किसान 20 से ज्यादा खेती से संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे|

By | April 27, 2021

किसान केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई खेती से संबंधित योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे, खेती-बाड़ी से जुड़ी सभी सरकारी योजनाओं की जानकारी यहाँ से देखे, Kheti Sarkari Yojana 2021

नमस्कार दोस्तों-Result Uniraj टीम आपको इस पेज में 20 से अधिक खेती-बाड़ी से संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी बताएगी | अगर आप किसान हो और खेती बाड़ी से संबंधित शुरू की गई योजनाओं की जानकारी देखना चाहते हो तो, आप एक बार इस पेज को जरूर पढ़े |

यहाँ इस पेज में आपको केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई 20 से अधिक योजनाओं की जानकारी बता रही है | देश के किसानों को कई बार वर्षा, ओला वृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण नुकसान हो जाता है। जिससे कृषि उत्पादन में कमी आ जाती है, और किसानों की आर्थिक स्थिति बिगड़ जाती है। भारत सरकार के द्वारा समय-समय पर किसानों के कल्याण के लिए योजनाए जारी की जाती हैं।

Contents

खेती-बाड़ी से संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी देखे-

जिससे किसानों की आर्थिक मदद हो सके। केंद्र सरकार द्वारा किसानों से जुड़ी सभी योजनाएं अब किसान कल्याण कार्यक्रम कार्यान्वयन सोसाइटी की देखरेख में जारी की जाती हैं। इसके अंतर्गत अब पीएम किसान योजना भी आएगी। केंद्र सरकार के द्वारा चलायी गयी इन योजनाओं का लाभ देश के सभी किसान ले सकते हैं।PM Modi Sarkari Yojana की पूरी जानकारी

आज हम इस लेख में किसानो से संबंधित योजनाओ की जानकारी लेकर आये है। आज हम बताएंगे की कैसे किसान भाई इन योजनाओ का लाभ उठा सकते हैं। देश के किसानों के लिए चलाई गई प्रमुख योजनाए और उनसे जुड़ी जानकारी निम्न प्रकार है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा फरवरी 2019 में पीएम किसान योजना जारी की गयी। इस योजना का उद्देश्य किसानों को कृषि कार्य के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत किसानों को हर वर्ष 6000 रुपए तीन किस्तो में दिए जा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत सरकार ने 75,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।अब तक इसमे से 48,000 करोड़ रुपये किसानों को बांटे जा चुके हैं।

सीएसीपी के सुझाव से किसानों को 5000 रूपये की सब्सिडी और मिल सकती है-कुल 11000 मिलेंगे|प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना-pmkmy.gov.in/
(गलती सुधारे अपनी) PM किसान सम्मान निधि की छठी किस्त नहीं मिली तो, ये काम करेपीएम किसान सम्मान निधि योजना ऑनलाइन आवेदन

इस योजना के द्वारा वित्तीय वर्ष में लगभग 10 करोड़ किसानों के नामांकन की उम्मीद है। इस योजना को प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान योजना) के नाम से जाना जाता है। किसान भाइयों को अपनी पात्रता पता करने के लिए निकटतम कृषि विज्ञान केंद्र में संपर्क करना होगा।

किसान क्रेडिट कार्ड योजना 

केंद्र सरकार के द्वारा इस योजना की शुरुआत 1998 में की गई थी। इस योजना का उद्देश्य किसानों को कम व्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवाना है। जिससे किसान बीज, उर्वरक कीटनाशक खरीद सके। पहले किसान साहूकार से ऋण लिया करते थे, जिसका उन्हें काफी अधिक ब्याज देना होता था।

जिससे किसान की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। जबकि किसान क्रेडिट कार्ड योजना में किसान 4 प्रतिशत के व्याज पर ऋण ले सकते हैं। और बीज, उर्वरक, तथा कीटनाशक खरीद कर वैज्ञानिक तरीके से खेती कर सकते हैं, जिससे खेतो की उर्वरा शक्ति भी बढ़ जाएगी, साथ ही फसल का उत्पादन भी बढ़ेगा।

