Drishti IAS के संस्थापक Dr Vikas Divyakirti ने बताया उन्होंने कैसे की थी UPSC की तैयारी- जानिए कैसे तय किया दृष्टि आईएएस के संस्थापक बनने तक का सफर ।

Drishti IAS के संस्थापक Dr Vikas Divyakirti ने बताया उन्होंने कैसे की थी UPSC की तैयारी,Dr Vikas Divyakirti ने बताया किस प्रकार उन्होंने की थी यूपीएससी की तैयारी, दसवीं कक्षा तक अंग्रेजी सब्जेक्ट में थे काफी कमजोर, 17.5 साल की उम्र में आर्थिक तंगी के कारण शुरू कर दी थी सेल्समैन की नौकरी, कई बार असफल हुए लेकिन हिम्मत नहीं हारी और अंत में इतनी बड़ी संस्था आईएएस दृष्टि की स्थापना कर दी, जिसमें आज लाखों अभ्यर्थी पढ़ाई कर रहे हैं ।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई बार आपने मोटिवेशनल स्टोरी पढ़ी होंगी या फिर यूट्यूब पर वीडियो देखी होंगी l वैसे तो सोशल मीडिया पर बहुत सारे लोग , जो मोटिवेशनल वीडियो या फिर स्टूडेंट को प्रेरित करने के लिए वीडियो डालते रहते  I लेकिन हमें उम्मीद है कि दृष्टि आईएएस के संस्थापक  Dr Vikas Divyakirti कि मोटिवेशनल वीडियो आपने कई बार सोशल मीडिया पर देखी होंगी l

यह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे  युवाओं के इलावा भी जीवन से जुड़े कई मुद्दों को लेकर Motivational Video बनाते रहते हैं l अगर आप पढ़ाई भी नहीं करते हैं, तो आपने जरूर इनकी वीडियो कहीं ना कहीं तो जरूर देखी होगी l डॉक्टर विकास सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं l

आज हम आपको इन्हीं के जीवन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें बताने वाले हैं l अक्सर सोशल मीडिया पर यह काफी ज्यादा सर्च किया जाता है कि Dr Vikas Divyakirti जो कि इतनी बड़ी संस्थान Drishti IAS के संस्थापक है , इन्होंने एक स्टूडेंट से लेकर यहां तक का सफर किस प्रकार तय किया होगा l यदि आपके भी मन में यह सवाल है तो आपके सारे सवालों के जवाब आज इस लेख के माध्यम से हम देने वाले हैं ।

 आपको यह भी बताएंगे कि किस प्रकार इन्होंने दृष्टि आईएएस की स्थापना की और उन्होंने किस प्रकार से यूपीएससी की तैयारी की थी । पूरी जानकारी इस लेख के माध्यम से जानते हैं ।

Notes & Job Update के लिए फॉर्म भरे

    17.5 की उम्र से ही शुरू कर दी थी Sales Man की नौकरी करना

    आपको जानकर हैरानी होगी कि एक इंटरव्यू में डॉक्टर विकास सर ने बताया कि जब वह 17.5 साल की उम्र में थे, तो उनके घर में कुछ परेशानी आ गई थी l जिसके कारण उन्हें 17.5 साल की उम्र में ही सेल्समैन की नौकरी करनी पड़ी थी l उन्होंने बताया कि नौकरी के साथ- साथ ही वह ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने लगे l उसके बाद अपने भाई के साथ मिलकर प्रिंटिंग कंपनी शुरू की l

    जैसे जैसे समय बीतता रहा वैसे घर की स्थिति सही हो गई l लगभग 21 वर्ष की उम्र में डॉ विकास ने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली और ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के पश्चात अपने दोस्त विजेंद्र के साथ पांडव नगर में एक Flat ले लिया l फ्लैट लेने के बाद वहां पर UPSC की तैयारी शुरू कर दी l

    इंग्लिश विषय में पकड़ नहीं थी अच्छी

    डॉक्टर विकास ने बताया कि जब उन्होंने UPSC की तैयारी करनी शुरू की, तो पहले उन्होंने यह सोचा कि  m.a. हिस्ट्री करें l लेकिन फिर उनको बाद में विचार आया कि क्यों ना m.a. हिस्ट्री से ना करके हिंदी से की जाए । इसीलिए डॉ विकास ने एमए हिंदी साहित्य से करने का मन बना लिया ।

