Bheruji Mandir के 13वें वार्षिकोत्सव पर बनाया 242 क्विंटल चूरमा-JCB से मिलाया गया 6 क्विंटल काजू , बादाम |

Bheruji Mandir के 13वें वार्षिकोत्सव पर बनाया 242 क्विंटल चूरमा, जयपुर (कोटपूतली) की ग्राम पंचायत कल्याणपुरा कलां के कुहाड़ा गांव की पहाड़ी के मंदिर में लक्खी मेला, बाबा का चूरमा बनाने के लिए 85 हलवाइयों की टीम लगी |

राजस्थान राज्य में बहुत ही प्रसिद्ध भैरुजी मंदिर स्थित है जोकि जयपुर जिले के कोटपूतली के ग्राम पंचायत कल्याणपुरा कलां के कुहाड़ा गांव की पहाड़ी पर स्थित है l इस साल 30 जनवरी 2022 को भैरुजी मंदिर का 13वां वार्षिकोत्सव था l इस अवसर पर भैरू बाबा के मेले में जनप्रतिनिधि , भामाशाह के साथ-साथ कई व्यापारी ने भी भाग लिया था l

पिछले 1 महीने से चल रही थी लक्खी मेले की तैयारी

  • भैरू बाबा के मेले को लक्खी मेला कहा जाता है l इस लक्खी मेले को लेकर ग्रामीण जन सहयोग पिछले 1 महीने से एकजुट होकर तैयारी में जुटे हुए थे ताकि बाबा के मेले में किसी भी प्रकार की कमी ना हों।
Bheruji Mandir Lakkhi mela news
  • इस बार भैरुजी मंदिर के 13 वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर 242 क्विंटल चूरमे को Thresher की सहायता से पिसवाकर JCB की सहायता से मिला कर बनाया गया था l इस बार कुल मिलाकर इतना चूरमा तैयार किया गया था कि उसको 6 ट्रॉलीयों में भरकर रखा गया था l

बाबा के प्रसाद के लिए लगती है , यह सभी सामग्रियां

  • भैरुजी मंदिर के पुजारी रोहिताश बोफा , यादराम सिहोडिया , जयराम जेलदार , बनवारी तथा पूर्व सरपंच बुधराम चनेजा आदि ने बताया कि भैरू बाबा के प्रसाद के लिए 242 क्विंटल चूरमे की प्रसादी बनाई जाती है l
राजस्थान में मिला प्राचीन सभ्यताओं का मंदिर
  • इस चूरमे में 135 क्विंटल गेहूं का आटा या फिर सूजी , 2 क्विंटल काजू , 2 क्विंटल बदाम , 2 क्विंटल किशमिश , 2 क्विंटल खोपरा , 5 क्विंटल मावा , 70 क्विंटल खांड तथा 24 क्विंटल घी मिलाया गया था।
  • इसे पीसने के लिए Thresher तथा मिलाने के लिए JCB की सहायता ली गई  थी l

चूरमें को बनाने के लिए 85 हलवाईयो कि टीम संभाल रही थी सारे काम

  • भैरू बाबा के मंदिर के चूरमे को बनाने के लिए पिछले काफी दिनों से 85 हलवाई की टीम लगी हुई थी l चूरमे के लिए 65 क्विंटल दही तथा 60 क्विंटल दाल बनाई जाती है l दाल बनाने के लिए 30 पीपा सरसों का तेल , 5 क्विंटल टमाटर , 2 क्विंटल हरी मिर्च तथा 1 क्विंटल हरा धनिया काम में लिया जाता है l
  • आपको जानकर हैरानी होगी कि चूरमा बनाने के लिए 60 किलो पिसी हुई लाल मिर्च, 60 किलो हल्दी तथा 40 किलो जीरा काम में लिया जाता है l भैरू बाबा को सबसे पहले दही-चूरमें का भोग लगाया जाता है, इसी के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसादी दी जाती है l
  • प्रसादी के लिए लगभग डेढ़ लाख से अधिक पत्तल व चाय , कॉफी के लिए 4 लाख कप की आवश्यकता होती है l

भैरूजी मंदिर पर , हेलीकॉप्टर से की गई पुष्प वर्षा

  • भैरू बाबा मंदिर के लिए 29 जनवरी को सुबह कलश यात्रा निकाली गई थी l जिसके बाद 30 January को भंडारे का आयोजन किया गया था l साथ ही धमाल कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था जिसमें अनेकों कलाकारों ने भाग लिया l
  • इसके अतिरिक्त सभी भक्तों के आकर्षण का मुख्य कारण यह भी था कि भैरू बाबा के मंदिर पर हेलीकॉप्टर से भी फूलों की वर्षा की गई l जब हेलीकॉप्टर से भैरो बाबा मंदिर पर पुष्प वर्षा की गई तो वह नजारा काफी देखने लायक था।

दूर-दूर से भक्त आते है दर्शन करने

  • आपको बता दें कि इसी नजारे को देखने व भैरू बाबा के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु राजस्थान राज्य के अलग-अलग शहरों व आसपास के दूसरे राज्यों से भी आते हैं l
  • यह तो भैरूजी मंदिर का 13वा वार्षिकोत्सव था परंतु इससे पहले वार्षिकोत्सव पर भी ऐसे ही कुछ कार्यक्रम तथा भंडारे का आयोजन किया गया था। यहां हर साल लाखों की संख्या में आने वाले दूर-दूर के श्रद्धालु भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते है l

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