जनता का सवाल-कोरोना वायरस के कारण परीक्षाएँ हुई रद्द, क्या चुनाव भी रद्द होंगे |

By | April 15, 2021

कोरोना की दूसरी लहर में बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूलों एवं कॉलेजों में होने वाली परीक्षाओं को रद्द और स्थगित कर दिया गया है, जनता ने सवाल किया कि क्या देश में होने वाले चुनाव भी रद्द किये जाएँगे, देश के लोगों में काफी आक्रोश है कि क्या कोरोना केवल आम लोगों में ही होता है |

अब धीरे-धीरे देश के सभी राज्यों में परीक्षाएं भी रद्द की जा रही हैं। आपको पता ही होगा कि हाल ही में हरियाणा में भी सीबीएसई बोर्ड की 10वीं कक्षा की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है l आपको याद होगा कि पिछले साल 24 मार्च को लॉक डाउन की घोषणा कर दी गई थी। जबकि 22 मार्च 2020 को मध्यप्रदेश में ताजपोशी का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

कोरोनावायरस था तो पहले से ही परंतु फिर 24 मार्च 2020 को ही लॉकडाउन क्यों लगाया गया? अब भारत के 6 राज्यों में चुनाव हो रहे हैं यदि कोरोनावायरस की वजह से देश में इतना ज्यादा बुरा हाल है। तो फिर इन चुनावों को क्यों करवाया जा रहा है? आम जनता के मन में यह सवाल है कि यदि छोटे बच्चे स्कूल जाएंगे तो कोरोनावायरस फैल जाएगा और परीक्षा देने जाएंगे तो भी कोरोना हो सकता है।

मगर चुनाव देने यदि कोई जाता है तो फिर कोरोनावायरस नहीं फैलेगा क्या? ऐसी परिस्थिति को देखते हुए एक छोटे बच्चे का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा वायरल हो रहा है l उस छोटे बच्चे ने एक गाना गाया है। जिसमें उसने यह बताने की कोशिश की है कि हमारे देश की सरकार हमारे बारे में क्या सोचती है।

  • इस छोटे से बच्चे ने गाने के माध्यम से यह बताने की कोशिश की है कि जब स्कूल खुलने वाले होते हैं तो तब अचानक से कोरोनावायरस आ जाता है। परंतु जब कोई चुनाव होने होते हैं या फिर चुनाव के लिए रैलियां होती हैं तो उस जगह तो कोरोनावायरस क्यों नहीं आता।
  • एक छोटे से बच्चे ने गाने के माध्यम से इस सरकार की पोल खोल दी है कि जब कोरोनावायरस के कारण सब कुछ बंद किया जा सकता है तो चुनाव रेलिया बंद क्यों नहीं की जा सकती हैं और चुनाव भी स्थगित क्यों नहीं किया जा सकते हैं ?

आस्था और चुनाव हुए कोरोना वायरस पर भारी?

आपको पता ही है कि हमारे देश में चुनावों को लेकर रोजाना ही बैठक होती रहती है और चुनावों को प्राथमिकता दी जाती है। चाहे देश का हाल कुछ भी हो रहा हो परंतु सत्ता जरूर बनेगी। आज इसी के चलते चर्चा भी की गई कि अब कुंभ के मेले में लगभग 900000 श्रद्धालु हरिद्वार में एकत्रित हुए हैं। जिनमें आज जांच के दौरान लगभग 100 से भी ज्यादा लोग कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं। अब सोचने की बात यह है कि जब हरिद्वार सरकार के द्वारा इतनी ज्यादा जांच तथा सख्त कार्रवाई की जा रही है।

तो फिर भी हरिद्वार हर की पौड़ी पर 100 से भी ज्यादा कोरोनावायरस के मरीज कैसे मिल गए। चर्चा के दौरान यह भी कहा गया कि जिस प्रकार कोरोनावायरस फैल रहा है तो उसे रोकने के लिए कुछ खास नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। यदि हरिद्वार कुंभ मेले में कोरोनावायरस से बचाव के सभी निर्देशों का पालन किया जाता, तो कुंभ के मेले में कोरोनावायरस से संक्रमित इतने ज्यादा लोग नहीं मिलते।

