बस कंडक्टर की बेटी शालिनी अग्निहोत्री ने पहले Attempt में Crack की UPSC परीक्षा-जानिए किस प्रकार परिवार से छुप कर की UPSC की तैयारी करती थी |

बस कंडक्टर की बेटी शालिनी अग्निहोत्री ने पहले Attempt में Crack की UPSC परीक्षा, IPS Shalini Agnihotri ने सिविल सर्विस की परीक्षा में आई थी 285 वी रैंक, 2011 बैच की है आईपीएस अधिकारी, घर में बिना किसी को बताए शुरू की थी यूपीएससी की तैयारी, एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं शालिनी अग्निहोत्री ।

परीक्षा चाहे कोई भी हो, जब तक परीक्षा की तैयारी बेहतर ना की जाए, तो उसके परिणाम शून्य ही मिलते हैं । कंपटीशन एग्जाम की तैयारी करने वाला हर युवा जानता है कि परीक्षा तो लाखों लोग देते हैं, लेकिन परीक्षा में सफल सिर्फ वही उम्मीदवार हो पाते हैं जिन्होंने पूरी लगन और मेहनत से सिलेबस और पैटर्न के आधार पर तैयारी कि हो ।

भारत की सबसे मुश्किल परीक्षा UPSC Civil Service को Crack करने के लिए तैयारी तो लाखों छात्र करते हैं, लेकिन कुछ ही उम्मीदवार होते हैं जो परीक्षा के दिन अच्छी परफॉर्मेंस कर पाते हैं l आज हम आपको IPS Shalini Agnihotri की कामयाबी की कहानी बताने वाले हैं जिन्होंने ना तो किसी बड़े शहर से यूपीएससी सिविल सर्विस की तैयारी की है और ना ही इन्होंने अपने परिवार को यह बताया कि वह यह यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं ।

फिर भी इन्होंने ओवर ऑल इंडिया में 250वी रैंक हासिल की । चलिए जानते हैं इन्होंने अपने सपने को किस प्रकार पूरा किया और आईपीएस ऑफिसर बनने के पीछे इनकी वजह क्या है ।

Handwritten Notes के लिए फॉर्म भरे

IPS Shalini Agnihotri रहने वाली है हिमाचल प्रदेश की

आज इस लेख के माध्यम से हम आपको आईपीएस शालिनी अग्निहोत्री के संघर्ष की कहानी बताने वाले हैं । आपकी जानकारी के लिए बता दें कि IPS Shalini Agnihotri हिमाचल प्रदेश के उन्ना जिले के छोटे से गांव ठठल की रहने वाली हैं । इनके पिता रोडवेज बस में कंडक्टर थे ।  को बचपन से ही पढ़ाई लिखाई का शौक था । इन्होंने अपनी दसवीं कक्षा में 96% अंक हासिल किए थे । 12वीं कक्षा में इन्होंने 77% अंक हासिल किए ।

इसके बाद यह पढ़ाई करना चाहती थी जिसके कारण माता-पिता ने इन्हें पढ़ाई करने के लिए परमिशन भी दे दी । इन्होंने पालमपुर स्थित हिमाचल प्रदेश Agriculture University से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया और ग्रेजुएशन के साथ- साथ ही UPSC की तैयारी भी शुरू कर दी l

घर में कोई नहीं जानता था कि शालिनी कर रही है UPSC Civil Service की तैयारी

आपने यूपीएससी सिविल सर्विस की तैयारी करने वाले बहुत छात्र देखे होंगे, जो तैयारी करने के दौरान सभी को बता देते हैं कि वह सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे हैं l लेकिन IPS Shalini Agnihotri इन सबसे अलग है l शालिनी अग्निहोत्री ने अपने घर में किसी को नहीं बताया था कि वह यूपीएससी सिविल सर्विस की तैयारी कर रही है l

एक इंटरव्यू में IPS Shalini Agnihotri ने बताया कि उन्होंने कॉलेज के बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी l लेकिन उन्होंने अपने घर में भी किसी को यह नहीं जानकारी लगने दी कि वह यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं l

ऐसा इसलिए क्योंकि UPSC Civil Service भारत की सबसे कठिन परीक्षा में से एक है । यदि वह फेल हो जाती तो घरवाले निराश हो जाते l इसीलिए उन्होंने बिना बताए तैयारी करने का फैसला लिया । ताकि वह अगर फेल भी हो जाए तो कम से कम घर वालों को बुरा तो नहीं लगेगा ।

बिना कोचिंग के IPS Shalini Agnihotri ने पास की यूपीएससी की परीक्षा

जानकारी के मुताबिक शालिनी अग्निहोत्री ने यूपीएससी की तैयारी बिना कोचिंग के ही की थी । अपना पहला अटेम्प्ट मई 2011 में दिया था । IPS Shalini Agnihotri ने पहले अटेम्प्ट में ही यूपीएससी सिविल सर्विस की परीक्षा को पास कर दिया था ।

आपको जानकर हैरानी होगी कि इन्होंने ना ही कहीं से नोट्स खरीदे थे और ना ही कोई कोचिंग ली थी । सेल्फ स्टडी करके ही इन्होंने यूपीएससी सिविल सर्विस की परीक्षा को पास कर लिया था । इन्होंने ओवर ऑल इंडिया में 285 वी रैंक हासिल की थी । इनका चयन इंडियन पुलिस सर्विस में हुआ था ।

शालिनी अग्निहोत्री ने बताई यूपीएससी सिविल सर्विस की तैयारी करने की वजह

एक इंटरव्यू में शालिनी अग्निहोत्री ने यह बताया है कि उन्होंने किस कारण यूपीएससी सिविल सर्विस की तैयारी करने की ठानी थी । IPS Shalini Agnihotri ने बताया कि एक बार वह अपनी मां के साथ बस में सफर कर रही थी । सफर के दौरान एक व्यक्ति ने उनकी मां की सीट के पीछे अपना हाथ लगा लिया । तो जिस कारण मां को बड़ी परेशानी हो रही थी ।

UPSC की 17 दिनों में तैयारी करके IPS बने Akshat Kaushal

किसकी पावर ज्यादा है? IAS or IPS

मां ने बार-बार कहा कि हाथ हटा लो, लेकिन उस व्यक्ति ने हाथ नहीं उठाया और ऊपर मां से गुस्सा करने लगा कि मैं तुम्हारी बात क्यों मानूं, तुम क्या कलेक्टर लग रही हो । बस शालिनी को यह हमेशा याद रहा और उसने आईपीएस ऑफिसर बनने की ठानी । ताकि वह इस तरह के लोगों को अच्छे से सबक सिखा पाए ।

Leave a Comment