जब उत्पादन बढेगा तो किसान कि आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा। इस योजना के तहत किसान को 50000 से 300000 तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। तथा इसकी व्याज दर छहः माह तक 4% तथा एक साल के लिए 7% होती है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत किसान अपनी फसल का बीमा भी करवा सकते हैं, जिसके तहत किसान को फसल का नुकसान होने पर मुआवजा दिया जाता है।

किसान क्रेडिट कार्ड योजना- KCC लाभार्थी सूची / लिस्ट, KCC Card Status,एक क्लिक से देखे KCC लाभार्थियों की सूची-किसान क्रेडिट कार्ड योजना की जानकारी pmkisan.gov.in
पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना-दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देखे50 हजार बिजली कनेक्शन देगी राजस्थान सरकार-किसानों को राहत मिलेगी

किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत किसान क्रेडिट कार्ड धारक को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान किया जाता है। जिसके तहत मृत्यु पर ₹50000, विकलांगता पर ₹25000 प्रदान किये जाते हैं। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत 70 वर्ष तक बीमा कवर प्रदान किया जाता है। इस योजना से प्राप्त ऋण को किसान फसल बेचने के बाद चुका सकता है।किसान क्रेडिट योजना किसानों के लिए बहुत ही कल्याणकारी सिद्ध हुई है।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना (सॉइल हेल्थ कार्ड)

इस योजना का उद्देश्य किसानों को मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के तरीकों से अवगत कराना है।जिससे पैदावार को और अधिक बढ़ाया जा सके। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना 2015 में शुरू की गयी थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करना है।

केंद्र सरकार मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करने में राज्य सरकारों का सहयोग करती है। इस कार्ड के द्वारा  किसानों को उनके खेत की मिट्टी के पोषक तत्वों की जानकारी दी जाती है। इसके साथ ही मिट्टी की गुणवत्ता तथा उर्वरकता बढ़ाने के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की उचित मात्रा की भी जानकारी दी जाती है। जो किसान इस योजना का लाभ पाने के इच्छुक हैं, उन्हें अपने जिले के कृषि पदाधिकारी से संपर्क करना होगा।

बीज योजना की जानकारी

फसल के अच्छे उत्पादन के लिए जरूरी है कि बीज रोग मुक्त तथा अधिक उत्पादन देने वाला हो। इसके अलावा बीज  सस्ता तथा आसानी से सभी जगह उपलब्ध भी हो सके। इसके लिए केंद्र सरकार ने बीज योजना जारी की है। इस योजना के तहत किसान प्रमाणित बीज को स्थानीय स्तर पर प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य किसानों को बीज उत्पादन प्रोधोगिकी से अवगत कराना है।किसान पोर्टल मेरी फसल मेरा ब्यौरा से संबंधित सम्पूर्ण जानकरी देखे

इस योजना का दूसरा बडा उद्देश्य किसानों में आधुनिक खेती के प्रति जागरूकता फैलना है। देश में केंद्रीय तथा राज्य स्तर पर किसानों के लिए बहुत से योजनाएं जारी की जा रही हैं। जिनकी जानकारी किसानों को नहीं होती है। इसके अलावा कृषि कार्यों में तकनीक का प्रयोग तथा विभिन्न समस्याओं (मौसम, कीट, रोग) को ध्यान में रखते हुये केंद्र सरकार ने किसानो को सही समय पर इसकी जानकारी देने तथा प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।

इसके लिए सरकार ने ब्लॉक स्तर पर कृषि विकास अधिकारी की नियुक्ति की है। इस योजना से किसान सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकता है तथा कृषि कार्यों के लिए प्रशिक्षण भी प्राप्त कर सकेगा।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई)

यह योजना वर्ष 2015 में जारी की गई थी। इसका उद्देश्य किसानों को सिंचाई संसाधन मुहैया कराना है। यह  किसानों के लिए यह कल्याणकारी योजना है ।इस योजना में पानी के अनियंत्रित, व्यर्थ बहाव को कृषि भूमि तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

10 lakh का loan- प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करेमध्य प्रदेश कृषि उपकरण सब्सिडी योजना
बिहार कृषि इनपुट योजना- आवेदन और पात्रता की जानकारी हिंदी में जाने

