बोर्ड परीक्षाएँ रद्द करने की मांग उठी-केन्दीय शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र |

By | April 13, 2021

कोरोना की दूसरी लहर के बीच बोर्ड परीक्षाएँ रद्द करने की मांग जोर पकड़ने लगी, देश के विभिन्न राज्यों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराया, अभिनेता सोनू सूद ने भी परीक्षाओं को रद्द करने का समर्थन दिया है |

आपको पता ही है, कि पूरे देश में इस समय कोरोनावायरस का संक्रमण बहुत ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। जिसके कारण रोजाना आदेश में नए-नए मामले निकल कर सामने आ रहे हैं और बहुत लोगों की जान भी कोरोनावायरस के कारण जा रही है। इसी परिस्थिति को देखते हुए बहुत ही विद्यार्थी एकत्रित होकर परीक्षाएं रद्द करने को लेकर अदालत में पहुंच चुके हैं l दूसरी तरफ देश भर में कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण को देखकर बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।

हम आपको बता दें, कि अब कोरोनावायरस के लगभग 1.50 लाख से भी ज्यादा मामले सामने आए हैं। जिनके कारण अब देश में कोरोनावायरस के सक्रिय मरीजों की संख्या 11 लाख से ज्यादा पहुंच चुकी है। जिसके कारण आप देश में ज्यादातर गतिविधियों पर रोक लगाई जा रही है और इसी के कारण परीक्षाओं को भी रद्द करने पर विचार किया जा रहा है। सरकार का मानना है, कि यदि परीक्षाओं को कुछ समय तक रद्द कर दिया जाता है। तो उसके कारण विद्यार्थी कोरोनावायरस की चपेट में आने से भी बच सकते हैं।

तमिलनाडु में भी परीक्षाओं का किया जा रहा है विरोध

तमिलनाडु में भी विपक्ष के नेताओं ने बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग रखी है। तमिलनाडु राज्य में भी कोरोना की रफ्तार काफी तेजी से बढ़ रही है और लोग काफी ज्यादा इस वायरस की चपेट में आ रहे हैं। इसीलिए पीएमके ( PMK ) के संस्थापक एस रामदास ने सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाओं को ऑफलाइन आयोजित करवाने से मना कर दिया है और वह इस बात का विरोध कर रहे हैं,

CBSE Board Exam Canceled News

कि अब सीबीएसई बोर्ड की ऑफलाइन परीक्षा नहीं ली जाएंगी। रामदास जी ने यह भी कहा कि सीबीएसई बोर्ड ( CBSE Board ) की दसवीं तथा बारहवीं कक्षा की परीक्षाएं और इसी के साथ-साथ तमिलनाडु बोर्ड की परीक्षाएं रद्द कर देनी चाहिए l सभी छात्रों को स्कूल में उनके प्रदर्शन के हिसाब से ही पास करना चाहिए।

दिल्ली सरकार ने भी उठाई परीक्षाओं को रद्द करने की मांग

हम आपको बता दें, कि दिल्ली सरकार ने भी 10वीं तथा 12वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षाओं को रद्द करने का समर्थन किया है। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी सीबीएसई बोर्ड ( CBSE Board ) के द्वारा आयोजित होने वाली सभी प्रैक्टिकल परीक्षाओं को 20 अप्रैल तक स्थगित करने का सुझाव दे दिया है। भारत की राजधानी दिल्ली में भी कोरोना वायरस का संक्रमण बहुत ही ज्यादा बढ़ता जा रहा है।

CBSE Udaan Scholarship 2021

काफी ज्यादा लोग इस वायरस की चपेट में आकर अपनी जान भी गंवा रहे हैं। इसी को देखते हुए अब दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी तथा निजी स्कूलों को बंद कर दिया है। ताकि सभी विद्यार्थी स्वस्थ रह सकें और कोरोनावायरस से बच सके।

अभिनेता सोनू सूद ने भी परीक्षाओं को रद्द करने के लिए समर्थन दिया है

अभिनेता सोनू सूद ने करोना कॉल के दौरान काफी ज्यादा लोगों की मदद की है। जिसके कारण सोनू सूद इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में है l अभिनेता सोनू सूद ने भी एक वीडियो संदेश के माध्यम से इस बात का समर्थन किया है। सोनू सूद ने यह कहा है, की करोना महामारी के बढ़ते मामलों को देखकर तथा बच्चों को कोरोनावायरस से बचाने के लिए इस समय बेहतर यही होगा कि 10वी कक्षा तथा 12वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षाएं रद्द कर दी जाए।

सोनू सूद ने वीडियो के माध्यम से ट्वीट करते हुए यह भी लिखा है, कि प्रतिदिन कोरोनावायरस के एक लाख से भी ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं। यदि इस बीच हम परीक्षाओं को करवाते हैं, तो बच्चों के भविष्य पर काफी बुरा असर पड़ेगा और बहुत से बच्चों को जान भी गंवानी पड़ सकती है।

परीक्षाओं को रद्द कराने के लिए प्रियंका गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र

इसी के चलते कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने 11 अप्रैल 2021 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल को एक पत्र लिखा है और पत्र के माध्यम से उन्होंने उन्हें कहा है, कि 10 वी तथा 12वीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द करवा दिया जाए, ताकि सभी बच्चे अपने घरों में सुरक्षित रह सके। प्रियंका गांधी ने यह भी कहा है,

की कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों को देख कर यदि हम शांत बैठे रहते हैं और बच्चों की परीक्षाएं करवाते हैं तो इसका काफी बुरा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ सकता है। यहां तक कि बच्चे इस  महामारी से संक्रमित भी हो सकते हैं। प्रियंका गांधी ने इस पत्र में यह भी लिखा है कि यदि इन परीक्षाओं को रद्द नहीं करवाया जाता और अगर कोई भी बच्चा इस महामारी से संक्रमित होता है, तो उसका जिम्मेवार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (  Central Secondary Education Board ) को ही माना जाएगा।

उत्तर प्रदेश में भी सभी शिक्षण संस्थान 30 अप्रैल तक बंद

कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों को देखकर उत्तर प्रदेश सरकार ने भी 30 अप्रैल तक शिक्षण संस्थान बंद करने का फैसला लिया है। इस दौरान उत्तर प्रदेश में 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूल कॉलेज तथा कोचिंग संस्थान आदि 30 अप्रैल 2021 तक बंद करने का आदेश दिया गया है। वैसे तो राज्य में परीक्षाओं के आयोजन को लेकर शिक्षण संस्थानों को फिलहाल काफी छूट भी दी गई है, क्योंकि कोरोना काल के दौरान सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने से अभिभावकों को काफी ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा है।

इसीलिए उत्तर प्रदेश में फिलहाल 30 अप्रैल 2021 तक ही सभी प्राइवेट तथा सरकारी स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए हैं। उसके पश्चात यदि कोरोनावायरस के आंकड़ों में कुछ गिरावट आती है या फिर सरकार को ऐसा लगता है कि बच्चों की जान बिल्कुल भी खतरे में नहीं है तो उस समय सभी स्कूल खोल दिए जाएंगे। यदि 30 अप्रैल 2021 को भी सरकार को ऐसा नहीं लगता कि स्कूल खोलने चाहिए या फिर कोरोनावायरस के आंकड़ों में कुछ भी कमी ना हुई बल्कि बढ़ोतरी हुई तो फिर 30 अप्रैल 2021 को भी स्कूल खुलने मुश्किल है।

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