Ayushman Bharat Digital Mission शुरुआत हुई-घर बैठे बनवा सकते हैं PHR ID Card

Ayushman Bharat Digital Mission शुरुआत हुई, PM मोदी ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की सौगात दी, Ayushman Bharat Digital Mission के तहत नागरिक घर बैठे PHR ID बनवा सकेंगे, भारत के अतिरिक्त अन्य देशो में पहले से ही इस्तेमाल हो रहा है Digital Health ID Card

हमारा देश दिन प्रतिदिन Technology के क्षेत्र में काफी तरक्की कर रहा है | इसीलिए अब लोगों के काफी काम आसान हो गए हैं | पहले जिन कार्यों को करवाने के लिए लोगों को महीनों लग जाते थे, तो आज लोग उस काम को आसानी से घर बैठे 10 मिनट में ही कर सकते हैं। सरकार के द्वारा धीरे-धीरे अब वह सब कार्य डिजिटल किए जा रहे हैं जिनमें लोगों का समय और पैसा बर्बाद होता था।

अब सरकार के द्वारा ज्यादातर हर एक चीज को ऑनलाइन कर दिया गया हैं l अगर किसी व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर करने होते हैं तो उसे बैंक में जाने की आवश्यकता भी नहीं होती। अब सरकार के द्वारा हाल ही में  “Ayushman Bharat Digital Mission” की शुरुआत की जा चुकी है l “Ayushman Bharat Digital Mission” के तहत देश के करोड़ों नागरिकों को लाभ मिलने वाला है l ऐसे बहुत से लोग हैं जो अपनी बीमारी का खर्चा नहीं उठा पाते l इस प्रकार के लोगों को इस योजना से जोड़ा जाएगा और उनकी पूरी सहायता की जाएगी।

अब से पहले लोगों को अपनी बीमारी से संबंधित सभी कागजातों को संभाल कर रखना होता था, अगर किसी वजह से वह गुम हो जाते थे तो उन्हें काफी परेशानी होती थी और पैसे भी खर्च होते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि “Ayushman Bharat Digital Mission” की सहायता से लोगों को जो Id प्राप्त होगी तो उसमें उनका सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और डॉक्टर मरीज का इलाज करने के लिए उसे रिकॉर्ड का इस्तेमाल कर सकेंगे। अगर किसी व्यक्ति की रिपोर्ट गुम भी हो जाती है तो भी उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं होगी l डॉक्टर आयुष्मान कार्ड के माध्यम से आसानी से मरीज का पिछला पूरा रिकॉर्ड चेक कर सकेंगे।

Handwritten Notes के लिए फॉर्म भरे

देश के हर एक नागरिक को दी जाएगी Unique Health Id – 

हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा “आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन” की शुरुआत कर दी गई हैं। अब इस मिशन के तहत हमारे देश के हर एक नागरिक को 14 अंकों का एक Unique Health Id Card दिया जाएगा जोकि डिजिटल रूप से भी काम करेगा। अगर किसी भी व्यक्ति का कोई पिछला मेडिकल रिकॉर्ड हैं तो वह भी व्यक्ति इस डिजिटल कार्ड के माध्यम से अपने मोबाइल फोन पर ही देख सकेंगे।

अब लोगों को अपनी बीमारी की रिपोर्ट को अपने साथ रखने की आवश्यकता भी नहीं होगी, क्योंकि यूनिक हेल्थ आईडी कार्ड पर सभी संरक्षित रहेगा। अब जो भी लोग किसी सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज के लिए जाते हैं तो उन्हें सिर्फ अपना ID card ही दिखाना होगा और उसी के जरिए उनका इलाज किया जाएगा।

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Unique Health Id Card Customer Mobile Number से रजिस्टर्ड होगा और इसी मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा जिसे आपको डॉक्टर को देना होगा l फिर आप की सभी जानकारी डॉक्टर को मिल जाएगी। इसी के साथ-साथ आपकी दवाइयों की सारी जानकारी इस Unique Health Id Card पर संरक्षित रहेगी।

