Health Insurance Portability से पहले यह नियम जरूर जान लेवे-यहाँ से जाने फायदे और नुकसान |

Health Insurance Portability से पहले यह नियम जरूर जान लेवे,Health Insurance New Portability Rule, इंश्योरेंस रेगुलेटरी के द्वारा हेल्थ इंश्योरेंस से संबंधित नया रूल जारी किया गया है, अब हेल्थ बीमा को पॉलिसी धारक Port करवा सकते हैं, यदि आप ने भी हेल्थ इंश्योरेंस करवाया है, तो जानकारी के लिए इस पोस्ट को पूरा पढ़ें |

इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी(IRDAI) के द्वारा लोगों की सुविधा के लिए नया नियम लाया गया है। जिसमें अब आप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी मे Portability करवा सकते हैं। इस सुविधा से अब आप अपनी पसंद के अनुसार कंपनी में पहले से चल रहे आ रहे Health Bima को पोर्ट करा सकते हैं।

हेल्थ इंश्योरेंस पोर्ट कराने पर कंपनी आपको मना नहीं कर सकती हैं। यदि आपने भी हेल्थ इंश्योरेंस करवाया हुआ है या फिर आप भविष्य में Health Insurance करवाना चाहते हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण होगी l

इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको Insurance Regulatory And Development Authority के द्वारा लाए गए इस नए Rule के बारे में जानकारी देंगे l इसीलिए इस पोस्ट को अंत तक अवश्य पढ़ें ।

Handwritten Notes के लिए फॉर्म भरे

मोबाइल नंबर की तरह करा सकते हैं हेल्थ इंश्योरेंस को पोर्ट

जिस प्रकार मोबाइल नंबर में पोर्ट की सुविधा उपलब्ध होती है, वैसे ही Health Insurance में यह सुविधा दी गई है। जिसमें आप एक कंपनी से दूसरी कंपनी में पोर्टेबिलिटी की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।

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इससे ऐसे लोगों को काफी राहत मिलेगी, जिनको किसी कंपनी के द्वारा दी गई सुविधाएं अच्छी नहीं लगेगी। इसलिए वे दूसरी कंपनियों की सुविधा लेने के लिए पोर्ट करा सकेंगे।

Health Insurance Portability कराते समय, इन बातों का रखे ध्यान।

हेल्थ इंश्योरेंस में पोटेबिलिटी कराते समय आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को कई बातों का ध्यान रखना होगा। आइए इन सभी बातों को ध्यान से देखते हैं।

  •  आवेदक अपने हेल्थ इंश्योरेंस की पोटेबिलिटी केवल तभी करा सकते हैं, जब उनका हेल्थ इंश्योरेंस renewal time मे हो।
  • उम्मीदवारों को अपना हेल्थ इंश्योरेंस की पोटेबिलिटी रिंन्यूअल टाइम के 40-60 दिन मे ही करानी होगी।
  •  अपने हेल्थ इंश्योरेंस का पोर्ट कराने से पहले नई कंपनी की सारी सुविधाओं को एक बार जरूर देख ले। क्योंकि बिना जानकारी प्राप्त किए, आपको नई कंपनी में हेल्थ इंश्योरेंस का पोर्ट नहीं कराना चाहिए।
  •  पोटेबिलिटी कराने के लिए उम्मीदवारों को एक Portability Form भरना पड़ेगा, जिसमें आपको अपने पुराने हेल्थ बीमा की सारी जानकारी देनी होगी।
  •  पोर्ट कराते समय हेल्थ बीमा पॉलिसी का कुछ भी नहीं छुपाना है। अगर उनके द्वारा कुछ भी छुपाया जाता है, तो उनका आवेदन रद्द कर दिया जाएगा।
  •  पोटेबिलिटी फॉर्म भरते समय Policy धारकों को पुरानी कंपनी में प्राप्त की गई सभी सुविधाओं के बारे में भी बताना होगा। ध्यान रहे यह सभी जानकारियां बिल्कुल सही होनी चाहिए।
  • आपके द्वारा पोटेबिलिटी फॉर्म के आवेदन में किसी प्रकार की भी अगर गलत जानकारी पाई जाती है, तो आपका Application Form रद्द किया जा सकता है। क्योंकि नई कंपनी आपके द्वारा दी गई सभी जानकारियों की अच्छी तरह जांच करेगी।