पिछले 24 घंटों में पूरे देश में लगभग 184372 लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हुए हैं l जिनमें से 1027 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है और यदि हम बात करें कि अब तक भारत देश में कोविड-19 के कुल कितने केस आ चुके है। तो हम आपको बता दें कि फिलहाल भारत देश में कोरोनावायरस के 1,38,73,825 कुल केस आ चुके हैं। जिनमें से अब तक 172085 लोगों की मौत हो चुकी है 13 अप्रैल 2021 के दिन हरिद्वार में कुल 594 केस एक ही दिन में आए हैं।

Corona par chunav bhari huye

देश में कोरोना के लाखों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है और यहां हमारी सरकार चुनाव करवाने के लिए आम जनता की जिंदगी को भी खतरे में डालने से बच नहीं रही है l सरकार से जनता यही सवाल पूछना चाहती है कि क्या कोरोनावायरस चुनाव रैली में या मतदाता केंद्रों में नहीं आ सकता l इसका जवाब तो सरकार को देना ही होगा l

आम जनता की और से पूछे जाने वाले सवाल?

आपको क्या लगता है चुनाव स्थगित होंगे ?

जैसे हम सभी जानते ही हैं कि सरकार के द्वारा सभी परीक्षाएँ स्थगित की जा रही हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब यह बनता है, कि क्या चुनाव स्थगित होंगे l जहां तक सरकार की गतिविधियां लग रही है, तो यही कहा जा सकता है कि चुनाव स्थगित होने की कोई भी संभावना नहीं है l

कोरोनावायरस के बढ़ते नए मामलों को देखकर क्या लगता है, कौन जिम्मेदार है ?

कोरोनावायरस के मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं l 1 वर्ष से कोरोनावायरस ने पूरे भारत में अपना आतंक फैलाया हुआ था, लेकिन अब कोरोनावायरस का एक विशाल रूप देखने को मिल रहा है l यह कोरोनावायरस का दूसरा चरण है जो पहले से भी कहीं ज्यादा खतरनाक है l कहीं ना कहीं इसके लिए सरकार जिम्मेदार है, क्योंकि जब कोरोनावायरस का पहला चरण इतना खतरनाक था तो प्रशासन को सभी सुविधाओं मुहैया करानी चाहिए थी कि कोरोनावायरस का दूसरा चरण लोगों को नुकसान न पहुंचा सके l लेकिन कहीं न कहीं सरकार की कमियों के कारण आम जनता की जान पर मुसीबत बन चुकी है l

इस समय चुनाव का होना जरूरी है या फिर कोरोनावायरस पर नियंत्रण करना?

इस कोरोनावायरस के दूसरे चरण में पहले से भी अधिक मौत के रिकॉर्ड बनाने शुरू कर दिए हैं l हर तरफ मौत के रिकॉर्ड टूट रहे हैं l अब ऐसे में सरकार की यह जिम्मेदारी बनती है की सार्वजनिक  स्थलों पर कड़ी से कड़ी नजर बनाई जाए और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भीड़ जमा ना होने दी जाए l यदि सरकार चुनाव करती है तो चुनाव के कारण कोरोना के नए के नए मामले बहुत तेजी से बढ़ सकते हैं l अगर चुनाव स्थगित कर दिया जाए तो कोरोनावायरस के बढ़ते संकट से बचा जा सकता है l अब यह देखना है, कि सरकार चुनाव स्थगित करेगी या फिर चुनाव निर्धारित समय पर ही करवाएगी l इस समय चुनाव से ज्यादा जरूरी आम जनता है, जो कोरोनावायरस के कारण अपनी जान गवा रही है l

कोरोनावायरस का दूसरा चरण कितना खतरनाक है ?

कोरोनावायरस के पहले चरण का कहर पिछले एक वर्ष से भारत के हर नागरिक पर पड़ रहा है, परंतु कोरोनावायरस का दूसरा चरण पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक है l प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरोनावायरस का दूसरा चरण पहले चरण से कहीं ज्यादा खतरनाक है और दिन प्रतिदिन मौत के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं l महाराष्ट्र, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और भी कई बड़े राज्यों में कोरोनावायरस के बहुत सारे एक्टिव केस मिले हैं l प्रतिदिन हजारों की संख्या में मौतें हो रही हैं,जो सच में बेहद चिंता का विषय है l दूसरी ओर हरिद्वार कुंभ के मेले में बहुत सारे साधु-संत कोरोना पॉजिटिव पाए गए है,जो बेहद ही चौंकाने वाला मामला है l

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