शिक्षक बनना हुआ मुश्किल-नई शिक्षा नीति में शिक्षकों चार चरणों से गुजरना होगा

नई शिक्षा नीति में हुआ बदलाव, नई शिक्षक भर्ती में चार चरणों से गुजरना होगा, शिक्षकों के चयन का तरीका बदला, नए पैटर्न की वजह से भर्तियां अटक सकती है, बेरोजगार एकीकृत महासंघ ने किया विरोध

अब शिक्षकों को चरण चरणों से गुजरना होगा-

नमस्कार दोस्तों-Result Uniraj टीम आपको इस पेज में केंद्र सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति के तहत नए शिक्षकों हेतु बनाई गई योजना की सम्पूर्ण जानकारी बताएगी | पुरे देश भर में जल्द ही नई शिक्षा नीति लागु होने की संभावना है |

केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति बहुत बड़ा बदलाव किया है |नई शिक्षा नीति में स्कूली शिक्षकों के चयन प्रक्रिया में बहुत बड़ा फेरबदल किया गया है | पहले शिक्षकों का चयन केवल लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाता था | लेकिन अब नई शिक्षा नीति के बाद शिक्षक बनने के लिए चार चरणों से गुजरना पड़ेगा | इससे पहले केवल परीक्षा से ही भर्ती प्रक्रिया करवाई जाती थी, उन भर्तियों की प्रक्रिया पूरी होने में तीन से चार साल तक का समय लग जाता था |

जब चार चरण के द्वारा भर्ती प्रक्रिया करवाई जाएगी, तब यह नई भर्तियां कब तक पूरी हो पाएंगी | अब आगे होने वाली सभी भर्तियां एनटीए के माध्यम से ही आयोजित करवाई जाने की संभावना है | नई चयन प्रक्रिया की सम्पूर्ण जानकारी के लिए आप इस इस पेज को आखिर तक जरूर पढ़े |

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    शिक्षकों के चयन में यह बदलाव होगा-

    यहाँ इस पैराग्राफ में में हमारी टीम आपको केंद्र सरकार द्वारा शिक्षक भर्ती के लिए जारी की गई नई प्रक्रिया की जानकारी बताएगी | प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर के विधालयों तक सभी शिक्षकों के लिए टेट परीक्षा जरुरी होगी | इसके अलावा एनटीए द्वारा ली जाने वाली लिखित परीक्षा भी उत्तीर्ण करनी होगी | इन दोनों परीक्षाओं के बाद साक्षात्कार और 5 से 10 मिनट तक कक्षा में पढ़ना होगा |

    इन चारो चरणों से गुजरने के बाद ही आप शिक्षक बन पाएंगे | सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिक्षक भर्ती की परीक्षा अब एनटीए एजेंसी के द्वारा ही आयोजित करवाई जाएगी | अगर सभी राज्यों में एक ही एजेंसी परीक्षा करवाई तो, इससे पारदर्शिता भी बनी रहेगी |

    पहले यह व्यवस्था थी-

    नई शिक्षा नीति से पहले राज्य में तृतीय श्रेणी शिक्षक बनने के लिए रीट परीक्षा ली जाती थी | रीट परीक्षा से पहले तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लिए टेट परीक्षा ली जाती थी | इसके अलावा द्वितीय श्रेणी और व्याख्याता भर्ती भी केवल लिखित परीक्षा के माध्यम से ही पूरी करवाई जाती थी | अब नई शिक्षा नीति लागु होने के बाद, सभी नए शिक्षकों को चार चरणों के माध्यम से गुजरना पड़ेगा | सभी शिक्षक भर्तियां एनटीए के माध्यम से सम्पन्न करवाई जाएगी |

    राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ ने यह कहा-

    केंद्र सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति में किये गए फेरबदल के बाद, राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के उपेन यादव ने कहा है, कि इससे प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों की बजाय नेता और अफसरशाही के रिश्तेदारों का चयन होगा | उन्होंने यह भी कहा है, कि इस नए प्रावधान से गरीबो को मौका नहीं मिलेगा | भर्ष्टाचार बढ़ने से योग्य अभ्यर्थियों का दमन होगा | हम इस नई नीति का विरोध करते है |

