आपके नाम से कितनी SIM एक्टिव है, अब आप खुद ही पता लगा सकेंगे |

By | April 25, 2021

आज के समय में SIM के नाम से बहुत फर्जीवाड़ा हो रहा है, अब आप खुद जान सकेंगे की आपके नाम से कितनी सिम चालू है, राजस्थान सरकार जल्द ही एक पोर्टल बना रहा है, जिससे आप अपने नाम से एक्टिव सभी सकेंगे |

आपको पता ही है, कि आज के समय में फर्जीवाड़ा बहुत ही ज्यादा बढ़ चुका है। आज के समय में लोग किसी भी दूसरे इंसान की आईडी पर सिम ले लेते हैं और उसका गलत फायदा उठाते हैं l आज के समय में फर्जी सिम के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। अब इन्हीं मामलों को देखते हुए राजस्थान सरकार ने भी एक अहम कदम उठाया है।

राजस्थान राज्य के 6.53 करोड़ मोबाइल फोन यूज करने वाले लोगों के लिए यह एक अच्छी खबर है l सिम कार्ड के फर्जीवाड़े को देखते हुए दूरसंचार विभाग ने अब राजस्थान राज्य में पहली बार एक ऐसा पोर्टल बनाया है। जिसमें आम जनता का कोई भी व्यक्ति आसानी से यह जान सकता है कि उसके नाम पर अभी कितने सिम एक्टिवेट है।

यदि किसी व्यक्ति के हिसाब से उसने आज तक सिर्फ दो ही सिम लिए हैं और यदि उस पोर्टल पर दिखता है कि उसके नाम पर 3 सिम चल रहे हैं तो जो एक SIM उसके द्वारा नहीं लिया गया वह उसकी रिपोर्ट दर्ज करवा सकेगा। जो व्यक्ति वह सिम चला रहा होगा उसके खिलाफ तुरंत ही सख्त कार्यवाही की जा सकेगी l अब आगे हम इसके बारे में विस्तार से जानेंगे।

राजस्थान दूर संचार विभाग ने लिया अहम फैसला?

राजस्थान में लोगों की सुरक्षा को देखते हुए दूरसंचार विभाग ने राज्य में पहली बार अब एक ऐसा पोर्टल बना दिया है। जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति यह पता लगा सकता है,कि उसके नाम पर वर्तमान समय में कितने सिम कार्ड चल रहे हैं। ऐसा बताया जा रहा है,कि अगले महीने में इस पोर्टल को आम जनता के लिए शुरू कर दिया जाएगा उसके पश्चात लोग इसका फायदा उठा सकते हैं l

SIM number check Process News

पिछले कुछ सालों के रिकॉर्ड को देखते हुए यह पता लगाया गया है , कि राजस्थान में सिम को लेकर फर्जीवाड़ा बहुत अधिक बढ़ चुका है l इसीलिए दूरसंचार विभाग के द्वारा यह पोर्टल बनाया गया है। ताकि लोग इसकी सहायता से आसानी से यह पता लगा सके कि उनके नाम पर कितने सिम कार्ड चल रहे हैं। यदि किसी भी व्यक्ति के नाम पर कोई ऐसा सिम कार्ड चल रहा है जो कि उसने नहीं लिया l परंतु कोई और व्यक्ति उसे चला रहा है तो इसकी कंप्लेन भी वह तुरंत रजिस्टर करा पाएगा।

राजस्थान में इस प्रकार हो रहा है फर्जीवाड़ा?

दूरसंचार के नियम के अनुसार एक व्यक्ति सभी नेटवर्क ऑपरेटर ( Network Operator ) के 9 मोबाइल कनेक्शन ले सकता है। परंतु डीओटी ( DOT ) के पास इसे Track करने का प्रबंध अब तक नहीं था। ऐसे में बहुत सी जगह पर अलग-अलग मोबाइल ऑपरेटर से 9-9 कनेक्शन लिए जाते रहे हैं। राजस्थान में 4 नेटवर्क ऑपरेटर है इसका मतलब की एक व्यक्ति 36 कनेक्शन ले सकता है। इसके अतिरिक्त वह सिम कार्ड अलग है जो कि फर्जी दस्तावेजों से जारी किए गए हैं।

पोर्टल शुरू होने के पश्चात इस प्रकार जानकारी ले सकेंगे उपभोक्ता?

  • दूरसंचार विभाग के द्वारा जारी किए गए इस पोर्टल पर एक मुख्य विंडो खुलेगी। इस मुख्य विंडो पर व्यक्ति को मोबाइल नंबर लिखने का एक विकल्प दिखाई देगा। इस विकल्प पर अपना मोबाइल नंबर व्यक्ति को लिखना होगा। इसके पश्चात उसके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा जो कि उसे ओटीपी बॉक्स में भरने के पश्चात सबमिट करना हैं। फिर व्यक्ति के सामने अपने मोबाइल नंबरों की पूरी जानकारी निकलकर सामने आ जाएगी।
  • मान लीजिए की आपके सामने स्क्रीन पर आप के नाम पर तीन मोबाइल नंबर आते हैं। मगर आपने तो सिर्फ दो ही कनेक्शन लिए हुए हैं तो आपको बाकी एक नंबर की सूचना तत्काल ही दूरसंचार विभाग को देनी हहोगीl इसकी सूचना दूरसंचार विभाग को देने के लिए उस मोबाइल नंबर के सामने आपको एक विकल्प दिखाई देगा जिसको सिलेक्ट करने के पश्चात आप submit बटन पर क्लिक कर सकते हैं। फिर यह जानकारी सीधे संबंधित नेटवर्क ऑपरेटर के पास पहुंच जाएगी। उसके पश्चात वह तुरंत ही जांच शुरू कर देंगे। जो व्यक्ति वह नंबर चला रहा है उस व्यक्ति के खिलाफ तुरंत ही कार्यवाही की जा सकेगी।

राजस्थान राज्य में संदिग्ध मोबाइल नंबर की सूची

गृह मंत्रालय की जांच एजेंसियों के द्वारा एक सूची जारी की गई है। जिसके द्वारा यह पता लगाया जा सकता है, कि इस समय संदिग्ध मोबाइल नंबर कितने हैं।

  • गृह मंत्रालय की जांच एजेंसियों के द्वारा ट्रेस किए गए मोबाइल नंबर की सूची के अनुसार जुलाई 2020 में 622 मोबाइल नंबर संदिग्ध थे।
  • अगस्त 2020 में 973 मोबाइल नंबर l
  • सितंबर से अक्टूबर 2020 में 1766 मोबाइल नंबर l
  • नवंबर से दिसंबर 2020 में 1577
  • जनवरी 2021 में 684
  • फरवरी 2021 में 714

ऐसा बताया जा रहा है, कि अगले महीने से इस पोर्टल की शुरूआत कर दी जाएगी। उसके पश्चात राजस्थान राज्य की आम जनता इस पोर्टल का लाभ उठा पाएगी और उपभोक्ता देख सकेगा,कि उसके नाम से कितने कनेक्शन है l यह पोर्टल टेलीकॉम एनालिटिक्स रोड मैनेजमेंट एंड कंजूमर प्रोटेक्शन ( Telecom Analytics Road Management and Consumer Protection ) के तहत विकसित किया गया है।

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