इस योजना का मुख्य बिंदु ‘हर खेत को पानी’ है। इस योजना का उद्देश्य सिंचाई आपूर्ति श्रृंखला, जलीय स्रोत, तथा जल का वितरण हर खेत को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाना है। इसके अंतर्गत ‘जल संचय’ और ‘जल सिंचन’ के माध्यम से माइक्रो लेवल पर वर्षा जल को संग्रहित करके सुरक्षात्मक सिंचाई को उपलब्ध कराना है।

इस योजना का लाभ  किसानों को सूखे की हालत से निकलने में मिलेगा। इस योजना की अधिक जानकारी के लिए निकटतम कृषि विज्ञान केंद्र में संपर्क कर सकते हैं।

कृषि के लिए मूल्य नीति योजना

यह योजना फसलो के सही दाम तय करने के लिए जारी की गई है। जिससे किसान को फसल के उत्पादन के बाद सही दाम मिल सके। इसके लिए सरकार ने 23 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय कर दिया है,

जिससे किसान को कम से कम फसलो की लागत प्राप्त हो सके। आज के समय में किसानों के लिए जरूरी है कि वह नई तकनीकी का प्रयोग कृषि क्षेत्र में करे, जिससे उन्हें ज्यादा से ज्यादा उत्पादन प्राप्त हो सके, साथ ही उन्हें आर्थिक लाभ भी मिले।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

केंद्र सरकार ने यह योजना वर्ष 2016 में लागू की थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सूखा या बाढ़ के कारण फसल नष्ट हो जाने की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को दो लाख तक की आर्थिक सहायता फसल नष्ट होने पर दी जाती है।PMFBY प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (रबी)

फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्रतिकूल मौसम, जैसे कि वर्षा, गर्मी, ओला आदि के कारण किसानों को होने वाले नुकसान में आर्थिक सहायता प्रदान करना है। जो किसान असामी सहित , अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल उगाते है, इस बीमा सुरक्षा के पात्र हैं। इस योजना के तहत किसानो के द्वारा किये दावों का समाधान अतिशीघ्र किया जाता है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एक  क़िस्त-आधारित योजना है, जिसके अंतर्गत किसान को खरीफ के लिए प्रीमियम का अधिकतम 2%, रबी और तिलहन के लिए 1.5%, और सालाना वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए 5% अदा करना पड़ता है तथा बीमांकिक/संविदात्मक प्रीमियम के बाकी हिस्से को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा बराबर जमा किया जाता है। इस योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए निकटतम कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यालय में संपर्क करना होगा। 

प्रधानमंत्री किसान ट्रेक्टर योजना

सरकार के द्वारा जारी की गई प्रधानमंत्री किसान ट्रेक्टर योजना 2021 देश के सभी किसान भाईयों के लिए एक बहुत ही बढ़िया मौका लेके आयी है,  जिससे किसान आधे दामो पर ट्रेक्टर या फिर कृषि से सम्बंधित यंत्र खरीद पाएंगे।सावधान -प्रधानमंत्री ट्रैक्टर योजना के नाम से किसानो को ठगा जा रहा है|

यदि कोई किसान ट्रेक्टर खरीदना चाहता है, तो वह आधे दामो में ट्रेक्टर खरीद सकता है। यदि वह ट्रेक्टर नहीं भी खरीदना चाहता है, तो कृषि कार्य से सम्बंधित कोई भी यंत्र खरीद सकता है। जिसपर उसे 20 से 50% तक सब्सिडी दे दी जाएगी।

यानी किसान को ट्रेक्टर या अन्य कृषि यंत्र लगभग आधे दामों में मिल जाएंगे। जो किसान भाई कृषि से सम्बंधित है, उनको ये बात पता ही है, की फसलों की उत्पादन तथा उत्पादकता में कृषि यंत्रो का होना बहुत ही आवश्यक होता है। यदि किसान के पास कृषि कार्य के लिए पर्याप्त साधन होंगे, तो इससे ना केवल कृषि में  विकास होगा ,बल्कि किसानो की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।