जिसके माध्यम से डॉक्टर यह पता लगा सकते हैं कि मरीज को पहले कौन सी दवाई दी गई थी और फिर आपकी स्थिति के हिसाब से आप की दवाई बदली भी जा सकती है l मरीज को अपने दवाई के पत्ते भी संभाल कर नहीं रखने होंगे। हम आपको बता दें कि इस योजना के तहत कुछ राज्यों में यूनिक कार्ड बनने भी शुरू हो चुके हैं जैसे कि चंडीगढ़, लद्दाख, दादर नागर हवेली, दमनदीव, अंडमान-निकोबार आदि।

भारत के अतिरिक्त अन्य देशो में पहले से ही इस्तेमाल हो रहा है Digital Health ID Card

भारत के अतिरिक्त दूसरे देशों में पहले से ही यह योजना लागू है। हम आपको बता दें कि वर्ल्ड हेल्थ असेंबली में सन 2005 में यह प्रस्ताव रख दिया गया था लेकिन 2013 में इसे पारित कर दिया गया। जब सन 2013 में यह प्रस्ताव पारित हुआ तो उसके पश्चात भारत के साथ-साथ अन्य 120 देशों ने भी इसमें अपनी रुचि दिखाई l लेकिन Digital Health Card  का प्रस्ताव सन 2020 में पारित हुआ ।

भारत के अतिरिक्त अन्य देशों में लगातार  Digital Health Record पर काम हो रहा है और देश के सभी नागरिकों को धीरे धीरे इस योजना से जोड़ा जा रहा हैं। यूरोपीय देश एस्टोनिया ने तो सन 2000 में ही सबसे पहले e-health Infrastructure तैयार कर दिया था जिसे 2008 तक पूरा किया गया l अब तक Estonia देश ने अपने देश के 95% से भी अधिक नागरिकों का हेल्थ डाटा डिजिटल कर दिया हैं।

ऑस्ट्रेलिया, इजरायल, अमेरिका, ब्रिटेन आदि देशों के साथ-साथ कुल मिलाकर 120 देशों में भी Digital Health Record पर काम जारी हैं। जल्द ही पूरी दुनिया इस Digital System से जुड़ जाएगी और फिर कोई भी मरीज अपना आसानी से इलाज करवा सकेगा।

नीदरलैंड में डाटा जुटाने के पश्चात भी किया गया नष्ट

नीदरलैंड में सन 2002 से लेकर 2011 तक वहां की सरकार ने देश के सभी लोगों का डाटा इकट्ठा कर लिया था , लेकिन बहुत से लोगों के द्वारा उस डाटा का दुरुपयोग किया गया। इसी के चलते लोगों को नुकसान से बचाने के लिए सरकार के द्वारा खुद ही सभी लोगों का डाटा नष्ट कर दिया गया। सरकार नहीं चाहती थी की देश के लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति अपने मंसूबों में कामयाब हो सकें।

घर बैठे बनवा सकते हैं अपना PHR ID Card

अगर कोई भी व्यक्ति इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो वह घर बैठे ही National Health Authority की official के माध्यम से PHR ( Physical Health Record ID Card ) बनवा सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति खुद इस आईडी कार्ड के लिए आवेदन नहीं कर पा रहा हैं, तो वह अपने नजदीकी किसी भी Customer Service Center पर जाकर भी आसानी से अपना PHR ID Card बनवा सकता हैं।

अगर आप एक बार यह कार्ड बनवा लेते हैं, तो इसके पश्चात आपको अपना इलाज करवाने के लिए बार-बार अपनी रिपोर्ट को अपने साथ लेकर नहीं जाना होगा या फिर यह चिंता भी नहीं रहेगी की रिपोर्ट गुम हो जाने पर आपको दोबारा पैसे खर्च करके रिपोर्ट बनवानी पड़ेगी। जब एक बार आपका कार्ड बन जाएगा तो उसके पश्चात आपको इसमें अपनी पिछली सभी Reports को Scan करके खुद ही Upload करना होगा l

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उसके पश्चात आगे की रिपोर्ट से इस कार्ड में खुद ही अपलोड होती रहेंगी। जिस प्रकार आप के आधार कार्ड के नंबर से ही आपके बारे में सब कुछ पता लगा लिया जाता हैं। ठीक इसी प्रकार आपके स्वास्थ्य के बारे में इस कार्ड के ऊपर मौजूद 14 अंकों के माध्यम से पता लगा लिया जाएगा।

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