    नोट-दोस्तों आप अपनी राय/ विचार हमारी टीम के साथ कमेंट के द्वारा शेयर कर सकते है | अगर यह सूचना आपको अच्छी लगी हो तो, अपने दोस्तों और सोशल मीडिया (वाट्सअप, फेसबुक) पर जरूर शेयर करे-धन्यवाद

    103 thoughts on “शिक्षक बनना हुआ मुश्किल-नई शिक्षा नीति में शिक्षकों चार चरणों से गुजरना होगा”

    1. नई शिक्षा निति में ऐसे बदलाव से ये साफ होता हे की गरीब लोगो को अब टीचर बनने का मौका अब नहीं मिल पायेगा अब तो साक्षात्कार में रिश्वत चलेगी और व्ही लोग टीचर बन पाएंगे जो रिश्वत दे

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    2. जब बेरोजगार युवा या अभ्यर्थी टेट की परीक्षा पास करना बहुत ही मेहनत करके पास करेगा फिर NTA द्वारा परीक्षा पास करेगा तब तक तो ठीक है लेकिन साक्षात्कार में रुपये खेल करेंगे और इसके बाद जो डेमो लेगा उसे रिश्वत देनी पड़ेगी तो फिर शिक्षक बनाने ही क्यो है इससे तो अच्छा है कि बेरोजगारों के साथ अन्याय होगा और प्रतिभाशाली अभ्यर्थी घर बैठेगा
      मतलब साफ है कि इससे अच्छा तो IAS का एग्जाम ही ले लो नई शिक्षा प्रणाली में

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    3. Corruption ko badhava milega …garibo ka daman … Hoga …
      Desh me ek interview hi esa hai. Jisme sbse jyada bhrstachari hai garibo ko upper aane nahi dete

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    4. is Nai Shiksha niti Ko change karna hoga ASE to hamare kese Garib. Log ka kya hoga … Ham sarkaar se request karate h ki is Shiksha niti me badlaw kare

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    5. शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में साक्षात्कार और कक्षा में पढ़ाने का प्रावधान बिल्कुल नहीं होना चाहिए यहां तक अभ्यर्थी इतना सब कुछ कर कर ही पहुंचता है वह तमाम चीजें क्वालीफाई करके जाता है फिर यह 2 साल का डिप्लोमा B.ed और बीटीसी इसका क्या मतलब रहेगा क्यों 4 साल b.ed होगा जब अभ्यर्थी को साक्षात्कार ही देना पड़ेगा तोक्यों 4 साल डिप्लोमा में वह क्यों इतना समय बेस्ट करेगा और उसके बावजूद जो 4 साल का डिप्लोमा होगा उसमें बच्चों को पढ़ना तो ही सिखाया जाएगा 4 साल तक पढ़ते पढ़ते ही टीचर बन जाएंगे साक्षात्कार और क्लास में पढ़ाने का कोई वजूद नहीं रहेगा

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    6. इस शिक्षा नीति में साक्षात्कार में सिर्फ उन्हीं लोगों का चयन होगा जो नेता, अफसरों के रिश्तेदार होंगे। श्रमिक, गरीब ,निम्न वर्ग, पिछड़ा वर्ग, तो पीछे ही रह जाएगा। इसमें सिर्फ पैसा होगा , बड़े लोग होंगे ।

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    7. Bjp ke government ne dhoka he nhi kiya balki juth bola logo ka bharosa toda sath he government ke sari naukariya kha gyi h. Bhut bekar government h. Neta logo ke liye bhe ab 5 paper ho tab unhe election me utara jaye .bhut he bekar sabit hui h bjp government job balo ke liye

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    8. Ye sikhsa niti ni laagu honi chahiye…greebo ko naukri ni dena chahte hn sb bs….yogya log ka chayan ni hoga esse ….ek sikhsk bnne k liye etna exam….hadd h ….

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