8 साल तक असफल लेकिन अब व्याख्याता बने “मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता है”

By | January 18, 2021

12वीं कक्षा तक पढ़ाई के बाद प्राइवेट नौकरी करने चले गए,फिर 2010 में पढ़ाई प्रारम्भ की और 2013 में स्नातक पास,2017 में राजनीति विज्ञान से पीजी, लगातार 8 साल असफल होने के बाद नौकरी लगे, भवानी सिंह का जीवन परिचय |

नमस्कार दोस्तों-“कहते है कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता है”Result Uniraj टीम आपको इस पेज में ऐसे ही व्यक्ति के बारे में बताने जा रही है | जिन्होंने 2007 कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई करने के बाद प्राइवेट क्षेत्र में नौकरी की तलाश में निकले और फिर 2010 पढ़ाई शुरू कर राजनीति विज्ञान व्याख्याता के पद पर नौकरी पाई |

सिरोही जिले कि पिण्डवाड़ा तहसील के एक छोटे से गांव भीमाना के मंगल सिंह राणावत के पुत्र भवानी सिंह राणावत ने जो कर दिखाया है, वे आज के युवाओं के लिए एक मिशाल बन गया है | भवानी सिंह ने लगातार आठ साल तक कड़ी मेहनत के बाद यह मुकाम हासिल किया है |

Bhawani-Singh-Ranawat-Sirohi
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ऐसा नहीं है कि उनको भी सफलता आसानी से मिल गई थी | उन्होंने करीब आठ से अधिक प्रतियोगिता परीक्षाओं में असफलता देखने के बाद में यह नौकरी हासिल की है | भवानी सिंह ने विधार्थियों के लिए भी एक सन्देश दिया है | आइये इस पेज में जानते है, भवानी सिंह का जीवन परिचय |

कौन है भवानी सिंह राणावत-

हमारी टीम आपको इस पैराग्राफ में उस Bhawani Singh Ranawat के जीवन परिचय के बारे में बता रही है | जिन्होंने लगातार आठ प्रतियोगिता परीक्षाओं में असफलता देखने के बाद व्याख्याता के पद पर नौकरी हासिल की है |

नाम भवानी सिंह राणावत (Bhawani Singh Ranawat)
पिता का नाम मंगल सिंह राणावत (mangal Singh ranawata)
गांव का नाम भीमाना (Bheemana)
तहसील पिण्डवाड़ा (Pindwada)
जिला सिरोही (राजस्थान)
12वीं कक्षा उत्तीर्ण वर्ष 2007
पिता का देहांत हुआ 2007
पुनः पढ़ाई शुरू की वर्ष 2012 में
स्नातक उत्तीर्ण वर्ष 2013 में
स्नातकोत्तर वर्ष 2017
इन परीक्षाओं में देखी असफलता LDC,रेलवे,RAS,विधुत विभाग,राजस्थान पुलिस आदि |
व्याख्याता पद पर चयन हुआ राजनीति विज्ञान विषय 442वीं रैंक

खुद पर विश्वास और भाई के निर्देशन से मिली सफलता-

Bhawani Singh Ranawat ने बताया कि मुंबई में नौकरी करते हुए उसने बहुत सी प्रतियोगिता परीक्षाओं में भाग लिया था | लेकिन लगातार असफलता ही हाशिल हो रही थी | लेकिन मेरे मन में केवल एक ही विचार था कि मुझे राजकीय सेवा में ही जाना है | इसके अलावा मेरे बड़े भाई नरेंद्र ने भी मुझे बहुत प्रेरित किया था,जिसकी बदौलत मुझे आज व्याख्याता के पद पर नौकरी मिली है |

इसलिए सोता कि सुबह जल्दी उठना है-

भवानी सिंह राणावत ने प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी का रहे बेरोजगार युवाओं को कहा है कि में जब तैयारी करता था | उस समय पढ़ते हुए मुझे कब रात के दो बज जाते थे,पता ही नहीं चल पाता था | में केवल इसकलिये नहीं सोता की नींद आ रही है,जबकि यह सोचकर सोता की सुबह चार बजे उठकर फिर से पढ़ना है | उन्होंने तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को एक ही सन्देश दिया है,

Bhawani Singh Ranawat Facebook page
Bhawani Singh Ranawat Facebook page

कि आप जब तैयारी करो तो बस आपके मन में जोश और जूनून होना जरुरी है | इसके बाद आप किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हो | इसलिए आप मन लगाकर मेहनत करते रहो, एक दिन आपको सफलता जरूर मिलेगी |

प्रथम प्रयास में व्याख्याता पद पर चयन हुआ-

प्रथम प्रयास में ही व्याख्याता राजनीति विज्ञान के पद पर 442वीं रैंक प्राप्त कर अंतिम रूप से चयन हुआ | Bhawani Singh Ranawat ने कहा कि सबको बस यही लगता है कि पहले ही प्रयास में मुझे व्याख्याता पद पर नौकरी मिल गई है | लेकिन जो तैयारी कर रहे बेरोजगार भाइयों को बता दूँ कि मैंने भी लगातार आठ प्रतियोगिता परीक्षाओं में असफलता देखी है|

लेकिन मेरे मन में केवल एक विचार था कि मुझे तो राजकीय सेवा में ही जाना है | क्योंकि दोस्तों प्राइवेट क्षेत्र का काम में खुद कर रहा था | इसलिए मुझे पता था कि प्राइवेट कंपनियों में काम करना कितना मुश्किल होता है | इसलिए आप आज जो तैयारी कर रहे हो वो प्राइवेट क्षेत्र के काम के सामने कुछ भी नहीं है|

आपके मन में कभी भी यह नहीं होना चाहिए कि सरकारी नौकरी नहीं लगी तो प्राइवेट काम कर लेंगे| तैयारी करो तो इस प्रकार से करो कि शादी,त्यौहार,उत्सव,दोस्तों से मिलना जुलना सब भूल जाओ |

नोट-दोस्तों आप भी कमेंट कर अपने भाई को व्याख्याता बन जाने पर बधाई जरूर देवे-धन्यवाद

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6 thoughts on “8 साल तक असफल लेकिन अब व्याख्याता बने “मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता है”

  1. unknown

    Sir aaj m bhi apne exam me fail ho gyi hu mera LDC me selection nhi hua. Mne soch liya tha ki kbhi koi exam nhi dungi pr apki kahani sunkr fir se hard work krna start krungi. Apko bhut bhut bdhai ho

    Reply

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