स्वास्थ्य बीमा पोटेबिलिटी करवाने के मुख्य कारण।

स्वास्थ्य बीमा पोटेबिलिटी कराने के कई कारण है। जिनके द्वारा हेल्थ इंश्योरेंस में पोटेबिलिटी कराने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आइए इन सभी कारणों को नीचे विस्तार से जानते हैं।

  • मान लो आपने किसी कंपनी से अपना हेल्थ इंश्योरेंस कराया है। लेकिन वह कंपनी आपको अच्छी सेवा नहीं दे रही है। ऐसे में आप क्या कर सकते हैं? या तो आप Policy खत्म होने का इंतजार करें।
  • जब पुरानी कंपनी में Policy खत्म हो जाएगी, तब जाकर आप दूसरी कंपनी में पॉलिसी ले पाएंगे।
  •  कभी-कभी हम ऐसी कंपनियों से हेल्थ इंश्योरेंस करवा लेते हैं, जहां पर हमको हेल्थ इंश्योरेंस की क्लेम राशि काफी देर में मिलती है।
  • ऐसे में जब हमको Health Insurance के क्लेम की जरूरत होती है, तब हमको वह राशि नहीं मिल पाती है।
  •  आजकल कई कंपनियां प्रीमियम में लगातार बढ़ावा कर रही हैं, जिससे लोगों को काफी नुकसान होता है। क्योंकि पहले तो कंपनियां उन को झांसे में लेकर सस्ते ऑफर देती हैं।
  • लेकिन एक बार कंपनियों का ग्राहक बन जाने पर लगातार Premium राशि में बढ़ोतरी करती रहती हैं। ऐसे में बीमा पॉलिसी धारक कुछ नहीं कर पाता है।
  •  बहुत सारी Health Insurance Company अपने नियम कानून पारदर्शी तरीके से पॉलिसी लेने वाले के सामने नहीं रखती हैं, जिससे बाद में पॉलिसी धारकों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
  • कभी-कभी हमारे साथ ऐसा होता है,कि हम किसी दूसरी कंपनी की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ले लेते हैं। लेकिन हमको बाद में पता चलता है, कि फला कंपनी इतने अच्छे ऑफर दे रही है। तब हमारे पास अफसोस के सिवा कुछ नहीं होता है।क्योंकि पहले हम अपनी कंपनियों की पोटेबिलिटी नहीं कर सकते थे।

हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी करवाने के क्या फायदे है?

  •  स्वास्थ्य बीमा में पोटेबिलिटी सुविधा मिलने से आप अपनी आवश्यकता और जीवन शैली के अनुसार वर्तमान पॉलिसी में नए-नए Offers प्राप्त कर सकते हैं।
  •  अब पोर्टेबिलिटी की सुविधा आ जाने से विभिन्न कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे अब विभिन्न हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां लोगों को लुभाने के लिए अच्छे-अच्छे ऑफर लाएंगी।
  •  Portability की सुविधा चुनने के बाद भी आपको वर्तमान जो भी लाभ कंपनी में मिल रहे हैं, वे सभी लाभ आपको अन्य कंपनियों में भी दिए जाएंगे। जिससे दूसरी कंपनी के नए ऑफर्स का आपको फायदा होगा।

पोटेबिलिटी करवाने के क्या नुकसान हो सकते हैं?

  •  हेल्थ इंश्योरेंस में पोटेबिलिटी सुविधा आप तभी प्राप्त कर सकते हैं, जब आपकी renewal date करीब आ रही हो। यानी जब आपकी पॉलिसी का टाइम खत्म होने वाला हो तभी आप दूसरी कंपनी में अपनी पॉलिसी पोर्ट करवा सकते हैं।
  •  कभी-कभी आपको नई Company नए ऑफर्स तो देती हैं, लेकिन उनके लिए आपको पुराने लाभों को छोड़ना पड़ेगा। जिससे आपको कुछ Benefits को खोना पड़ सकता है।

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