इसलिए समय-समय पर केंद्र सरकार के द्वारा विभिन्न योजनाओ को जारी किया जाता है। इन्ही योजनाओ में से एक प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना 2021 है।

जिसके तहत कृषि उपकरणों की खरीद के लिए किसानो को उनकी श्रेणी के अनुसार 20 से 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करायी जा रही है। इस योजना से देश के सभी वर्ग के किसान लाभान्वित होंगें। देश के किसान जो इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं।

इसके लिए उसे प्रधान मंत्री किसान ट्रेक्टर योजना 2021 के लिए आवेदन करना होगा। इस योजना के अन्तर्गत किसानो को नए ट्रैक्टर पर दी जाने वाली सब्सिडी सीधे लाभार्थी किसानो के बैंक खाते में जमा करायी जाएगी।

इसके लिए आवेदक का बैंक अकाउंट होना जरूरी है। यह बैंक अकाउंट आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य है। इस योजना के तहत एक परिवार का एक ही किसान प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना 2021 में आवेदन कर सकता है। यह योजना देश के किसानो के आर्थिक विकास के लिए लाभकारी साबित होगी। और किसानो को कृषि उपकरणों को खरीदने में भी आसानी होगी।

चारा और चारा विकास योजना

भारत सरकार के पशु पालन, डेयरी तथा मत्स्यपालन विभाग द्वारा एक केन्द्र प्रायोजित चारा विकास योजना शुरू की गई है। जिसका उद्देश्य पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ाबा देना है। पशुपालन, डेयरी तथा मत्स्य पालन इन सब की निर्भरता इस बात पर है, कि चारा कितना तथा कैसा उपलब्ध हो पा रहा है।

इसके लिए केंद्र सरकार ने 2005 – 06 से पशुपालन, मत्स्य पालन के लिए चारा की व्यवस्था के लिए चारा और चारा विकास योजना जारी की थी इसके तहत सभी तहसील प्रखंड तथा ब्लाक स्तर पर चारा योजना अधिकारी बनाये गए।

इस योजना में  किसानों को चारा के लिए 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। तथा पाशों के लिए भूमि संरक्षित की जा रही है। यह योजना चार घटकों के साथ चलाई जा रही है, जो निम्न प्रकार हैं।

  1. चारा प्रखंड निर्माण इकाइयों की स्थापना
  2. संरक्षित तृणभूमियों सहित तृणभूमि क्षेत्र
  3. चारा फसलों के बीज का उत्पादन तथा वितरण   
  4. जैव प्रौद्योगिकी शोध परियोजना

कृषि विपणन योजना

यह योजना 1 अप्रैल 2001 को जारी की गई थी। यह योजना फसल बेचने के लिए किसानों को बाजार उपलब्ध करवाने के लिए चलायी जा रही है। देश मे मंडी की उपलब्धता अभी सीमित है।

जिससे किसानों को फसल बेचने के लिए पर्याप्त बाजार नही है। किसानों को फसल बेचने के लिए बहुत दूर तक जाना पड़ता है। इसलिए वह पास स्थित व्यापारियो को फसल कम दाम पर बेच देते हैं। इस परेशानी को दूर करने के लिए सरकार ने कृषि विपणन योजना जारी की है।

डेयरी उद्यमिता विकास योजना (डीईडीएस )

डेयरी इंटरप्रेन्योर डेवलपमेंट स्कीम देश में दुग्ध उत्पादन एवं पशुपालन क्षेत्र में रोजगार को बढ़ाने के शुरू की गई है।

देश के किसानों के लिए पशुपालन मुनाफा देने वाला व्यवसाय है। किसानों के लिए पशुपालन एक ऐसा व्यवसाय है, जिसमें नुकसान होने की संभावना काफी कम होती है। किसान पशुपालन व्यवसाय से अच्छा मुनाफा अर्जित कर सकते हैं। इस योजना के तहत इस किसान अपनी खुद की आधुनिक डेयरी खोल सकता हैं।

इस योजना के माध्यम से किसान को अनुदान दिया जाता है इसके अलावा किसान इसके लिए प्रशिक्षण भी ले सकता है। केंद्र सरकार डेयरी उद्यमिता विकास योजना (DEDS) के माध्यम से डेयरी खोलने के लिए सात लाख रुपए का ऋण दे रही है। इस ऋण में सामान्य वर्ग को 25 प्रतिशत व एससी/एसटी वर्ग को 33 प्रतिशत सब्सिडी देने का प्राबधान है।Dairy Farming Nabard Subsidy Yojana 2021.

