BSNL कंपनी होने वाली है मर्ज, पीएम मोदी ने दी मंजूरी।

BSNL Company Merge Information- BSNL Company को मर्ज करने की मंजूरी दे दी गई है, आइए आज की पोस्ट में जानते हैं, कि सरकार ने BSNL का विलय क्यों किया और बीएसएनएल के विलय से आपको क्या फायदा होने जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा BSNL Company को मर्ज करने की मंजूरी दे दी गई है। ऐसा केबिनेट कमेटी ऑन इकोनामिक अफेयर्स (CCEA) की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा निर्णय लिया गया है। जिसमें बीएसएनल कंपनी को बीबीएनएल के साथ मर्ज किया जा रहा है। बैठक में बीएसएनएल कंपनी के Revival को लेकर काफी चर्चा की गई। जिसके बाद बीएसएनएल कंपनी के रिवाइवल के लिए 1.64 लाख करोड रुपए मंजूर किए गए हैं। इसके बाद बीएसएनएल कंपनी का जल्द बीबीएनएल के साथ विलय कर दिया जाएगा।

सरकार द्वारा बताया गया है, कि BSNL Company काफी समय से घाटे में चल रही थी। जिस वजह से उसका पुनरुद्धार करना जरूरी था। बीएसएनएल कंपनी को भारत ब्रांडेड नेटवर्क लिमिटेड ( बीबीएनएल ) के साथ मर्ज किया जाएगा। लेकिन विलय होने के बाद भी ग्राहकों को पहले जैसा फायदा ही मिलेगा। आइए आज की पोस्ट में जानते हैं, कि सरकार ने BSNL का विलय क्यों किया और बीएसएनएल के विलय से आपको क्या फायदा होने जा रहा है।

BSNL कंपनी होने वाली है मर्ज

BSNL Company के विलय से ग्राहकों को क्या फायदा होगा

BSNL – BBNL Merger होने से बीएसएनएल को बहुत फायदा हुआ है। क्योंकि अब बीएसएनएल का बीबीएनएल में मर्जर होने से पूरे देश में फैले बीबीएनएल के 5.67 लाख किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर पर BSNL का पूर्ण नियंत्रण हो जाएगा। नहीं तो बीएसएनल को अलग से इतना खर्चा करना पड़ता। 

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सरकार द्वारा यह भी कहा गया है,कि अगले 3 सालों में बीएसएनएल के लिए 23000 करोड रुपए के नए बॉन्ड तैयार किए जायेंगे। साथ ही सरकार MTNL के लिए भी अगले 2 सालों में 17500 करोड़ रुपए के बांड जारी करेगी। जिससे इन सरकारी कंपनियों में पुनरुद्धार किया जा सके।

हालांकि बीएसएनएल कंपनी के रिवाइवल के लिए 1,64,156 करोड रुपए की मंजूरी भी सरकार द्वारा दी गई है। जिसके जरिए सरकारी Telecom company 4g मे अपग्रेड हो सके। क्योंकि भारत में प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियां, सरकारी टेलीकॉम कंपनियों से काफी आगे निकल चुकी हैं।

ऐसा इसलिए हुआ है, क्योंकि समय पर सरकारी टेलीकॉम कंपनियों को अपने विकास को बेहतर करने के लिए budget नहीं मिला है। जिससे सरकारी टेलीकॉम कंपनियां अपना अपग्रेड नहीं कर सकी हैं। जिस वजह से ज्यादातर ग्राहक प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों पर भरोसा करते हैं।  

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सरकार ने क्यों किया है, बीएसएनएल और बीबीएनएल का विलय

केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बताया, कि बीएसएनल- बीबीएनएल का विलय विकास योजना के तहत किया गया है। क्योंकि BSNL के पास 6.80 लाख किलोमीटर से अधिक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क मौजूद है। जबकि बीबीएनएल के पास देश के 1.85 लाख ग्राम पंचायतों में 5.67 लाख किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का जाल बिछाया गया है। जिससे दोनों कंपनियों को बड़ा फायदा होने जा रहा है। इस वजह से बीएसएनएल को Universal Service obligation fund(USOF) के द्वारा बीबीएनएल द्वारा बिछाए गए फाइबर का नियंत्रण मिल सकेगा।

