किसानों पर पड़ा बीमा कंपनियों का कहर-किसानों की क्लेम राशि को बीमा कंपनी करती है रिजेक्ट

By | April 30, 2021

कोरोना की मार हर इंसान को झेलनी पड़ रही है, किसानों द्वारा खेती से संबंधित बीमा कराना भी महंगा पड़ा, बीमा कंपनियों द्वारा किसानों दोहरा भार डाला जा रहा है, किसानों की क्लेम राशि को बीमा कंपनी करती है रिजेक्ट |

हम सभी जानते हैं, कि इस कोरोनावायरस के दौर में हर इंसान परेशानी का सामना कर रहा है l राजस्थान में इस परेशानी के दौर में किसानों को कोरोनावायरस के साथ-साथ Premium से संबंधित परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है l प्राप्त जानकारी के अनुसार इस कोरोनावायरस के दौरान किसान आर्थिक मंदी से जूझ रहे हैं l किसानों को बीमा कंपनी की मनमर्जी की सजा भुगतनी पड़ रही है l

बीमा कंपनियों के द्वारा किसानों से 14 करोड 45 लाख रुपए का प्रीमियम लिया गया था l परंतु जब किसानों के द्वारा बीमा राशि पर Claim किया गया, तो बीमा कंपनियों के द्वारा किसानों के द्वारा किए गए Claim का भुगतान नहीं किया गया l बीमा कंपनियों की इस लापरवाही के कारण किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है l आइए जानते हैं पूरी खबर के बारे में-

बीमा कंपनी की लापरवाही के कारण किसानों ने दर्ज की शिकायत l

भारत सरकार के द्वारा समय-समय पर ऐसी योजनाएं लाई जाती हैं जो किसानों के हित में होती हैं l सरकार के द्वारा किसानों की खेती से संबंधित कुछ बीमा प्लेन भी शुरू किए गए हैं l यदि किसी किसान ने खेती से संबंधित बीमा करवाया है और किसान को खेती से संबंधित कुछ नुकसान हो जाता है, तो बीमा कंपनी के द्वारा किसान के द्वारा क्लेम की गई राशि का भुगतान करना होगा l

kisano par pada bima kampniyo ka kahar

आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि वर्ष 2020 में सीकर जिले में खरीफ 2020 के लिए 2 लाख 99 हजार किसानों ने फसल बीमा करवाया था l कुल राशि की अगर हम बात करें, तो इस बीमा की कुल राशि 14 करोड़ 45 लाख रुपए थी l इस प्रीमियम की राशि पर जब क्लेम देने की बारी आई तो किसानों को सिर्फ 27 लाख रुपए तक का ही कुल क्लेम मिला है l

यह आंकड़े कृषि विभाग के द्वारा जारी की गए हैं l कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार सीकर जिले में जब किसानों को फसल से नुकसान हुआ तो 2215 किसानों ने फसल का Claim लेने के लिए बीमा कंपनी में शिकायत दर्ज करवाई l

किसानों के द्वारा शिकायत दर्ज करवाने के बाद लंबा समय बीत चुका है l अब तक सिर्फ 627 किसानों की शिकायत का ही निपटारा किया गया है बाकी किसान पिछले 1 साल से बीमा कंपनियों की मनमानी की सजा भुगत रहे हैं l 1588 किसान अभी भी हैं जिनकी शिकायत तो दर्ज हो गई है परंतु शिकायत का निपटारा कब होगा यह कोई नहीं जानता l

हर जिले में बीमा कंपनी और कृषि विभाग करता है क्लेम का निर्धारण l

जब भी कृषि से संबंधित कोई बीमा Plan किया जाता है, तो जब Claim के भुगतान करने की बात आती है इसका निर्धारण बीमा कंपनी और कृषि विभाग द्वारा किया जाता है l  कृषि विभाग और बीमा कंपनी दोनों मिलकर यह निर्धारण करते हैं, कि कौन से जिले में कितनी Claim Amount दी जाएगी l हम आपको राजस्थान के 3 जिलों से संबंधित प्रीमियम राशि एवं क्लेम राशि की जानकारी दे रहे हैं l यह Fact File –  खरीफ 2020 के आंकड़े हैं l

जिला  नागौरसीकरचूरू
बीमितकिसान3 लाख 99 हजार2 लाख 63 हजार3 लाख 10 हजार
किसानकाप्रीमियम29 करोड़ 15 लाख 14 करोड़ 45 लाख10 हजार23 करोड़ 15 लाख 
क्लेमकीराशि70.28 करोड़रुपया27.03 लाखरुपया226.67 करोड़

किसानों द्वारा मांगी गई क्लेम राशि को बीमा कंपनी करती है REJECT 

हर वर्ष बारिश व ओले गिरने से किसानों को बहुत नुकसान होता है  और जब किसान अपने नुकसान की भरपाई करने के लिए बीमा कंपनी से क्लेम राशि की मांग करते हैं तो बीमा कंपनियों के द्वारा क्लेम की गई राशि को Reject कर दिया जाता है l किसान को किसी भी तरह की क्लेम राशि नहीं दी जाती है l बीमा कंपनियों के द्वारा यह कहकर किसानों को क्लेम राशि नहीं दी जाती है, कि किसानों ने सही समय पर Claim नहीं किया है इसीलिए किसान को क्लेम राशि नहीं दी जाएगी l

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