पटवारी से शिक्षक तक नौकरी में स्थानीय को प्राथमिकता मिले-भाषा समझने में होगी आसानी

By | July 15, 2021

राजस्थान में भी स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, मध्य प्रदेश सरकार सरकारी नौकरी में स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देती है, बेरोजगार युवाओं का कहना है इससे भाषा समझने में आसानी रहती है, पटवारी, शिक्षक, ग्राम सेवक, पुलिस, क्लर्क आदि नौकरी में स्थानीय भाषा का ज्ञान होना बहुत जरुरी है|

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स्थानीय युवकों को नौकरी में प्राथमिकता मिले-

नमस्कार दोस्तों-Result Uniraj टीम आपको इस पेज में सरकारी नौकरी में राज्य के बाहर के अभ्यर्थियों को दिए जाने वाले आरक्षण से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी बताएगी | देश के किसी भी राज्य में जब सरकारी नौकरी का विज्ञापन जारी होता है, तो उसमे आरक्षण का प्रावधान भी होता है |

कुल पदों को वर्गो के अनुसार जैसे-सामान्य, ओबीसी,एससी,एसटी,एमबीसी के लिए पदों का बंटवारा किया जाता है | इसके अलावा राज्य से बाहर के अभ्यर्थियों को सामान्य श्रेणी में मानते हुए भर्ती में भाग लेने के लिए छूट दी जाती है | लेकिन जब से मध्य प्रदेश राज्य सरकार द्वारा सरकारी नौकरी में स्थानीय युवाओं को अधिक महत्व देने का ऐलान किया है |

उसी के साथ राजस्थान में भी स्थानीय युवाओं को नौकरी देने के संबंध में आंदोलन शुरू हो चूका है | क्योंकि इसके पीछे एक कारण यह भी है,कि बहुत सी नौकरियों में स्थानीय भाषा का ज्ञान होना बहुत महत्व रखता है | भर्तियों से संबधित अधिक जानकारी के लिए आप इस पेज को आखिर तक जरूर पढ़े |

पटवारी से लेकर ग्राम सेवक तक स्थानीय होना चाहिए-

यहाँ हमारी टीम आपको यह बताएगी की स्थानीय कमर्चारी होने से कितने फायदे होते है | अगर हम पटवारी या ग्राम सेवक की बात करे तो इनके काम अधिकतर किसानों से संबंधित होते है | किसान अधिकतर कम पढ़े लिखे होते है | इसलिए वे अपनी स्थानीय भाषा में ही बोलते है | अगर स्थानीय कर्मचारी होगा तो, वह जमीन नापने के जो पैरामीटर होते है | बाहरी राज्यों के अभ्यर्थी ले रहे है सरकारी नौकरी-MP के बाद राजस्थान में भी उठी रोक की मांग

उनको कमर्चारी स्थानीय व्यक्ति को आसानी से समझा सकता है | अगर कमर्चारी स्थानीय भाषा को नहीं जानता है या फिर कम समझता है | इन दोनों स्थिति में ही कर्मचारी और किसान को आपस में बात-चीत करने में परेशानी हो सकती है | ऐसे में अगर स्थानीय व्यक्ति ही कर्मचारी होगा तो यह सब काम आसानी से हो सकते है |

इन विभागों में भी स्थानीय कर्मचारी होना जरुरी है-

स्थानीय कमर्चारी की बात की जाये तो शिक्षा के क्षेत्र में भी स्थानीय शिक्षक होना बहुत जरुरी है | विशेष रूप से कक्षा 1 से आठवीं तक तो स्थानीय शिक्षक का होना बहुत जरुरी है | अगर आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता और शिक्षक स्थानीय होगा तो, वे बच्चो के साथ आसानी से बातचीत कर पाएंगे | क्योंकि छोटी कक्षाओं के बच्चे स्थानीय भाषा में ही समझते है |

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इसके अलावा देख जाये तो पशुधन सहायक, कृषि पर्यवेक्षक, पुलिस कांस्टेबल एवं लिपिक आदि पदों पर कार्य करने वाले कर्मचारी भी स्थानीय होने चाहिए | क्योंकि इनका काम सीधा स्थानीय जनता के साथ बातचीत का होता है | अगर वे स्थानीय होंगे तो आसपास के लोगो से आसानी से बातचीत कर पाएंगे और इनके काम भी आसानी से हो पाएंगे |

नोट-दोस्तों अगर आप भी सरकारी नौकरी में स्थानीय को प्राथमिकता देने पर सहमत हो तो, अपने विचार/राय कमेंट के द्वारा हमारी टीम के साथ शेयर कर सकते है-धन्यवाद

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4 thoughts on “पटवारी से शिक्षक तक नौकरी में स्थानीय को प्राथमिकता मिले-भाषा समझने में होगी आसानी

  1. Rupesh patel

    Rupesh patel akhetpur Ka 12th and iti college 2year garmpost akhetpur Thana thesil beohari m.p

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