    डॉ विकास ने बताया कि वैसे तो उनके सारे विषय ठीक थे लेकिन इंग्लिश विषय में उनकी परफॉर्मेंस बहुत ज्यादा बेकार थी । इतनी बेकार कि वह इंग्लिश में हमेशा फेल भी हो जाते थे । दसवीं कक्षा तक विकास सर की इंग्लिश थोड़ी ठीक हो चुकी थी। जिसके पश्चात धीरे-धीरे फिर उनकी इंग्लिश में सुधार होता गया ।

    डॉक्टर विकास ने बताया कि उन्होंने m.a. हिंदी के पहले साल में सेकंड नंबर पर टॉप किया था । इसके बाद उन्होंने हिंदू कॉलेज में दूसरे साल में माइग्रेशन कर लिया था । इन्होंने अपनी m.a. की पढ़ाई 1995 में पूरी कर ली थी, जिसमें इनके 65% नंबर भी आए थे l

    UPSC की परीक्षा देने से पहले क्लियर कर ली थी NET JRF की परीक्षा

    डॉक्टर विकास ने बताया कि जब वह m.a. फाइनल में पढ़ रहे थे, उसी दौरान उनका नेट जेआरएफ भी क्लियर हो गया था l साल 1996 में पहली बार डॉ विकास ने यूपीएससी की परीक्षा देने के लिए हिस्ट्री ऑप्शन के साथ परीक्षा देने का फॉर्म भरा था l लेकिन 1 दिन हिस्ट्री पढ़ते-पढ़ते उन्होंने सोशियोलॉजी की किताब पढ़ी l सोशियोलॉजी की किताब उन्हें काफी अच्छी लगी I  कारण उन्होंने यह मन बनाया कि वह दोबारा से फॉर्म भर कर हिस्ट्री की जगह सोशियोलॉजी से यूपीएससी की परीक्षा देंगे l

    डॉक्टर विकास ने अपने मन मुताबिक ऐसा ही किया और फॉर्म भरने के बाद परीक्षा तक  तीन या चार महीने के समय का अच्छा से इस्तेमाल करते हुए सोशियोलॉजी जमकर अच्छे से पढ़ा l

    डॉक्टर विकास ने बताया किस प्रकार उन्होंने पहले अटेम्प्ट में ही किया यूपीएससी क्रैक

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डॉ विकास ने अपने यूपीएससी के सफर के बारे में भी बताया है l उन्होंने कहा कि सबसे पहली बार उन्होंने जब यूपीएससी का अटेम्प्ट दिया था, तो उस दौरान वह रिलेशनशिप में  I जिस कारण उन्होंने पहले यह सोचा कि वह यूपीएससी का एग्जाम नहीं देंगे l

    लेकिन परीक्षा से कुछ दिन पहले उनके पिताजी का फोन आया और पिताजी ने उनको फोन पर काफी धमकाया कहा कि तुम्हें परीक्षा देने जरूर जाना है l चाहे तुम्हारा पेपर खराब ही क्यों ना हो l

    इसके बाद डॉक्टर विकास परीक्षा देने के लिए तैयार हो जाते हैं l वह प्रारंभिक परीक्षा को पास कर लेते हैं और उसके बाद मुख्य परीक्षा में भी काफी अच्छे अंक लेकर पास हो गए थे l डॉक्टर विकास ने बताया कि इंटरव्यू के पश्चात उनका फाइनल सिलेक्शन भी हो गया था, जिसमें उन्होने 384 Rank हासिल की थी l

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    डॉक्टर विकास ने बताया कि उन्होंने यूपीएससी का दूसरा अटेम्प्ट घर से ही दिया  I लेकिन इस अटेम्प्ट में उनकी मुख्य परीक्षा क्लियर नहीं हो पाई थी l इसके पश्चात तीसरे अटेम्प्ट के लिए डॉ विकास ने ऑप्शनल सब्जेक्ट को बदल लिया था और इस टाइम में डॉ विकास Interview तक पहुंच गए थे l फाइनल सिलेक्शन नहीं हो पाया था l

    1999 में ज्वाइन की थी सेंट्रल सेक्रेटेरियल सर्विस

    डॉ विकास ने बताया कि जून 1999 में इन्होंने सेंट्रल सेक्रेटेरियल सर्विस ज्वाइन कर ली थी l लेकिन चार-पांच महीने बाद नौकरी से रिजाइन दे दिया l इसके बाद शिवाजी कॉलेज में एक वैकेंसी निकली थी, जिसका इंटरव्यू भी दिया लेकिन इंटरव्यू में उनका सिलेक्शन नहीं हुआ था l

    इस के बाद इन्होंने हिंदी विषय को पढ़ाना शुरू किया और यहीं से उन्होंने आईएएस कोचिंग संस्थान की स्थापना की थी ।

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