मध्य प्रदेश सरकार एक पेड़ पर सालाना 15 लाख रूपये खर्चा किया जाता है – जाने पेड़ पर इतना खर्च करने का मुख्य कारण क्या है |

By | October 16, 2021

मध्य प्रदेश सरकार एक पेड़ पर सालाना 15 लाख रूपये खर्चा किया जाता है, श्री लंका के पूर्व राष्ट्रपतिMahindra Rajapakse ने बोधि वृक्ष मध्य प्रदेश में लगाया गया था, भगवन बुद्ध ने भी इसी वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति की थी, बोधि पेड़ का इतिहास सम्राट अशोक से भी जुड़ा हुआ है,बौद्ध यूनिवर्सिटी की पहाड़ी पर ही मौजूद हैं बोधि वृक्ष

हमारे देश में ऐसी बहुत सी ऐतिहासिक धरोहर हैं जिनके ऊपर सरकार हर साल लाखों रुपए खर्च करती हैं l क्योंकि ऐतिहासिक धरोहर को बचा कर रखना सरकार का कार्य है ताकि आने वाली पीढ़ी को भी इन सब के बारे में पता चल सके। क्या आपने आज से पहले कभी ऐसा सुना है या देखा है कि एक पेड़ की सुरक्षा में 24 घंटे गार्ड तैनात रहते हो और इस पेड़ का हर 15 दिन बाद मेडिकल चेकअप किया जाता हों l 

अगर इस पेड़ का एक पत्ता भी जमीन पर गिर जाए तो उसी क्षण इसका मेडिकल चेकअप होता हैं। आपने बिल्कुल सही पढा मध्य प्रदेश राज्य के रायसेन के सलामतपुर में एक बहुत पुराना पेड़ है, जिसकी सुरक्षा में हर साल सरकार के द्वारा लगभग 15 लाख रुपए खर्च किए जाते हैं। इस पेड़ की सुरक्षा में 24 घंटे गार्ड तैनात रहते हैं और यह पुष्टि करते हैं कि कोई भी व्यक्ति इस पेड़ को नुकसान ना पहुंचा सके।

यह एक बोधि वृक्ष है, जिसका  धर्म में एक खास महत्व है। भगवान बुध के साथ-साथ भारतीय सम्राट अशोक का इतिहास इससे जुड़ा है l इसीलिए इस पेड़ की 24 घंटे सुरक्षा की जाती है। दरअसल यह पेड़ रायसेन जिले में सांची में स्थित है और सांची एक पर्यटक स्थल है,जहां पर दूर-दूर से पर्यटक घूमने के लिए आते हैं।

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति Mahindra Rajapakse के द्वारा रोपा गया था बोधि वृक्ष

  • जिस बोधि वृक्ष की हम बात कर रहे हैं इस वृक्ष को 21 सितंबर 2012 को श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे के द्वारा रोपा गया था। भारतीय सरकार के द्वारा इस वृक्ष की सुरक्षा इसलिए की जाती हैं क्योंकि बौद्ध धर्म में इस वृक्ष का विशेष महत्व है l ऐसा कहा जाता है कि भगवान बुद्ध के द्वारा इसी वृक्ष के नीचे बैठकर ज्ञान की प्राप्ति की गई थी। इसके अतिरिक्त इस पेड़ का इतिहास भारतीय सम्राट अशोक से भी जुड़ा है। ऐसा कहा जाता है कि जब भारतीय सम्राट अशोक शांति की खोज में निकले थे, तो उन्होंने भी इसी पेड़ के सहारे शांति की खोज की थी।
MP me Ped par 15 lakh ka kharcha kiya
  • इस पेड़ को चारों तरफ से 15 फीट ऊंची झाइयों से गहरा हुआ है और दो बार हमेशा ही इस पेड़ की सुरक्षा में रहते हैं ताकि कोई भी व्यक्ति या पशु पक्षी इस पेड़ को किसी भी तरह का कोई नुकसान ना पहुंचा सकें। यह क्षेत्र सांची नगर परिषद में आता है और सांची / रायसेन जिले का एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है जहां पर रोजाना दूर-दूर से पर्यटक घूमने के लिए आते हैं । इस बोधि वृक्ष की हर 15 दिनों में मेडिकल जांच की जाती है उसके पश्चात खाद और पानी की व्यवस्था की जाती हैं। 

बौद्ध यूनिवर्सिटी की पहाड़ी पर ही मौजूद हैं बोधि वृक्ष

काफी सालों पहले यहां पर Buddhist University की स्थापना भी की गई थी और इसी यूनिवर्सिटी की पहाड़ी पर बोधिवृक्षा मौजूद हैं। जब श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति के द्वारा इस वृक्ष को रोपा गया था, तो उस समय उनके साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे। अगर आपके मन में भी इस पेड़ को देखने की इच्छा हैं, तो इसके लिए आपको साची आना होगा l

भोपाल और इंदौर के मध्य में सांची पड़ता है, यह भोपाल से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। यदि कोई व्यक्ति हवाई मार्ग से यहां पर पहुंचना चाहता है, तो उसको भोपाल में स्थित Rajabhoj Airport पर पहुंचना होगा और उसके पश्चात टैक्सी या बस के माध्यम से सांची पर्यटक स्थल पर पहुंचकर इस बोधि वृक्ष को देखा जा सकता है।

follow us for social updates

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *