाइक्रोबियल्स गुण पाए जाते हैं। जिससे आपका इम्यून सिस्टम काफी मजबूत हो जाता है, तथा शरीर में ब्लड सरकुलेशन भी काफी अच्छा रहता है।

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जब भी मधुमेह का लेवल ज्यादा हो जाता है, तो डॉक्टर भी ऊंटनी का दूध पीने की सलाह देते हैं। हालांकि हमारे देश में ऊंटनी का दूध इतनी आसानी से नहीं मिल सकता है। लेकिन आजकल विभिन्न कंपनियां camel milk की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ऑनलाइन भी ऊंटनी का दूध बेच रही हैं।

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