भारत में डेयरी बिजनेस की बढ़ती संभावना को देखते हुए केंद्र सरकार ने साल 2019-20 में डेयरी उद्यमिता विकास योजना (DEDS) के लिए 325 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। अगर आप भी डेयरी बिजनेस की शुरुआत करके मुनाफा कमाना चाहते हैं तो सरकार की इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। 

 परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई)

यह योजना 2015 में फसलों की उत्पादन लागत कम करने हेतु शुरू की गई है। हम जानते हैं कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। इसलिये हमारी सरकार समय- समय पर कृषि को मजबूती प्रदान करने के लिए योजनाए लाती रहती है। परंपरागत कृषि विकास योजना उन्ही योजनाओ में से एक है।

इसको शुरू करने का मुख्य उद्देश्य कृषि में जैविक खेती को बढ़ावा देना है। जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति लंबे समय तक बनी रहे। इस योजना के तहत किसानो को जैविक खेती के लिए सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

किसानों को जैविक खेती के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए 500 से 1000 हेक्टेयर भूमि पर 20 से 50 किसान सदस्यों का एक समूह बनाना होता है। इसके तहत किसानो के एक समूह को अधिकतम 10 लाख रुपये का वित्तीय अनुदान दिया जाता है।

पशुधन बीमा योजना

पशुधन बीमा योजना की शुरुआत पशुओं की आकस्मिक मृत्यु होने पर होने वाले नुकसान से किसानों को बचाने के लिए की गई है। यह एक बीमा योजना व्यक्ति को दिए जाने वाली बीमा योजना के समान ही है, जिसमे पशुओ को बीमा कवरेज दिए जाने का प्राबधान है। परन्तु किसान अपनी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपने पशुओं की बीमा नहीं करा पाते हैं।

इसके समाधान के लिए  केंद्र सरकार ने किसानों के लिए पशु धन बीमा योजना शुरू की है।, इसके तहत किसानों के अधिकतम 2 पशुओ का बीमा किया जायेगा। बीमा का 50 प्रतिशत प्रीमियम केंद्र सरकार के द्वारा दिया जाएगा। यह बीमा 3 वर्षों के लिए होता है। जिसके तहत पशु की आकस्मिक मृत्यु होने पर एक कवरेज राशि का भुगतान किया जाता है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना एवं अन्य सिंचाई योजनायें 

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा किसानो को कृषि में लाभ पहुंचाने के लिए की है। इस योजना के अंतर्गत देश के किसानो को अपने खेतो की सिचाई के लिए उपकरणों की खरीदारी के लिए सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

खेती में आधुनिक प्रोधोगिकी का प्रयोग एवं पानी को नुकसान से बचाने ,सभी किसानों की फसलों को पानी उपलब्ध कराने के लिए यह योजना पूरे भारत वर्ष में शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत ड्रिप सिंचाई, स्प्रिन्किलर सिंचाई, फब्बारा सिंचाई एवं सुक्ष्म सिंचाई शामिल की गई हैं। इस योजना में किसान सिंचाई सम्बन्धी उपकरणों पर अनुदान कर सकता है। 

पौध सरंक्षण योजना

पौध संरक्षण योजना खेती – बाड़ी में फसलों को रोग एवं कीट से सुरक्षित रखने के लिए शुरू की गई है। कीट ओर रोगों से फसलो को काफी नुकसान हो जाता है। ऐसे में फसलों पर कीट एवं रोगों का प्रकोप को कम करने के लिए हर तथा फसल की बर्बादी से किसानों को बचाने के लिए सरकार ने इस योजना का प्रारम्भ किया है।

