3rd Grade शिक्षक भर्ती 1998 में चयन होने के बाद भी नौकरी का इंतजार|

By | February 20, 2021

तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 1998 में चयनित होने के बाद ही नौकरी नहीं मिली,पिछले 22 साल से नौकरी का इंतजार कर रहे बेरोजगार,1998 में जिला परिषदों के माध्यम से हुई तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती से जुड़ा मामला |

नमस्कार दोस्तों-Result Uniraj टीम आपको इस पेज में 3rd Grade शिक्षक भर्ती 1998 से जुड़े मामले के बारे में सम्पूर्ण जानकारी बताएगी | राजस्थान सरकार ने वर्ष 1998 में तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती जिला परिषदों के माध्यम से आयोजित करवाई थी,लेकिन इस भर्ती में चयन होने के बाद भी करीब दो हजार से अधिक अभ्यर्थियों को नौकरी नहीं मिल पाई है |

वर्ष 1998 में निकली भर्ती में अभ्यर्थियों का चयन मैरिट के आधार पर किया गया था | लेकिन इसमें अंको का निर्धारण कुछ अलग प्रकार से किया गया था | इसमें 10% अंक गृह जिले और 5% अंक ग्रामीण मूल निवास के बोनस अंक देने का भी प्रावधान निर्धारित किया गया था |

3rd Grade शिक्षक भर्ती 1998 में चयन होने के बाद भी नौकरी का इंतजार|

इस प्रकार अंको के निर्धारण की वजह से कुछ अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय की शरण लेकर याचिका दायर कर दी थी | इसके बाद सरकार के आदेश जारी होने के बाद भी क्रियान्वयन नहीं हुआ | अधिक जानकारी के लिए आप इस पेज को आखिर तक जरूर पढ़े |

बोनस अंक देना विधि व संविधान सम्मत नहीं-

राजस्थान में वर्ष 1998 में जिला परिषदों के माध्यम से तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई थी | इस भर्ती प्रक्रिया में शिक्षकों का चयन भी मेरिट के आधार पर करना निर्धारित किया गया था | इसके अलावा बोनस अंक देने का प्रावधान भी निर्धारित किया गया था |

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राजस्थान तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में 10% अंक गृह जिले और 5% अंक ग्रामीण मूल निवास के बोनस अंक देने का भी प्रावधान निर्धारित किया गया था |लेकिन इस मामले में कुछ अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय की शरण लेकर याचिका दायर कर दी थी | अभ्यर्थियों द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आदेश किया कि जिले के आधार पर बोनस अंक देना विधि व संविधान सम्मत नहीं है | इसलिए अभ्यर्थियों की वरीयता सूची बनाई जाये |

आंदोलन करने की राह पर अभ्यर्थी-

राजस्थान सरकार की और से बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए भर्ती निकाले जाने के बाद बरती जाने वाली उदासीनता का खामियाजा प्रदेश के करीब दो हजा रसे अधिक चयनित अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ रहा है | वर्ष 1998 में जिला परिषद् के माध्यम से निकाली गई तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों को 22 साल का समय बीतने के बाद भी नियुक्ति नहीं मिल पाई है |

पिछले दो दशक से जिला कलक्टरों से लेकर मुख्यमंत्री लेवल तक ज्ञापन देने के बाद भी सुनवाई नहीं होने के बाद अब बेरोजगार अभ्यर्थी आंदोलन करने की राह पर चलने का मानस बना रहे है | इसके अलावा वंचित रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2003 और 2006 में नियुक्ति को लेकर आदेश जरिये थे,लेकिन क्रियान्वयन नहीं हो पाया |

इसके अलावा अखिल राजस्थान चयनित शिक्षक संघ 1998 के अध्यक्ष प्रदीप पालीवाल ने बताया कि नियुक्ति की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से समय माँगा है | विधायकों से भी मामले को विधानसभा में उठाने का आग्रह किया है | 18 फरवरी के बाद नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदेश के संबंधित जिलों के अभ्यर्थियों के साथ मिलकर रणनीति बनाएंगे | अगर आवश्यकता पड़ी तो आंदोलन भी किया जायेगा |

नोट-दोस्तों अगर आपको हमारी टीम द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी तो, आप इस सूचना को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे-धन्यवाद

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