साथ ही केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव जी ने यह भी बताया, कि BSNL के पास अभी 33000 करोड रुपए का कर्ज है। जिसको हम इक्विटी में बदल देंगे। इसके अलावा 33 हजार करोड़ रुपए बैंक लोन चुकाने के लिए, बांड जारी किए जाएंगे। इसी वजह से भारत संचार निगम लिमिटेड(बीएसएनल) और भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड(बीबीएनएल) के विलय को मंजूरी दी गई है।

BSNL Company लंबे समय से चल रही थी घाटे में।

क्या आप जानते हैं,कि बीएसएनएल कंपनी उस दौर में आई थी, जब किसी गांव में केवल एक फोन हुआ करता था। BSNL phone से सीमित समय के लिए बात की जाती थी। लेकिन आज यह कंपनी बहुत घाटे में चल रही है। सरकार द्वारा लगातार इस को राहत पैकेज दिए जा रहे हैं ताकि बीएसएनल कंपनी का रिवाइवल हो सके।जैसा कि आप जानते हैं कि BSNL कंपनी सरकारी टेलीकॉम कंपनी है।

इस कंपनी की आज बहुत हालत खराब है। इसकी खराब हालत को देखते हुए ही केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1,64,156 करोड़ रुपए का राहत पैकेज बीएसएनएल कंपनी को दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि BSNL कंपनी घाटे में पहली बार 2009-2010 मे आई थी। क्योंकि उससे पहले बीएसएनएल कंपनी का एकछत्र राज टेलीकॉम के क्षेत्र में हुआ करता था।

लेकिन 2009-10 में बाजार में रिलायंस और एयरटेल जैसी private telecom company आई थी। प्राइवेट कंपनियां मुनाफे पर चलती हैं। इसलिए उनको सामाजिक कल्याण के लिए काम करना जरूरी नहीं होता है। लेकिन BSNL Company सरकारी कंपनी होने की वजह से, सामाजिक कल्याण के कार्यक्रम मे ज्यादा उपयोग की गई। जिसकी वजह से कंपनी को भारी घाटा उठाना पड़ा। BSNL company लंबे समय से कर्ज में डूबी हुई है।

बता दें कि इस कंपनी ने 2009-10 के बाद profit नहीं देखा है। आप यह बात सुनकर चौंक जाएंगे कि बीएसएनल कंपनी को 2019-2020 मे लगभग 15500 करोड रुपए का घाटा हो गया था। जिसके बाद तो यह लगने लगा था कि अब बीएसएनएल कंपनी बंद करने का समय आ गया है।

लेकिन सरकार द्वारा तब भी कंपनी को राहत पैकेज दिया गया। जिसके बाद भी कंपनी अभी भी घाटे में चल रही है। इसीलिए अब जाकर प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा बीएसएनएल का BBNL में विलय कर दिया गया है। ताकि बीएसएनएल के घाटे को मुनाफे में बदलने के साथ-साथ सरकारी टेलीकॉम कंपनी का अपग्रेड भी किया जा सके।

बीएसएनएल से जुड़ी है लोगों की गहरी यादें

BSNL company की शुरुआत 1 अक्टूबर 2000 को सरकार द्वारा की गई थी। तब भारत में केवल बीएसएनल ही एकमात्र टेलीकॉम कंपनी थी। उस समय सभी घरों में फोन नहीं होता था। किसी किसी घर में या सरकारी दफ्तर में बीएसएनएल के लैंडलाइन फोन होते थे। जिस मोहल्ले में या गांव के जिस घर में फोन हुआ करता था, वहां पर लोगों की भीड़ जमा होती थी।

लोग केवल 1-2 मिनट के लिए ही अपने सगे संबंधियों और मित्रों से जरूरी बात किया करते थे। लेकिन 2000 तक आते-आते Land Line Phone की संख्या बढ़ गई थी। लेकिन उस समय भी BSNL company का सिम लेने के लिए काफी लंबा समय लगता था।

बीएसएनएल का सिम लेने के लिए लोगों को BSNL Office के काफी चक्कर लगाने पड़ते थे। तब जाकर बीएसएनल का सिम मिलता था। बीएसएनएल के सिम में उस समय एक रुपए प्रति मिनट की दर से कॉल हुआ करती थी।

लेकिन जैसे-जैसे प्राइवेट सेक्टर ने टेलीकॉम क्षेत्र में अपना कदम रखा, बीएसएनएल कंपनी के अच्छे दिन चले गए। एक समय काफी प्रॉफिट कमाने वाली BSNL Company उसके बाद घाटे में ही जाने लगी। इसी वजह से आज बीएसएनएल कंपनी का विलय होने जा रहा है।

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