किसानो के पास अपर्याप्त संसाधन के कारण वह इसका कोई उपाय नही कर पाते हैं। ऐसे में सरकार की यह योजना उनकी मदद कर पाएगी। इसके लिए लिए सरकार पौधों को सरक्षण के लिए यंत्र एवं कीटनाशक कीट अनुदान पर एवं सस्ते दरों पर उपलब्ध करवा रही है।

राष्ट्रीय बागवानी मिशन

राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना की शुरुआत वर्ष 2005-06 में की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारत में बागवानी क्षेत्र का व्यापक वृद्घि करने के साथ बागवानी उत्पादन में वृद्घि करना भी है। इस योजना के तहत किसान खाद्यान आधारित कृषि के साथ बागवानी प्रदान खेती करके मुनाफा कमा सकते हैं।

इस तरह की खेती को करने के लिए केंद्र तथा राज्य सरकार मिलकर बागवानी के लिए लागत का 50 से 100 प्रतिशत की सब्सिडी उपलब्ध करा रही है। इस योजना का उद्देश देश में फलों की उत्पादन बढ़ाना तथा किसानों को खेती में मुनाफा करवाना है।

राष्ट्रीय तिलहन एवं ऑयल पाम मिशन

इस योजना को तिलहन एवं दलहन वाली फसलों का देश में उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रारम्भ किया गया है। इस योजना के तहत कृषि में दलहन तथा तिलहन बीज उपलब्ध करायें जाएंगे, जिन्हें दो वर्ष से ज्यादा उपयोग नहीं कर सकते हैं। यदि 2 वर्ष से ज्यादा उपयोग किया जाता है तो पर कमी आ जायेगी।

इसलिए वर्ष दर वर्ष नई बीज उपयोग करने पर जोर दिया जा रहा है। परन्तु ज्यादातर किसान आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से बीज नहीं खरीद पाते हैं। इसलिए सरकार ने राष्ट्रीय तिलहन एवं आयल पाम मिशन शुरू किया है। जिससे किसानों को बीज पर अनुदान देकर बीज उपलब्ध कराये जाएंगे। जिससे किसान इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

सतत कृषि योजना

सतत कृषि योजना देश में कृषि में खद्यान, मछली पालन, पशुपालन को एक साथ बढ़ावा देने के लिये शुरू की गई है। इस योजना को तालाब, बागवानी भूमि संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जारी किया गया है।

इस योजना के अंतर्गत चावल, गेंहू, मोटे तिलहन, रेशम,डाल आधरित दो फसलों वाली कृषि पद्धति के लिए 50 प्रतिशत जो अधिकतम 10,000 / हेक्टयर दिया जायेगा। तथा बागवानी आधारित कृषि पद्धति (पौधारोपण + फसल / फसल पद्धति) के लिए 50 प्रतिशत जो अधिकतम 25,000 / हेक्टयर तक दिया जायेगा।

इसी तरह वृक्ष, पशुपालन, मच्छली पालन तथा डेयरी को बढ़ावा देने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। यह योजना कृषि योजनाओ में लाभकारी साबित हुई है।

कृषि क्लीनिक और कृषि कारोबार केंद्र (एसीएबीसी)

इस योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में दवा उपलब्ध करवाना है। इसके साथ साथ रोजगार उपलब्ध करवाना भी इस योजना का एक मुख्य बिंदु है।

इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में किसान कृषि क्लिनिक खोल सकते हैं। जिससे किसानों को आसानी से खेती कार्यों के लिए दवा एवं फसलों के लिए उपुक्त रोग नियंत्रण दवा की सुविधा मिल सके। 

इस लेख में हमने आपको किसानों से संबंधित योजनाओ की जानकारी दी है। देश के कोई भी किसान भाई  किसी भी प्रदेश में इन योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। आप हमे इन योजनाओं के सम्बंध में कमेंट करके सवाल पूछ सकते हैं। 

नोट-दोस्तों अगर आपको हमारी टीम द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी हो तो, आप इस सूचना को सोशल मीडिया (वाट्सअप,फेसबुक) या अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे-धन्यवाद

follow us for social updates

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *