चाय वाले की बेटी बनी वायुसेना में अफसर-पिता से सीखा मुश्किलों से सामना करना |

By | August 3, 2021

चाय वाले की बेटी बनी वायुसेना में अफसर, मध्य प्रदेश की आंचल ने बचपन में ही सेना में जाने का सपना देखा था, आंचल केपिता Suresh Gangwal की छोटी सी चाय की दुकान है, आंचल ने बताया की मुश्किलों से लड़ना पिता से ही सीखा है |

वैसे तो भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने के बारे में हर कोई नौजवान सोचता है, मगर ऐसी बहुत ही कम लड़कियां होती हैं, जो भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने के बारे में सोचती हैं | अक्सर बहुत से गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ाई लिखाई में पीछे रह जाते हैं, क्योंकि पढ़ाई का खर्चा ना मिलने की वजह से और घर में आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है |

बहुत गरीब बच्चे ऐसे हैं, जो पढ़ना तो चाहते हैं परंतु उन्हें पढ़ाई छोड़ कर अपने मां-बाप का साथ घर चलाने में देना पड़ता है |  बहुत से बच्चे ऐसे होते हैं, जो आर्थिक तंगी में भी पढ़ना लिखना नहीं छोड़ते जैसे कि आज हम आपको एक ऐसी ही लड़की की कहानी बताएंगे जिसके पिता की एक छोटी सी चाय की दुकान है, लेकिन उसके बावजूद भी वह लड़की पढ़ लिख कर Indian Airforce  में Officer बनी हैं |

आंचल बनी वायुसेना ऑफिसर

एक Interview के दौरान आंचल ने यह बताया कि वह हमेशा से ही अपने पिता का सर गर्व से ऊंचा करना चाहती थीं | इसीलिए वह बचपन से ही पढ़ाई लिखाई में काफी ज्यादा मेहनत करती थी ताकि वह बड़ी होकर अपने पिता का नाम ऊंचा कर सकें |  आंचल ने बताया कि उनके पिता Suresh Gangwal कि मध्य प्रदेश के नीमच जिले में एक छोटी सी चाय की दुकान है |

aanchal bani Air Force me Officer

वह उस चाय की दुकान के सहारे ही बड़ी मुश्किल से घर चला पाते हैं | आंचल ने बचपन से ही काफी गरीबी देखी हैं और उनका जीवन काफी संघर्ष भरा रहा है | गरीबी के कारण उनके सामने लाख मुश्किलें आई परंतु फिर भी आंचल ने अपने सपनों को नहीं छोड़ा और वह निरंतर अपने सपनों को साकार करने के लिए मेहनत करती रही |

बचपन से ही सपना था देश की सेवा करने का

आंचल बचपन से ही भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहती थी, इसलिए वह काफी मेहनत करती थी | हम आपको बता दें कि Air Force में भर्ती होने से पहले आंचल ने मध्य प्रदेश में Sub-inspector के पद पर भी 8 महीने काम किया है, लेकिन जब आंचल Sub-inspector के पद पर काम कर रही थी तो उस वक्त भी उन्होंने Air Force में भर्ती होने के प्रयास निरंतर जारी रखें |

Air Force में भर्ती होने के लिए आंचल मेहनत तो बहुत करती थी, लेकिन वह बार-बार असफल हो जाती थी | आंचल वायु सेना में भर्ती होने के लिए 6 बार असफल हुई, लेकिन फिर उन्हें आखिर में सफलता प्राप्त हो ही गईं | आंचल का कहना यह है कि उन्होंने अपनी कोशिशों को निरंतर जारी रखा और उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी |

आंचल नें हमेशा अपने लक्ष्य की ओर ध्यान देकर पूरी मेहनत और सच्ची निष्ठा से पढ़ाई की हैं | इसीलिए आज वह Air Force में ऑफिसर के पद पर नियुक्त हुई हैं | आंचल की इस कामयाबी को देखकर दूसरे व्यक्तियों को भी आंचल से सीखना चाहिए कि, चाहे व्यक्ति कितने ही गरीब परिवार में पैदा क्यों ना हुआ हो, परंतु वह व्यक्ति अपनी किस्मत खुद लिख सकता हैं |

जिस प्रकार आंचल ने मेहनत करके कामयाबी हासिल की इस प्रकार दूसरे व्यक्ति भी मेहनत करके कामयाबी हासिल कर सकते हैं | उन्होंने कहा कि युवाओं को निरंतर प्रयास करना चाहिए और एक प्रयास में प्राप्त असफलता से कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए | आंचल ने कहा कि अपनी कमियों को सुधार कर हमें हमेशा कुछ नया सीखते रहना चाहिए | जिस दिन हम अपनी कमियों को सुधार कर आगे बढ़ेंगे उस दिन हमें सफलता मिल जाएगी |

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